Atal Bimit Vyakti Kalyan Yojana: इस योजना में कर्मचारी को अधिकतम 90 दिनों तक उसकी औसत सैलरी का 50 प्रतिशत हिस्सा आर्थिक सहायता के रूप में दिया जाता है। केंद्र सरकार ने इस योजना की अवधि को आगे बढ़ाने का फैसला किया है जिससे पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ मिलता रहेगा।

आज के समय में नौकरी का अचानक छूट जाना किसी भी कर्मचारी के लिए बड़ी आर्थिक परेशानी खड़ी कर सकता है। घर का खर्च, EMI, बच्चों की पढ़ाई और दूसरी जिम्मेदारियों के बीच बेरोजगारी का समय काफी मुश्किल भरा हो जाता है। ऐसे हालात में केंद्र सरकार की एक योजना कर्मचारियों के लिए राहत का सहारा बन सकती है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) के तहत नौकरी जाने की स्थिति में पात्र कर्मचारियों को बेरोजगारी राहत दी जाती है। इस योजना में कर्मचारी को अधिकतम 90 दिनों तक उसकी औसत सैलरी का 50 प्रतिशत हिस्सा आर्थिक सहायता के रूप में दिया जाता है। केंद्र सरकार ने इस योजना की अवधि को आगे बढ़ाने का फैसला किया है जिससे पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ मिलता रहेगा। आइए जानते हैं इस योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और क्लेम करने का पूरा तरीका।
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की एक महत्वपूर्ण योजना है जिसका उद्देश्य नौकरी गंवाने वाले बीमित कर्मचारियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। यह योजना ESI अधिनियम, 1948 की धारा 2(9) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए लागू की गई थी। इसे पहली बार 1 जुलाई 2018 को प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था। कर्मचारियों से मिले बेहतर रिस्पॉन्स के बाद सरकार ने इसकी अवधि को आगे बढ़ाया। इस योजना के तहत कर्मचारी को जीवन में केवल एक बार बेरोजगारी राहत राशि दी जाती है। शुरुआत में यह सहायता राशि वेतन की 25 प्रतिशत थी जिसे बाद में बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।
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अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत नौकरी छूटने के बाद पात्र कर्मचारी को 90 दिनों तक आर्थिक सहायता दी जाती है। अगर किसी कर्मचारी की आखिरी सैलरी 20,000 रुपये थी तो उसे इस योजना के तहत लगभग 10,000 रुपये प्रति माह के हिसाब से तीन महीने तक सहायता मिल सकती है। यह राशि कर्मचारी को उस समय आर्थिक सहारा देती है जब वह नई नौकरी की तलाश कर रहा होता है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए कर्मचारी को कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना होता है। सबसे पहले कर्मचारी का ESIC में पंजीकरण होना जरूरी है। इसके अलावा नौकरी जाने से पहले कर्मचारी कम से कम एक साल तक नौकरी में होना चाहिए। साथ ही इस अवधि के दौरान कर्मचारी की ओर से कम से कम 78 दिनों तक ESIC में अंशदान जमा किया गया होना चाहिए। योजना का लाभ केवल उन्हीं बीमित कर्मचारियों को मिलेगा जो ESIC के नियमों के अनुसार पात्र पाए जाएंगे।
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के लिए अलग से कोई नया रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होती। अगर कर्मचारी पहले से ESIC में पंजीकृत है और पात्रता की सभी शर्तें पूरी करता है तो वह बेरोजगारी राहत के लिए क्लेम कर सकता है। नौकरी छूटने के 30 दिन बाद कर्मचारी इस योजना के तहत बेरोजगारी भत्ते के लिए दावा कर सकता है। क्लेम करने के लिए कर्मचारी को ESIC के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज करनी होती है।
कर्मचारी को सबसे पहले ESIC की वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद Employee Portal में जाकर ABVKY Eligibility विकल्प को चुनना होगा। यहां कर्मचारी को अपना इंश्योरेंस नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर पर आए OTP से सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जानकारी और पात्रता की जांच के बाद क्लेम को आगे बढ़ाया जाता है और मंजूरी मिलने पर सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है।
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत क्लेम करने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। इनमें आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और शपथ पत्र जैसे दस्तावेज शामिल हैं। कर्मचारी को क्लेम फॉर्म के साथ इन दस्तावेजों को नजदीकी ESIC ब्रांच या डिस्पेंसरी कम ब्रांच ऑफिस (DCBO) में जमा करना होता है। इसके अलावा कर्मचारी इन दस्तावेजों को डाक के माध्यम से भी भेज सकता है।
बेरोजगारी का समय किसी भी कर्मचारी के लिए आर्थिक और मानसिक दबाव वाला हो सकता है। ऐसे समय में सरकार की यह योजना कुछ समय के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। ABVKY योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को तुरंत राहत देना है ताकि वे बिना ज्यादा आर्थिक परेशानी के नई नौकरी की तलाश कर सकें।
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