प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत छत्तीसगढ़ में 2.80 लाख नए घरों को मंजूरी दी गई है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। सरकार ने पीएम आवास योजना के लिए 4000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है जिसमें से बड़ी राशि जारी भी की जा चुकी है।

छत्तीसगढ़ के लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पक्के घर का सपना देख रहे लोगों को अब राहत मिलने वाली है क्योंकि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत राज्य में 2 लाख 80 हजार नए आवासों को मंजूरी दे दी है। इनमें से 2 लाख 65 हजार घरों का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है जिससे साफ है कि योजना तेजी से जमीन पर उतर रही है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर आवासों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास व शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर हाल ही में छत्तीसगढ़ दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि पीएम आवास योजना (शहरी) के लिए 4000 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है जिसमें से 3550 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। ये सभी मकान प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत बनाए जा रहे हैं और सरकार का फोकस समय पर निर्माण पूरा कराने पर है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कुल चार श्रेणियां आती हैं जिनमें से एक महत्वपूर्ण श्रेणी है BLC (Beneficiary Led Construction)। इस श्रेणी में ऐसे लोग आते हैं जिनके पास खुद की जमीन है या जमीन उपलब्ध कराई जा सकती है। BLC के तहत सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता देती है ताकि वे अपने सपनों का पक्का मकान बना सकें।
PM Awas Yojana BLC के अंतर्गत लाभार्थी को कुल 2.5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें से 1.5 लाख रुपये केंद्र सरकार और 1 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाते हैं। यदि किसी लाभार्थी के पास अपनी जमीन नहीं है तो सरकार अन्य योजनाओं के माध्यम से मुफ्त या बहुत कम कीमत पर जमीन उपलब्ध कराने में भी मदद कर सकती है।
इस योजना के तहत 30 से 35 वर्ग मीटर तक के आवास निर्माण की अनुमति होती है। घर में कम से कम 2 कमरे, एक रसोई (किचन), शौचालय और वॉशरूम बनाना अनिवार्य होता है। सरकार यह सुनिश्चित करती है कि लाभार्थी को सम्मानजनक और सुरक्षित आवास मिले।
पीएम आवास योजना के तहत मिलने वाली राशि तीन किस्तों में जारी की जाती है। पहली किस्त में 40 प्रतिशत, दूसरी किस्त में 40 प्रतिशत और तीसरी किस्त में बचे हुए 20 प्रतिशत की राशि दी जाती है। यह पैसा निर्माण की प्रगति के आधार पर सीधे लाभार्थी के खाते में भेजा जाता है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
पीएम आवास योजना में आवेदन करना बेहद आसान है। इसके लिए आपको PMAY-U (शहरी) के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा। वहां आपको Apply for PMAY-U 2.0 का विकल्प मिलेगा। उस पर क्लिक करने के बाद सभी दिशानिर्देश ध्यान से पढ़ें और मांगी गई जानकारी भरकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। आवेदन करते समय आधार, आय और जमीन से जुड़े दस्तावेज सही-सही भरना जरूरी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सिर्फ पहली बार घर बनाने वालों को मिलता है। आवेदक का नाम गरीबी रेखा के नीचे (BPL) श्रेणी में होना चाहिए। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), ट्रांसजेंडर और महिलाओं को इस योजना में विशेष प्राथमिकता दी जाती है। इसके अलावा आवेदक के नाम पर देश के किसी भी हिस्से में पक्का मकान नहीं होना चाहिए।