PPF Tax Benefit: PPF, सुकन्या समृद्धि योजना, NSC, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट जैसी योजनाओं को चुनने से पहले यह समझना जरूरी है कि इनमें कितना रिटर्न मिल रहा है, पैसा कितने समय के लिए जमा रहेगा और टैक्स का फायदा किस स्थिति में मिलेगा।

पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाएं उन लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं जो अपने पैसे को सुरक्षित जगह पर लगाना चाहते हैं। इन योजनाओं में सरकार का समर्थन होने के साथ-साथ कई स्कीम्स में टैक्स से जुड़े फायदे भी मिलते हैं। हालांकि, हर योजना में टैक्स का नियम एक जैसा नहीं है। PPF, सुकन्या समृद्धि योजना, NSC, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट जैसी योजनाओं को चुनने से पहले यह समझना जरूरी है कि इनमें कितना रिटर्न मिल रहा है, पैसा कितने समय के लिए जमा रहेगा और टैक्स का फायदा किस स्थिति में मिलेगा।
अगर आपका मकसद टैक्स बचाना है तो सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि आप पुरानी टैक्स व्यवस्था चुन रहे हैं या नई। मौजूदा नियमों के मुताबिक, पुरानी टैक्स व्यवस्था में Section 80C के तहत योग्य निवेश और भुगतान पर कुल मिलाकर 1.50 लाख रुपये तक की deduction मिल सकती है। इसमें PPF और NSC जैसे निवेश शामिल हैं। नई टैक्स व्यवस्था डिफॉल्ट व्यवस्था है और इसमें सामान्य 80C deduction का फायदा नहीं मिलता। इसलिए सिर्फ यह देखकर निवेश करना सही नहीं होगा कि कोई योजना टैक्स बचाती है। पहले यह देखना जरूरी है कि आपके लिए कौन-सी टैक्स व्यवस्था लागू है और आप किस व्यवस्था का विकल्प चुन रहे हैं।
Public Provident Fund (PPF) लंबे समय के लिए निवेश करने वालों की लोकप्रिय योजनाओं में से एक है। इसमें निवेश पर Section 80C के तहत deduction का फायदा पुरानी टैक्स व्यवस्था में लिया जा सकता है बशर्ते निवेशक की कुल 80C सीमा में जगह बची हो। PPF की खासियत सिर्फ टैक्स deduction नहीं है। इसमें मिलने वाला ब्याज और नियमों के अनुसार Maturity पर मिलने वाली रकम भी टैक्स के लिहाज से आकर्षक मानी जाती है। इसका निवेश लंबी अवधि का होता है, इसलिए यह उन लोगों के लिए ज्यादा उपयुक्त हो सकता है जो भविष्य के लिए धीरे-धीरे बड़ा फंड बनाना चाहते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) खास तौर पर बेटियों के भविष्य के लिए बनाई गई है। इसमें निवेश पर पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत Section 80C का लाभ मिल सकता है। इसके अलावा योजना की ब्याज और Maturity से जुड़ी टैक्स व्यवस्था भी इसे दूसरी छोटी बचत योजनाओं से अलग बनाती है। हालांकि, SSY हर निवेशक के लिए उपलब्ध सामान्य योजना नहीं है। यह पात्र बालिका के नाम पर निर्धारित नियमों के अनुसार खोली जाती है। इसलिए इसे PPF या NSC की तरह सभी निवेशकों के लिए सीधा विकल्प मानना सही नहीं होगा।
National Savings Certificate यानी NSC भी टैक्स बचाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पोस्ट ऑफिस योजनाओं में शामिल है। पुरानी टैक्स व्यवस्था में NSC में किया गया योग्य निवेश Section 80C की कुल 1.50 लाख रुपये की सीमा में शामिल हो सकता है। NSC की एक खास बात इसका ब्याज है। योजना के नियमों के तहत ब्याज को हर साल खाते में जोड़ने की व्यवस्था होती है। हालांकि, NSC का टैक्स फायदा समझते समय यह देखना जरूरी है कि deduction और ब्याज पर टैक्स के नियम अलग-अलग हैं। इसलिए केवल ब्याज दर देखकर इसे PPF या SSY से बेहतर कहना सही नहीं होगा।
Senior Citizens Savings Scheme यानी SCSS वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई है। यह उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जिन्हें सुरक्षित निवेश के साथ नियमित ब्याज आय की जरूरत होती है। SCSS में पात्र निवेश पर पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत Section 80C का लाभ मिल सकता है लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। योजना से मिलने वाला ब्याज अपने आप पूरी तरह टैक्स फ्री नहीं हो जाता। ब्याज पर लागू टैक्स नियम अलग होते हैं और निवेशक की कुल आय तथा अन्य परिस्थितियों पर इसका असर पड़ सकता है। इसलिए SCSS को चुनते समय सिर्फ ब्याज दर नहीं बल्कि आपकी उम्र, आय और टैक्स व्यवस्था को भी ध्यान में रखना चाहिए।
पोस्ट ऑफिस की 5 साल की Time Deposit भी टैक्स बचत के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। इसके लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था में Section 80C के नियम लागू होते हैं। हालांकि, इसका ब्याज PPF जैसा पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं माना जाता। यानी यहां निवेश पर मिलने वाली deduction और ब्याज पर लगने वाले टैक्स को अलग-अलग समझना जरूरी है।
Post Office Monthly Income Scheme (POMIS) नियमित आय चाहने वाले निवेशकों के लिए बनाई गई है लेकिन इसमें निवेश करने मात्र से Section 80C की deduction नहीं मिलती। इसी तरह Kisan Vikas Patra (KVP) में भी निवेश पर Section 80C deduction उपलब्ध नहीं है। इसलिए अगर आपका मुख्य लक्ष्य सिर्फ income tax बचाना है तो इन दोनों योजनाओं को PPF, SSY या NSC के साथ एक जैसा नहीं समझना चाहिए।
इसका एक ही जवाब हर व्यक्ति के लिए सही नहीं हो सकता। अगर आप लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश और टैक्स लाभ चाहते हैं तो PPF एक मजबूत विकल्प हो सकता है। बेटी के भविष्य के लिए पात्र हैं तो SSY खास योजना है। वहीं निश्चित अवधि के निवेश के साथ Section 80C का विकल्प तलाश रहे हैं तो NSC पर विचार किया जा सकता है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टैक्स बचत का फायदा तभी मिलेगा जब आप पुरानी टैक्स व्यवस्था में हों और आपकी 80C की कुल सीमा में जगह उपलब्ध हो। नई टैक्स व्यवस्था में सामान्य Section 80C deduction का लाभ नहीं मिलता।
किसी भी पोस्ट ऑफिस स्कीम में पैसा लगाने से पहले सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला न करें। यह भी देखें कि आपका पैसा कितने समय के लिए लॉक रहेगा, आपको बीच में पैसों की जरूरत पड़ सकती है या नहीं और आपकी टैक्स व्यवस्था कौन-सी है। इसके अलावा, 80C की 1.50 लाख रुपये की सीमा कई योग्य निवेश और भुगतानों के लिए संयुक्त सीमा है। अगर आपने पहले से EPF, लाइफ इंश्योरेंस, होम लोन प्रिंसिपल या दूसरे योग्य विकल्पों में निवेश किया हुआ है तो पूरी 1.50 लाख रुपये की सीमा किसी एक पोस्ट ऑफिस स्कीम में अलग से नहीं मिलती।
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