Life Certificate: आज इसके लिए Jeevan Pramaan Digital Life Certificate की सुविधा भी उपलब्ध है। यह Aadhaar आधारित डिजिटल प्रक्रिया है जिसमें पेंशनर की पहचान का प्रमाणीकरण किया जाता है।

अगर आप EPS-95 के पेंशनर हैं तो आपके लिए Life Certificate यानी जीवन प्रमाण पत्र बेहद जरूरी दस्तावेज है। पेंशन जारी रखने के लिए पेंशन देने वाली संस्था को समय-समय पर यह पुष्टि करनी होती है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति जीवित है। अगर Life Certificate की वैधता खत्म हो जाती है और नया प्रमाणपत्र समय पर जमा नहीं होता तो पेंशन के भुगतान में रुकावट आ सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पेंशन हमेशा के लिए बंद हो जाती है। नया प्रमाणपत्र जमा और जरूरी सत्यापन पूरा होने के बाद भुगतान फिर शुरू किया जा सकता है।
Life Certificate ऐसा प्रमाणपत्र है जिसके जरिए पेंशन देने वाली संस्था को पेंशनर के जीवित होने की पुष्टि होती है। इसे बैंक, पोस्ट ऑफिस या संबंधित पेंशन वितरण एजेंसी के जरिए जमा किया जा सकता है। आज इसके लिए Jeevan Pramaan Digital Life Certificate की सुविधा भी उपलब्ध है। यह Aadhaar आधारित डिजिटल प्रक्रिया है जिसमें पेंशनर की पहचान का प्रमाणीकरण किया जाता है।
पेंशन जारी रखने के लिए पेंशन वितरण एजेंसी को पेंशनर की पहचान और जीवित होने की पुष्टि की जरूरत होती है। इसलिए पेंशनर को अपने Life Certificate की वैधता और अगली जरूरत की तारीख पर ध्यान देना चाहिए। जीवन प्रमाण की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, Digital Life Certificate की वैधता हमेशा के लिए नहीं होती। इसकी अवधि संबंधित Pension Sanctioning Authority के नियमों के अनुसार तय होती है। वैधता खत्म होने के बाद नया प्रमाणपत्र बनाना पड़ता है।
अब कई पेंशनर मोबाइल के जरिए भी Digital Life Certificate बना सकते हैं। जीवन प्रमाण Face App में फोन के कैमरे की मदद से Face Authentication की सुविधा दी गई है। इसके लिए अलग से बायोमेट्रिक डिवाइस की जरूरत नहीं होती। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, मौजूदा Face App के लिए Android पर Android 10 या उससे ऊपर और iPhone पर iOS 14 या उससे ऊपर की जरूरत है। Face Authentication के लिए AadhaarFace RD ऐप भी जरूरी है।
Digital Life Certificate सफलतापूर्वक बनने के बाद पेंशनर को Pramaan ID मिलती है। इसकी जानकारी मोबाइल पर भी भेजी जा सकती है। Jeevan Pramaan के अनुसार Digital Life Certificate संबंधित Pension Disbursing Agency को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से उपलब्ध हो जाता है, इसलिए इसे अलग से बैंक में जाकर जमा करने की जरूरत नहीं होती। फिर भी पेंशनर को अपना प्रमाण ID संभालकर रखना चाहिए और प्रमाणपत्र की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए। आधिकारिक पोर्टल पर Certificate की स्थिति डाउनलोड करके देखी जा सकती है।
अगर किसी पेंशनर के पास स्मार्टफोन नहीं है या वह खुद Face Authentication नहीं कर पा रहा है तो Digital Life Certificate बनवाने के दूसरे रास्ते भी हैं। पेंशनर नजदीकी CSC, बैंक, पोस्ट ऑफिस या उपलब्ध Jeevan Pramaan Centre पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है। Jeevan Pramaan की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ऐसे केंद्रों पर पेंशनर की जानकारी लेकर आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए Digital Life Certificate बनाया जा सकता है।
पेंशनर को अपने पिछले Life Certificate की तारीख और उसकी वैधता जरूर जांचनी चाहिए। इसकी कोई एक ऐसी तारीख नहीं है जो हर पेंशनर पर लागू हो। वैधता संबंधित पेंशन अथॉरिटी के नियमों के अनुसार हो सकती है। इसलिए सिर्फ किसी तय महीने या तारीख का इंतजार करने के बजाय अपने पिछले प्रमाणपत्र की स्थिति जांचना बेहतर है। अगर नया Life Certificate जरूरी है तो उसे समय रहते बनवा लें।
अगर Life Certificate की वैधता खत्म हो गई और नया प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है तो पेंशन भुगतान में रुकावट आ सकती है। ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। नया प्रमाणपत्र बनाकर संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के बाद पेंशन दोबारा शुरू की जा सकती है। हालांकि, रुकी हुई राशि कब और किस प्रक्रिया से जारी होगी यह संबंधित पेंशन वितरण एजेंसी और नियमों पर निर्भर करेगा।
EPS-95 पेंशनर्स को अपने Life Certificate, Aadhaar, PPO और बैंक से जुड़ी जानकारी अपडेट और सही रखनी चाहिए। Digital Life Certificate बनाते समय किसी भी जानकारी को अनुमान से न भरें। सबसे जरूरी बात यह है कि Life Certificate की वैधता खत्म होने का इंतजार न करें। अपनी पिछली जमा तारीख और प्रमाणपत्र की स्थिति पहले से जांच लें। घर से सुविधा उपलब्ध है तो Jeevan Pramaan Face App का इस्तेमाल किया जा सकता है और तकनीकी परेशानी होने पर नजदीकी CSC, बैंक या पोस्ट ऑफिस से मदद ली जा सकती है।
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