Bihar Student Credit Card Scheme: बिहार के उन छात्रों के लिए जरूरी खबर है जो उच्च शिक्षा के लिए Student Credit Card Scheme के जरिए एजुकेशन लोन लेने की तैयारी कर रहे हैं। राज्य सरकार ने योजना की लोन सीमा में बदलाव किया है।

बिहार के उन छात्रों के लिए जरूरी खबर है जो उच्च शिक्षा के लिए Student Credit Card Scheme के जरिए एजुकेशन लोन लेने की तैयारी कर रहे हैं। राज्य सरकार ने योजना की लोन सीमा में बदलाव किया है। 2026-27 शैक्षणिक सत्र से योजना के तहत बिना ब्याज मिलने वाले लोन की सीमा घटाकर ₹2 लाख कर दी गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि छात्रों के लिए पढ़ाई का लोन पूरी तरह बंद हो गया है। अगर किसी छात्र को ₹2 लाख से ज्यादा रकम की जरूरत है तो उसे अतिरिक्त राशि के लिए बैंक से एजुकेशन लोन लेना होगा। इसके लिए केंद्र सरकार की PM Vidyalaxmi Scheme भी एक विकल्प है।
बिहार Student Credit Card Scheme के तहत पहले छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख तक एजुकेशन लोन मिलने की व्यवस्था थी। अब नई व्यवस्था में राज्य सरकार की योजना के तहत बिना ब्याज वाले लोन की सीमा ₹2 लाख कर दी गई है। यह बदलाव 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। इसलिए जिन छात्रों की पढ़ाई का खर्च ₹2 लाख से ज्यादा है उन्हें बाकी रकम के लिए अलग से एजुकेशन लोन का रास्ता अपनाना होगा।
अगर फीस, हॉस्टल, किताबें या पढ़ाई से जुड़े दूसरे खर्चों के लिए ₹2 लाख से ज्यादा की जरूरत है तो छात्र PM Vidyalaxmi Scheme के जरिए एजुकेशन लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए PM Vidyalaxmi Portal के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। छात्र अपनी जरूरत के अनुसार उपलब्ध बैंक का विकल्प चुनकर लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि यहां एक अहम अंतर समझना जरूरी है। ₹2 लाख तक की राज्य योजना वाली सुविधा और अतिरिक्त बैंक लोन एक जैसी व्यवस्था नहीं हैं। अतिरिक्त लोन पर ब्याज लागू हो सकता है, हालांकि पात्र छात्रों को केंद्र सरकार की ब्याज सहायता का फायदा मिल सकता है।
PM Vidyalaxmi Scheme के तहत पात्र छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। उपलब्ध योजना प्रावधानों के अनुसार ₹7.5 लाख तक के लोन पर 75% तक क्रेडिट गारंटी की सुविधा दी जा सकती है। इसके अलावा कुछ आय वर्ग के छात्रों के लिए ब्याज सहायता का प्रावधान भी है।
PM Vidyalaxmi के तहत परिवार की आय के आधार पर ब्याज सहायता का प्रावधान है। ₹4.5 लाख तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले पात्र छात्रों को निर्धारित शर्तों के तहत ब्याज में 100% सहायता मिल सकती है। वहीं ₹8 लाख तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले छात्रों के लिए 3% ब्याज सहायता का प्रावधान है।
PM Vidyalaxmi Scheme में टॉप 850 Quality Higher Education Institutions (QHEIs) में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए बिना किसी गारंटी के एजुकेशन लोन की सुविधा का प्रावधान बताया गया है। इसलिए छात्र को सिर्फ लोन की रकम देखने के बजाय यह भी जांचना चाहिए कि जिस संस्थान में वह एडमिशन ले रहा है वह संबंधित सूची और योजना की पात्रता शर्तों में आता है या नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार PM Vidyalaxmi के तहत लिए गए एजुकेशन लोन को चुकाने के लिए 15 साल तक की अवधि मिल सकती है। लंबी repayment अवधि का मतलब है कि छात्र को लोन चुकाने के लिए ज्यादा समय मिलता है। हालांकि अंतिम शर्तें बैंक और संबंधित लोन स्वीकृति के नियमों पर निर्भर करेंगी।
बिहार Student Credit Card Scheme में लोन की किस्त समय पर चुकाने वाले छात्रों के लिए ब्याज में 30% की छूट का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा छात्राओं, दिव्यांग छात्रों और ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए अतिरिक्त 10% ब्याज छूट का प्रावधान है। इसलिए छात्रों को लोन लेने के साथ उसकी repayment शर्तों को भी ध्यान से समझना चाहिए।
अगर आप बिहार Student Credit Card Scheme के तहत पढ़ाई के लिए लोन लेने वाले हैं तो सबसे पहले अपनी कुल जरूरत का हिसाब लगाएं। अगर आपकी जरूरत ₹2 लाख तक है तो नई व्यवस्था के तहत Student Credit Card Scheme की सुविधा आपके लिए उपयोगी हो सकती है। लेकिन अगर पढ़ाई का खर्च इससे ज्यादा है, तो अतिरिक्त रकम के लिए PM Vidyalaxmi या बैंक के एजुकेशन लोन विकल्पों की जानकारी लेना जरूरी होगा। आवेदन करने से पहले अपनी आय, कॉलेज/संस्थान, कोर्स, फीस और लोन की repayment शर्तों को जरूर जांचें।
नोट: लोन की मंजूरी, ब्याज दर, पात्रता और अंतिम शर्तें संबंधित योजना और बैंक के मौजूदा नियमों के अनुसार तय होंगी। आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर ताजा जानकारी जरूर जांचें।
विज्ञापन