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बीपीएससी 72वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद बिहार सरकार ने छात्र हित में यह बड़ा कदम उठाया है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से संचालित हज भवन कोचिंग एंड गाइडेंस सेल में मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के छात्रों को निशुल्क कोचिंग दी जाएगी।

बिहार में बीपीएससी की तैयारी कर रहे अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने बीपीएससी 72वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा को देखते हुए पटना के हज भवन में मुफ्त आवासीय कोचिंग की व्यवस्था शुरू की है। इस योजना के तहत छात्रों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि रहने और खाने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार की इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर तैयारी का मौका देना है।
बीपीएससी 72वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (प्रारंभिक) का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद बिहार सरकार ने छात्र हित में यह बड़ा कदम उठाया है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से संचालित हज भवन कोचिंग एंड गाइडेंस सेल में मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के छात्रों को निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। इस योजना के तहत योग्य छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया बिहार राज्य हज समिति की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए पूरी की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
इस कोचिंग में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया 25 मई से शुरू हो चुकी है और 4 जून शाम 6 बजे तक आवेदन किए जा सकते हैं। इसके बाद 5 और 6 जून को प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की सुविधा दी जाएगी। प्रवेश परीक्षा 7 जून को आयोजित होगी और इसका परिणाम 10 जून को जारी किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों का नामांकन 13 जून को होगा जबकि कक्षाएं 15 जून से शुरू कर दी जाएंगी। छात्रों को कोचिंग के साथ आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी तैयारी जारी रख सकें।
पटना के हज भवन कोचिंग एंड गाइडेंस सेल में छात्रों को कई सुविधाएं एक साथ दी जाएंगी। यहां गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के साथ अध्ययन सामग्री, नियमित टेस्ट और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा। इसके अलावा छात्रों के रहने के लिए वातानुकूलित छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध होगी। कोचिंग सेंटर में 24 घंटे लाइब्रेरी की सुविधा दी गई है ताकि छात्र अपनी तैयारी को बेहतर बना सकें। छात्रों के लिए साफ-सुथरे भोजनालय की व्यवस्था भी की गई है। विभाग की ओर से कहा गया है कि यह योजना खास तौर पर उन छात्रों के लिए शुरू की गई है जो आर्थिक कारणों से अच्छी कोचिंग नहीं ले पाते।
यह कोचिंग बिहार सरकार की राज्य कोचिंग योजना के तहत चलाई जा रही है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी युवाओं को मुख्यधारा की शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जोड़ना है। हज भवन के अधिकारियों के मुताबिक, यहां छात्रों को अनुशासित और पढ़ाई के अनुकूल माहौल दिया जाता है। साथ ही बीपीएससी जैसी बड़ी परीक्षाओं के लिए विशेष तैयारी कराई जाती है ताकि छात्र अच्छे परिणाम हासिल कर सकें।
हज भवन कोचिंग सेंटर पहले भी शानदार परिणाम दे चुका है। जानकारी के मुताबिक, 64वीं बीपीएससी परीक्षा में यहां के 51 छात्रों ने सफलता हासिल की थी। इनमें कई छात्र आज बिहार प्रशासनिक सेवा, डिप्टी कलेक्टर और अन्य सरकारी पदों पर काम कर रहे हैं। इसी सफलता को देखते हुए हर साल बड़ी संख्या में छात्र यहां आवेदन करते हैं। अब बीपीएससी 72वीं परीक्षा के लिए भी छात्रों को इस योजना से बड़ी उम्मीदें हैं।
इस योजना का लाभ केवल अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को मिलेगा। इसमें मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है ताकि छात्र आसानी से घर बैठे अपना फॉर्म भर सकें। सरकार की यह पहल उन युवाओं के लिए एक बड़ा मौका मानी जा रही है जो सिविल सेवा में जाकर राज्य और समाज की सेवा करना चाहते हैं।
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