PM Krishi Sinchai Yojana: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों को आधुनिक सिंचाई व्यवस्था अपनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। खासतौर पर ड्रिप सिंचाई प्रणाली और पोर्टेबल स्प्रेयर जैसे उपकरणों पर सरकार सब्सिडी उपलब्ध कराती है।

खेती में सबसे बड़ी जरूरत समय पर सिंचाई की होती है। अगर पानी की सही व्यवस्था हो जाए तो फसल की पैदावार भी बढ़ती है और किसानों का खर्च भी कम होता है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) चला रही है। इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक सिंचाई उपकरणों पर भारी सब्सिडी दी जाती है ताकि कम पानी में भी बेहतर खेती की जा सके। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए भी यह योजना काफी फायदेमंद साबित हो रही है। गाजीपुर जिले के बागवानी अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ लें। उन्होंने कहा कि जिन किसान भाइयों को पहले से किसी अन्य कृषि योजना का लाभ मिल रहा है उन्हें भी जरूरत के अनुसार इस योजना से जोड़ा जा रहा है ताकि उन्हें खेती के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों को आधुनिक सिंचाई व्यवस्था अपनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। खासतौर पर ड्रिप सिंचाई प्रणाली और पोर्टेबल स्प्रेयर जैसे उपकरणों पर सरकार सब्सिडी उपलब्ध कराती है। इन तकनीकों की मदद से पानी की बचत होती है, फसल को जरूरत के अनुसार सिंचाई मिलती है और खेती की लागत भी कम होती है।
अगर कोई किसान इस योजना का लाभ लेना चाहता है तो उसे सबसे पहले आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद संबंधित विभाग किसान की जानकारी और दस्तावेजों की जांच करता है। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही किसान को योजना का लाभ दिया जाता है। बागवानी अधिकारी ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद खेत का सत्यापन भी किया जाता है। इसके बाद विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जाती है और पात्र पाए जाने पर सब्सिडी का लाभ दिया जाता है।
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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में आवेदन करने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। इनमें किसान का आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी और खेत से जुड़ी जरूरी जानकारी शामिल होती है। दस्तावेज जमा होने के बाद संबंधित अधिकारी और अधिकृत डीलर खेत का निरीक्षण करते हैं। निरीक्षण के दौरान खेत की जियो टैग फोटो भी ली जाती है, जिसे प्रशासन के पास भेजा जाता है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही किसान को योजना का लाभ मिल पाता है।
ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीक अपनाने से पानी की काफी बचत होती है और फसल की गुणवत्ता में भी सुधार आता है। कम पानी में ज्यादा क्षेत्र की सिंचाई की जा सकती है जिससे बिजली और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी घटता है। यही वजह है कि सरकार किसानों को इस दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए भारी सब्सिडी दे रही है।
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