LIC Bima Sakhi Yojana: ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के बीच यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इसमें अनुभव की बजाय सीखने और आगे बढ़ने का अवसर दिया जाता है।

अगर आप ऐसी सरकारी योजना की तलाश में हैं जहां सीखने के साथ कमाई का भी मौका मिले तो भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की बीमा सखी योजना आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकती है। यह योजना खासतौर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसमें महिलाओं को सिर्फ बीमा एजेंट बनने का अवसर ही नहीं मिलता बल्कि शुरुआती तीन वर्षों तक निश्चित स्टाइपेंड और प्रोफेशनल ट्रेनिंग भी दी जाती है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के बीच यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इसमें अनुभव की बजाय सीखने और आगे बढ़ने का अवसर दिया जाता है। अगर महिला मेहनत और लगन से काम करती है तो स्टाइपेंड के साथ-साथ कमीशन के जरिए उसकी आय और भी बढ़ सकती है।
एलआईसी बीमा सखी योजना महिलाओं को बीमा क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर देती है। इस योजना के तहत चयनित महिलाओं को एलआईसी की ओर से प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे बीमा उत्पादों की जानकारी हासिल कर सकें और ग्राहकों को सही सलाह दे सकें। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाएं एलआईसी एजेंट के रूप में काम करती हैं और पॉलिसी बेचने पर कमीशन भी प्राप्त करती हैं। योजना का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार के साथ आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा जागरूकता बढ़ाना है।
बीमा सखी योजना की सबसे खास बात इसका स्टाइपेंड है। योजना से जुड़ने वाली महिलाओं को पहले वर्ष हर महीने 7,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है। दूसरे वर्ष यह राशि 6,000 रुपये प्रति माह और तीसरे वर्ष 5,000 रुपये प्रति माह हो जाती है। इसके अलावा पॉलिसी बिक्री पर मिलने वाला कमीशन अलग से मिलता है। यानी अच्छी मेहनत करने वाली महिलाओं की मासिक आय स्टाइपेंड से भी अधिक हो सकती है।
इस योजना का लाभ 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं उठा सकती हैं। आवेदन करने के लिए कम से कम 10वीं पास होना जरूरी है। एलआईसी ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को इस योजना में प्राथमिकता देती है ताकि अधिक से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। हालांकि, एलआईसी के मौजूदा एजेंटों और कर्मचारियों के कुछ रिश्तेदार इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जाते।
योजना के तहत महिलाओं को सिर्फ स्टाइपेंड नहीं मिलता बल्कि उन्हें बीमा क्षेत्र से जुड़ी व्यावहारिक ट्रेनिंग भी दी जाती है। तीन वर्षों के प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ग्राहकों से संवाद, बीमा योजनाओं की जानकारी और पॉलिसी से जुड़े जरूरी पहलुओं की जानकारी दी जाती है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाएं एलआईसी एजेंट के रूप में अपना करियर आगे बढ़ा सकती हैं। हालांकि, योजना के तहत पहले वर्ष में बेची गई कम से कम 65 प्रतिशत पॉलिसियों का सक्रिय रहना जरूरी होता है।
बीमा सखी योजना केवल तय स्टाइपेंड तक सीमित नहीं है। यदि कोई महिला अधिक पॉलिसियां बेचती है और अपने बिक्री लक्ष्य को पूरा करती है या उससे आगे निकलती है तो उसे अतिरिक्त कमीशन भी मिलता है। यही वजह है कि कई महिलाएं इस योजना के जरिए नियमित स्टाइपेंड के अलावा अच्छी अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।
एलआईसी बीमा सखी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक महिलाएं एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन फॉर्म भर सकती हैं। आवेदन के दौरान आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। सभी जरूरी जानकारी भरने और दस्तावेज जमा करने के बाद आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
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