EPFO New Rules: नए बदलावों का मकसद यह है कि कर्मचारियों को PF का पैसा निकालने के लिए अलग-अलग नियमों को समझने में ज्यादा परेशानी न हो। साथ ही ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा देकर क्लेम और दूसरी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की कोशिश की गई है।

अगर आपका PF खाता है तो यह खबर आपके काम की है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने PF से जुड़े नियमों को आसान बनाने के लिए कई बदलाव किए हैं। इनका असर PF से पैसे निकालने, नॉमिनेशन, पेंशन और क्लेम जैसी सुविधाओं पर पड़ सकता है। नए बदलावों का मकसद यह है कि कर्मचारियों को PF का पैसा निकालने के लिए अलग-अलग नियमों को समझने में ज्यादा परेशानी न हो। साथ ही ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा देकर क्लेम और दूसरी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की कोशिश की गई है।
PF में कर्मचारी का सामान्य योगदान बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत बना हुआ है। EPFO की मौजूदा व्यवस्था में ₹15,000 तक की वेतन सीमा के आधार पर अनिवार्य योगदान की गणना होती है। हालांकि, इससे अधिक वेतन वाले कर्मचारी कुछ परिस्थितियों में स्वैच्छिक रूप से ज्यादा योगदान कर सकते हैं।
नए बदलावों में PF निकासी के अलग-अलग नियमों को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। पहले अलग-अलग जरूरतों के लिए कई तरह की कैटेगरी और अलग शर्तें थीं। अब निकासी को बड़े तौर पर जरूरी जरूरतों, घर से जुड़ी जरूरतों और विशेष परिस्थितियों के आधार पर समझना आसान किया गया है। EPFO के मुताबिक पात्र निकासी के लिए अलग-अलग पुरानी सेवा अवधि को भी सरल करते हुए कई मामलों में 12 महीने की समान अवधि का प्रावधान किया गया है। इससे कर्मचारियों को यह समझने में आसानी होगी कि वे कब और किस स्थिति में PF की रकम निकाल सकते हैं।
नए नियमों में PF की बचत को रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पात्र सदस्य 75% तक PF बैलेंस निकाल सकते हैं जबकि 25% रकम खाते में सुरक्षित रखी जाएगी। इसका मकसद यह है कि कर्मचारी जरूरत के समय PF का इस्तेमाल कर सके, लेकिन रिटायरमेंट के लिए पूरी बचत खत्म न हो जाए। EPFO ने बताया है कि बार-बार निकासी से कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत कम हो रही थी, इसलिए न्यूनतम 25% बैलेंस बनाए रखने की व्यवस्था रखी गई है।
यह सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। बेरोजगारी की स्थिति में पात्र सदस्य 75% PF बैलेंस तुरंत निकाल सकता है। बची हुई 25% रकम एक साल बाद निकाली जा सकती है। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में पूरी PF रकम निकालने की अनुमति भी दी गई है। इनमें रिटायरमेंट, स्थायी विकलांगता, काम करने में असमर्थता, छंटनी, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या स्थायी रूप से भारत छोड़ना जैसी स्थितियां शामिल हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि नौकरी छोड़ने के बाद हर कर्मचारी को पूरी PF रकम निकालने के लिए केवल 12 महीने इंतजार करना होगा। निकासी की सुविधा परिस्थिति और पात्रता पर निर्भर करेगी।
EPFO अब नॉमिनेशन की प्रक्रिया को ज्यादा डिजिटल बनाने पर जोर दे रहा है। EPFO के सदस्य पोर्टल पर e-Nomination की सुविधा उपलब्ध है और सदस्यों के लिए नॉमिनेशन करना जरूरी बताया गया है। इसे ऑनलाइन अपडेट भी किया जा सकता है। नॉमिनी की जानकारी सही रखना इसलिए जरूरी है क्योंकि भविष्य में PF, पेंशन या दूसरे लाभों से जुड़े मामलों में परिवार को इसका फायदा मिल सकता है।
EPFO की ओर से प्रक्रियाओं को तेज और आसान बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। नए स्कीम फ्रेमवर्क में डिजिटल सेवाओं और सरल क्लेम प्रक्रिया पर जोर दिया गया है। हालांकि, किसी भी क्लेम के लिए सदस्य को अपनी पात्रता, दस्तावेज और लागू नियमों की जांच करनी चाहिए। EPFO ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था का मकसद कर्मचारियों को जरूरत के समय PF तक आसान पहुंच देना और साथ ही उनकी लंबी अवधि की सामाजिक सुरक्षा को बनाए रखना है।
PF के साथ पेंशन को लेकर भी एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। EPFO के अनुसार 58 साल की उम्र में पेंशन की पात्रता से जुड़ी मौजूदा व्यवस्था पर इन बदलावों का असर नहीं पड़ता। EPS में पेंशन के लिए सामान्य तौर पर कम से कम 10 साल की सदस्यता जरूरी होती है। EPFO ने बताया है कि पेंशन खाते की रकम को बहुत जल्दी निकाल लेने से सदस्य भविष्य की पेंशन और परिवार से जुड़े सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित हो सकता है।
सरल भाषा में समझें तो नए बदलावों का फोकस दो चीजों पर है-जरूरत के समय PF का पैसा आसानी से उपलब्ध कराना और रिटायरमेंट के लिए कुछ रकम सुरक्षित रखना।
सबसे अहम बातें ये हैं-
अगर आपका EPFO में खाता है तो सबसे पहले अपने UAN, आधार, बैंक अकाउंट और नॉमिनी की जानकारी सही है या नहीं यह जांच लें। किसी भी निकासी या क्लेम से पहले यह देखना जरूरी है कि आप उस सुविधा के लिए पात्र हैं या नहीं। साथ ही सोशल मीडिया पर चल रही PF से जुड़ी हर जानकारी पर भरोसा न करें। नियमों में बदलाव लगातार हो सकते हैं इसलिए अंतिम जानकारी के लिए EPFO की आधिकारिक सूचना और पोर्टल को ही आधार बनाना बेहतर है।
नोट: PF निकासी और पेंशन के नियम सदस्य की स्थिति, सेवा अवधि और लागू प्रावधानों के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए पैसा निकालने से पहले अपने मामले पर लागू मौजूदा नियम जरूर जांचें।
विज्ञापन