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E-Shram Card: ई-श्रम कार्ड एक ऐसा पहचान पत्र है जिसे असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए जारी किया जाता है। इस कार्ड के जरिए सरकार मजदूरों का एक बड़ा आंकड़ा तैयार करती है ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें सीधा लाभ पहुंचाया जा सके।

भारत में करोड़ों लोग ऐसे हैं जो रोज मेहनत करके अपना घर चलाते हैं। कोई दिहाड़ी मजदूरी करता है, कोई रिक्शा चलाता है, कोई घरों में काम करता है तो कोई छोटे दुकानों और कारखानों में मेहनत करता है। ऐसे लोगों के पास अक्सर स्थायी नौकरी या बड़ी सुविधाएं नहीं होतीं। इन्हीं मेहनतकश लोगों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ई-श्रम कार्ड योजना शुरू की। यह योजना असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को पहचान देने और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए बनाई गई है। आज के समय में ई-श्रम कार्ड लाखों मजदूरों और कामगारों के लिए सहारा बनता जा रहा है।
ई-श्रम कार्ड एक ऐसा पहचान पत्र है जिसे असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए जारी किया जाता है। इस कार्ड के जरिए सरकार मजदूरों का एक बड़ा आंकड़ा तैयार करती है ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें सीधा लाभ पहुंचाया जा सके। इस कार्ड में श्रमिक को एक विशेष संख्या दी जाती है जो पूरे देश में मान्य होती है। सरकार का उद्देश्य यह है कि मजदूरों को भविष्य में पेंशन, बीमा और दूसरी सरकारी सहायता आसानी से मिल सके। यही वजह है कि इस योजना को गरीब और मेहनतकश लोगों के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
ई-श्रम कार्ड का लाभ वही लोग ले सकते हैं जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। इसमें दिहाड़ी मजदूर, निर्माण कार्य करने वाले श्रमिक, घरेलू कामगार, रिक्शा चालक, सब्जी विक्रेता, खेतों में काम करने वाले मजदूर और छोटे काम-धंधे से जुड़े लोग शामिल हैं। इस योजना के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की उम्र 16 साल से 59 साल के बीच होनी चाहिए। साथ ही उसके पास आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर होना जरूरी है। आयकर देने वाले लोग इस योजना का लाभ नहीं ले सकते।
ई-श्रम कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके जरिए श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा जाता है। कार्ड धारकों को दुर्घटना बीमा का लाभ मिलता है। अगर किसी श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है। आंशिक विकलांगता की स्थिति में भी मदद का प्रावधान है। इसके अलावा सरकार की कई योजनाओं का लाभ भी ई-श्रम कार्ड धारकों को आसानी से मिल सकता है। भविष्य में पेंशन जैसी सुविधाएं भी इससे जुड़ी हुई हैं जिससे मजदूरों को बुजुर्ग होने पर सहारा मिल सके।
ई-श्रम कार्ड के लिए आवेदन करना काफी आसान रखा गया है। कोई भी पात्र व्यक्ति अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र जाकर आवेदन कर सकता है। इसके अलावा घर बैठे भी पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण किया जा सकता है। आवेदन के समय आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी की जरूरत पड़ती है। पंजीकरण के बाद श्रमिक का कार्ड तैयार हो जाता है जिसे डाउनलोड भी किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा मजदूर इसका लाभ ले सकें।
पंजीकरण पूरा होने के बाद ई-श्रम कार्ड को मोबाइल नंबर, आधार संख्या या विशेष पहचान संख्या की मदद से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके लिए पोर्टल पर जाकर जरूरी जानकारी भरनी होती है। उसके बाद कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देने लगता है और उसे डाउनलोड किया जा सकता है। आजकल कई लोग अपने मोबाइल में ही ई-श्रम कार्ड सुरक्षित रख लेते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत दिखाया जा सके।
ई-श्रम कार्ड धारक अपने भुगतान की स्थिति भी आसानी से देख सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर जाकर जानकारी भरनी होती है। वहां यह पता चल जाता है कि किसी योजना का पैसा खाते में आया है या नहीं। इसके अलावा कार्ड की स्थिति और खाते की जानकारी भी देखी जा सकती है। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर की सुविधा भी दी है ताकि किसी परेशानी की स्थिति में श्रमिक मदद ले सकें।
आज के समय में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के पास सुरक्षा की सुविधाएं बहुत कम होती हैं। बीमारी, दुर्घटना या काम बंद होने जैसी स्थिति में उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में ई-श्रम कार्ड उनके लिए एक सहारा बन सकता है। यह सिर्फ एक कार्ड नहीं बल्कि मेहनतकश लोगों को सरकारी व्यवस्था से जोड़ने का माध्यम है। आने वाले समय में इससे और भी कई योजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है इसलिए बड़ी संख्या में लोग इस योजना से जुड़ रहे हैं।
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