42 लाख किसानों के लिए बड़ा अपडेट, फार्मर ID नहीं बनी तो होगा भारी नुकसान

बिहार के 42 लाख से ज्यादा किसानों के लिए यह खबर बेहद जरूरी है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त की तारीख कभी भी घोषित हो सकती है। ऐसे में जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है उनकी 2000 रुपये की किस्त अटक सकती है।

Farmer ID Bihar
बिहार फार्मर आईडी क्या है
locationभारत
userअसमीना
calendar10 Feb 2026 02:51 PM
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बिहार के किसानों के लिए एक बेहद अहम अपडेट सामने आया है जिसे नजरअंदाज करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त की तारीख का ऐलान कभी भी किया जा सकता है और इसी महीने राज्य के करीब 73 लाख किसानों के खातों में 2-2 हजार रुपये आने की उम्मीद है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि बिहार के 55 फीसदी से ज्यादा किसानों ने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है जिससे उनकी किस्त अटक सकती है।

अगर समय रहते यह जरूरी काम पूरा नहीं किया गया तो किसानों को सिर्फ 2000 रुपये ही नहीं बल्कि कुल 9000 रुपये तक का नुकसान हो सकता है। इसलिए सरकार ने पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर फार्मर आईडी बनवाने की व्यवस्था की है।

फार्मर आईडी क्यों है इतनी जरूरी?

फार्मर आईडी यानी किसान पहचान पत्र जो अब हर किसान के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। बिना फार्मर आईडी के किसान को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा चाहे वह पीएम किसान योजना हो या राज्य सरकार की कोई अन्य योजना। सरकार के अनुसार, पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी होने से पहले फार्मर रजिस्ट्री पूरी करना जरूरी है। अगर रजिस्ट्री अधूरी रही तो किसान का नाम लाभार्थी सूची से हट भी सकता है।

बिहार में फार्मर आईडी की मौजूदा स्थिति

बिहार एग्रीस्टैक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक सिर्फ 30,84,484 किसानों की ही फार्मर आईडी बन पाई है जबकि पीएम किसान योजना के लाभार्थियों की संख्या 73 लाख से ज्यादा है। इसका मतलब यह है कि अभी भी आधे से ज्यादा किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बाकी है। वर्तमान में केवल 43.07 फीसदी पीएम किसान लाभार्थियों की ही फार्मर आईडी बनी है जो सरकार के लिए भी चिंता का विषय है।

ये जिले फार्मर आईडी बनवाने में सबसे पीछे

कुछ जिले ऐसे हैं जहां फार्मर आईडी बनवाने की रफ्तार बेहद धीमी है। इन जिलों के किसानों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि इन्हें पीएम किसान की 22वीं किस्त में दिक्कत आ सकती है। सबसे पीछे रहने वाले जिले मुंगेर, शेखपुरा, शिवहर, अरवल और बेगूसराय हैं। इन जिलों के किसानों को तुरंत शिविर में जाकर अपनी फार्मर आईडी बनवानी चाहिए।

फार्मर आईडी नहीं बनवाई तो 9000 रुपये का नुकसान

अगर किसान सोच रहे हैं कि सिर्फ 2000 रुपये की किस्त ही रुकेगी तो यह सोच गलत है। दरअसल, बिहार सरकार ने पीएम किसान लाभार्थियों के लिए अलग से ‘कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना’ शुरू की है जिसके तहत सालाना 3000 रुपये दिए जाते हैं। इस तरह अगर फार्मर आईडी नहीं बनी तो किसान को पीएम किसान योजना के 6000 रुपये, कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि के 3000 रुपये। यानी कुल 9000 रुपये का सीधा नुकसान हो सकता है।

फार्मर आईडी कहां और कैसे बनवाएं?

सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए पूरे बिहार में पंचायत स्तर पर कैंप लगाए हैं। सिर्फ पटना जिले की बात करें तो यहां की सभी 322 पंचायतों में शिविर लगाए गए हैं।

ऑनलाइन फार्मर आईडी कैसे बनाएं?

अगर आप घर बैठे फार्मर आईडी बनाना चाहते हैं तो इसके लिए बिहार एग्रीस्टैक का आधिकारिक पोर्टल http://bhfr.agristack.gov.in/ उपलब्ध है। पोर्टल पर जाकर आप स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया के जरिए आसानी से किसान पहचान पत्र बना सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी तरह सरल रखी गई है ताकि किसी भी किसान को परेशानी न हो।

किसानों से अपील

अगर आप पीएम किसान योजना या किसी भी सरकारी किसान योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आज ही फार्मर आईडी बनवाएं। एक बार 22वीं किस्त की तारीख घोषित हो जाने के बाद, सुधार का मौका मिलना मुश्किल हो जाएगा। शिविर में जाएं, फार्मर आईडी बनवाएं और अपने 9000 रुपये सुरक्षित करें।

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52 लाख लोगों का राशन कार्ड रद्द! जल्दी जान लें जरूरी अपडेट

बिहार के राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सरकार ने राशन कार्ड eKYC कराने की अंतिम तारीख 28 फरवरी तय की है। समय पर eKYC नहीं कराने पर मुफ्त राशन बंद हो सकता है। जानें राशन कार्ड eKYC ऑनलाइन और ऑफलाइन करने का आसान तरीका। मोबाइल से घर बैठे eKYC कैसे करें पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

Bihar Ration Card eKYC
बिहार राशन कार्ड eKYC को लेकर सरकार का नया आदेश
locationभारत
userअसमीना
calendar07 Feb 2026 02:04 PM
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अगर आप बिहार में रहते हैं और आपके पास राशन कार्ड है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। क्या आपने हाल ही में अपना राशन कार्ड चेक किया है? कहीं ऐसा तो नहीं कि आपके परिवार के किसी सदस्य का नाम कट गया हो या फिर पूरा राशन कार्ड ही अमान्य हो गया हो? बिहार सरकार ने राशन कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है जिसके तहत eKYC कराना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर आपने तय तारीख तक यह काम नहीं कराया तो आपको सरकारी राशन मिलना बंद हो सकता है।

बिहार सरकार ने क्यों जारी किया eKYC का नोटिस?

बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने हाल ही में एक अहम नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के अनुसार, राज्य में राशन कार्डधारकों की जांच के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में ऐसे नाम राशन कार्ड में जुड़े हैं जो या तो अपात्र हैं या फिर गलत तरीके से लाभ ले रहे हैं। इसी वजह से अब तक 52 लाख से ज्यादा लोगों के नाम राशन कार्ड की सूची से हटाए जा चुके हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ सही और पात्र लोगों तक ही पहुंचे। इसी कारण अब सभी राशन कार्डधारकों का eKYC अनिवार्य कर दिया गया है।

राशन कार्ड eKYC की आखिरी तारीख क्या है?

बिहार सरकार ने राशन कार्ड eKYC कराने के लिए 28 फरवरी तक का समय दिया है। इस तारीख से पहले सभी राशन कार्डधारकों को ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरीके से eKYC पूरा करना होगा। अगर तय समयसीमा तक eKYC नहीं कराया गया तो राशन कार्ड से मिलने वाला मुफ्त या सस्ता अनाज बंद हो सकता है।

राशन दुकान पर जाकर eKYC कैसे कराएं?

जो लोग मोबाइल से eKYC नहीं कर पाते हैं वे नजदीकी जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकान पर जाकर यह काम आसानी से करा सकते हैं। इसके लिए आपको अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड साथ ले जाना होगा। दुकानदार e-POS मशीन के जरिए आपका बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करेगा जो उंगलियों के निशान या आंखों की पुतलियों से होगा। ध्यान रखें इस प्रक्रिया के लिए कोई भी फीस नहीं ली जाती है। अगर कोई दुकानदार पैसे मांगता है तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं।

मोबाइल से घर बैठे राशन कार्ड eKYC कैसे करें?

  • अगर आपके पास स्मार्टफोन है तो आप बिना कहीं जाए घर बैठे खुद ही राशन कार्ड eKYC कर सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे।
  • सबसे पहले अपने मोबाइल में ‘मेरा KYC’ और Aadhaar FaceRD ऐप डाउनलोड करें। इसके बाद मोबाइल की लोकेशन ऑन करके ‘मेरा KYC’ ऐप खोलें और राज्य के रूप में बिहार चुनें। अब ‘Verify Location’ पर क्लिक करें। इसके बाद अपना आधार नंबर और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर डालकर OTP से वेरिफिकेशन करें।
  • वेरिफिकेशन के बाद आपकी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। नीचे Face eKYC का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करते ही मोबाइल कैमरा ऑन हो जाएगा। कैमरे में दिख रहे सर्कल के अंदर अपना चेहरा रखें। जैसे ही सर्कल हरा (Green) हो जाएगा आपका eKYC सफलतापूर्वक पूरा हो जाएगा। स्टेटस चेक करने पर अगर Y लिखा आता है तो समझिए आपका काम हो गया।

राशन कार्ड eKYC क्यों है इतना जरूरी?

बिहार के सभी 38 जिलों में राशन कार्ड की जांच के दौरान बड़ी संख्या में गलत एंट्री सामने आई हैं। इसी वजह से सरकार अब लगभग 6 करोड़ 74 लाख लाभार्थियों का eKYC कराना चाहती है। राज्य में कुल मिलाकर 2 करोड़ 10 लाख से ज्यादा राशन कार्ड हैं। eKYC से सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ सही लोगों को मिले और फर्जी लाभार्थियों को हटाया जा सके।

राशन कार्ड eKYC से जुड़ी हेल्पलाइन

अगर आपको eKYC कराने में कोई परेशानी आ रही है या कोई जानकारी चाहिए तो आप सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। आप 1800-3456-194, 14445 या 1967 पर कॉल करके मदद ले सकते हैं।

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महिलाओं के लिए जरूरी खबर, लाडकी बहीण योजना ई-केवाईसी पर सरकार का नया आदेश

Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहीण योजना ई-केवाईसी अपडेट 2026 के तहत सरकार ने सुधार की अंतिम तारीख 31 मार्च तक बढ़ा दी है। जिन महिलाओं ने 31 दिसंबर 2025 तक ई-केवाईसी पूरी कर ली थी वे अब ऑनलाइन अपनी जानकारी ठीक कर सकती हैं।

Ladki Bahin Yojana
लाडकी बहीण योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar07 Feb 2026 01:00 PM
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मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना से जुड़ी लाखों महिलाओं के लिए सरकार ने एक राहत भरा बड़ा फैसला लिया है। जिन लाभार्थी महिलाओं की ई-केवाईसी में गलती की वजह से उनका आवेदन अटक गया था उनके लिए अब सुधार का एक और मौका दिया गया है। राज्य सरकार ने ई-केवाईसी में सुधार की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी है। यह फैसला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी नए शासनादेश के तहत लिया गया है जिससे पात्र महिलाओं को योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के मिल सके।

विभाग को लगातार मिल रही थी शिकायतें

राज्य सरकार के अनुसार, विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई महिलाओं ने समय पर ई-केवाईसी पूरी कर ली थी लेकिन जानकारी भरते समय हुई छोटी-छोटी गलतियों के कारण उनका सत्यापन रुक गया। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ऑनलाइन ई-केवाईसी सुधार पोर्टल दोबारा खोलने का निर्णय लिया है। अब महिलाएं पोर्टल पर लॉग-इन करके अपनी जानकारी की जांच कर सकती हैं और जरूरत पड़ने पर सुधार भी कर सकती हैं।

किन महिलाओं को मिलेगा ई-केवाईसी सुधार का मौका?

सरकार ने यह साफ कर दिया है कि ई-केवाईसी सुधार की सुविधा सभी के लिए नहीं होगी। यह मौका केवल उन्हीं महिलाओं को दिया जाएगा जिन्होंने 31 दिसंबर 2025 तक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली थी। जिन महिलाओं ने तय तारीख तक ई-केवाईसी नहीं कराई है वे इस सुधार प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगी। यानी यह सुविधा केवल पहले से पंजीकृत और सत्यापित लाभार्थियों के लिए ही है।

किन कारणों से अटके थे आवेदन?

सरकारी जांच में सामने आया है कि आधार नंबर, नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि, बैंक खाते की जानकारी या मोबाइल नंबर जैसी जानकारियों में मामूली गलतियों के कारण कई महिलाओं के आवेदन अपात्र की श्रेणी में चले गए थे। तकनीकी दिक्कतों और जानकारी दर्ज करते समय हुई भूलों की वजह से पात्र महिलाएं भी योजना का लाभ नहीं ले पा रही थीं। अब सरकार चाहती है कि ऐसी महिलाएं सही जानकारी अपडेट करके योजना का पूरा लाभ उठा सकें।

कैसे करें ई-केवाईसी में सुधार?

लाभार्थी महिलाएं योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर लॉग-इन कर सकती हैं। वहां उन्हें अपनी ई-केवाईसी से जुड़ी सभी जानकारियां दिखाई देंगी। अगर किसी भी तरह की गलती नजर आती है तो उसे ऑनलाइन ही ठीक किया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने पोर्टल में जरूरी तकनीकी बदलाव कर दिए हैं ताकि प्रक्रिया आसान और सुचारू हो सके।

अंतिम तिथि के बाद नहीं मिलेगा कोई मौका

विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि 31 मार्च 2026 के बाद किसी भी प्रकार का सुधार स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी पात्र महिलाओं से अपील की गई है कि वे समय रहते अपनी ई-केवाईसी की जांच जरूर कर लें और अगर कोई त्रुटि हो तो अंतिम तारीख से पहले सुधार करा लें। समय पर सुधार न कराने पर योजना का लाभ रुक सकता है।

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