PM Fasal Bima Yojana: इस फैसले से उन हजारों किसानों को फायदा मिलेगा जो किसी कारणवश समय पर अपनी फसलों का बीमा नहीं करा पाए थे। योजना के तहत ऋणी किसान, गैर-ऋणी किसान और बटाईदार किसान अपनी फसलों का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से आर्थिक सुरक्षा हासिल कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2026 की फसलों का बीमा कराने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। अब किसान अपनी खरीफ फसलों का बीमा 16 अगस्त 2026 तक करा सकेंगे। पहले इसकी अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई थी जिसे बढ़ाकर 16 अगस्त कर दिया गया है। इस फैसले से उन हजारों किसानों को फायदा मिलेगा जो किसी कारणवश समय पर अपनी फसलों का बीमा नहीं करा पाए थे। योजना के तहत ऋणी किसान, गैर-ऋणी किसान और बटाईदार किसान अपनी फसलों का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से आर्थिक सुरक्षा हासिल कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2026 के लिए फसल बीमा की अंतिम तारीख बढ़ाने का फैसला किसानों के हित में लिया गया है। किसान अब 16 अगस्त 2026 तक अपनी खरीफ फसलों का बीमा करा सकते हैं। आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य किसानों की आय को सुरक्षित करना और खेती में होने वाले जोखिम को कम करना है। इस योजना के तहत सूखा, अत्यधिक बारिश, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात, जलभराव और अन्य अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं से फसल को नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
किसान अपनी खरीफ फसलों का बीमा कराने के लिए राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल, नजदीकी बैंक, सहकारी समिति, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या अन्य अधिकृत वित्तीय संस्थानों का सहारा ले सकते हैं। वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने योजना के संचालन के लिए चार बीमा कंपनियों का चयन किया है जो अलग-अलग जिलों में किसानों को बीमा सुविधा उपलब्ध कराएंगी।
योजना से जुड़े किसानों के लिए कुछ जरूरी तारीखें भी तय की गई हैं। गैर-ऋणी किसानों के लिए एग्रीस्टैक आईडी अनिवार्य बताई गई है। इसके अलावा किसान 14 अगस्त 2026 तक अपनी बीमित फसल के नाम में जरूरी संशोधन करवा सकते हैं। वहीं जो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं वे 9 अगस्त 2026 तक संबंधित वित्तीय संस्था में घोषणा-पत्र जमा कर योजना से बाहर होने का विकल्प चुन सकते हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को कम प्रीमियम देकर फसलों का बीमा कराने की सुविधा दी गई है। खरीफ की खाद्यान्न, दलहन और तिलहन फसलों के लिए किसानों को केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। वहीं रबी की खाद्यान्न, दलहन और तिलहन फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत और वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम निर्धारित किया गया है। बाकी प्रीमियम राशि का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किया जाता है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते अपनी खरीफ फसलों का बीमा जरूर करा लें। प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में फसल बीमा योजना किसानों को आर्थिक सहारा देने में मदद करती है।
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