Old Age Pension: राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत मिलने वाली इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में 60 से 79 साल की उम्र के पात्र लाभार्थियों को केंद्र की ओर से ₹200 प्रति माह दिए जाते हैं।

देश के लाखों बुजुर्गों को मिलने वाली ₹200 मासिक वृद्धावस्था पेंशन को लेकर सरकार ने संसद में अहम जानकारी दी है। पिछले करीब 19 साल से इस केंद्रीय पेंशन राशि में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब जब इसे बढ़ाने को लेकर सवाल पूछा गया तो केंद्र सरकार ने साफ कहा कि फिलहाल राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने 11 अगस्त को लोकसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। कांग्रेस सांसद सुनील बोस ने सरकार से पूछा था कि क्या मौजूदा पेंशन राशि को पर्याप्त माना गया है और क्या इसे बढ़ाने की कोई योजना है।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत मिलने वाली इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में 60 से 79 साल की उम्र के पात्र लाभार्थियों को केंद्र की ओर से ₹200 प्रति माह दिए जाते हैं। 80 साल या उससे अधिक उम्र होने पर केंद्रीय सहायता की राशि बढ़कर ₹500 प्रति माह हो जाती है। सरकार के अनुसार, मौजूदा समय में NSAP के तहत करीब 3.09 करोड़ लाभार्थी कवर हैं।
लोकसभा में दिए जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि फिलहाल NSAP के तहत केंद्रीय सहायता की दर में बदलाव का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मंत्री के अनुसार, ग्रामीण विकास मंत्रालय और नीति आयोग समय-समय पर इन योजनाओं के असर और उनके क्रियान्वयन का आकलन करते हैं। सरकार ने इन आकलनों के आधार पर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को संतोषजनक बताया है। सरकार का कहना है कि ज्यादातर लाभार्थियों ने पेंशन के चयन, मंजूरी और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर संतुष्टि जताई है।
NSAP के तहत अलग-अलग वर्गों के लिए केंद्रीय सहायता की राशि अलग है।
60 से 79 वर्ष के बुजुर्ग: ₹200 प्रति माह
80 वर्ष और उससे अधिक उम्र: ₹500 प्रति माह
18 वर्ष से अधिक उम्र के दिव्यांग लाभार्थी: ₹300 प्रति माह
40 वर्ष से अधिक उम्र की विधवा महिलाएं: ₹300 प्रति माह
यहां दी गई राशि केंद्रीय सहायता से जुड़ी है। इसके अलावा राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अपने स्तर से अतिरिक्त राशि दे सकते हैं।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य और केंद्रशासित प्रदेश चाहें तो केंद्रीय सहायता के अलावा अपने संसाधनों से अतिरिक्त आर्थिक मदद दे सकते हैं। सरकार के मुताबिक, अलग-अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में केंद्रीय सहायता के ऊपर दी जाने वाली अतिरिक्त राशि ₹50 से लेकर ₹3,800 प्रति लाभार्थी प्रति माह तक है।
केंद्र सरकार के अनुसार, पेंशन की राशि से लाभार्थियों को भोजन और स्वास्थ्य देखभाल जैसी जरूरी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। सरकार का कहना है कि इससे इन खर्चों के लिए परिवार के सदस्यों पर उनकी निर्भरता कम करने में भी मदद मिली है। हालांकि, पेंशन की मौजूदा राशि को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने ₹200 और ₹300 की मासिक पेंशन को बुजुर्गों और विधवा महिलाओं के लिए कम बताया है। उनका कहना है कि NSAP की राशि को महंगाई के हिसाब से नहीं बढ़ाया गया है और लंबे समय से इसमें बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने BPL सूची से जुड़े मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, कई गरीब लोग सिर्फ इसलिए योजना का लाभ नहीं ले पाते क्योंकि उनका नाम संबंधित BPL सूची में नहीं होता।
ग्रामीण विकास संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने भी NSAP की पेंशन राशि में लंबे समय से बदलाव नहीं होने का मुद्दा उठाया है। 11 अगस्त को संसद के सामने रखी गई समिति की सिफारिश में पेंशन राशि में संशोधन के मुद्दे पर ध्यान देने की बात कही गई। समिति ने कहा कि इस मामले में नए सिरे से और तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।
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