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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य उन किसानों को राहत देना है जो लंबे समय से कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। योजना के जरिए किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा लाने की कोशिश की जा रही है।

महाराष्ट्र के लाखों किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। खेती की बढ़ती लागत, मौसम की मार और कर्ज के बोझ से जूझ रहे किसानों को अब सरकार की नई योजना से बड़ी मदद मिलने वाली है। राज्य सरकार ने 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना' को मंजूरी दे दी है जिसके तहत किसानों का 2 लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ किया जाएगा। इतना ही नहीं जो किसान समय पर लोन चुकाते रहे हैं उन्हें 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। सरकार का दावा है कि इस योजना से 56 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य उन किसानों को राहत देना है जो लंबे समय से कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। योजना के जरिए किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा लाने की कोशिश की जा रही है।
इस योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा जिनका मूलधन और ब्याज मिलाकर कुल बकाया अल्पकालिक फसल ऋण 2 लाख रुपये तक है। सरकार ऐसे किसानों का पूरा बकाया कर्ज माफ करेगी। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। संबंधित ऋण 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिया गया होना चाहिए और 30 सितंबर 2025 तक बकाया होना जरूरी है। साथ ही 31 मार्च 2026 तक उसका भुगतान नहीं किया गया हो।
योजना में केवल छोटे कर्जदार किसानों को ही नहीं बल्कि अधिक ऋण लेने वाले किसानों को भी राहत देने का प्रावधान किया गया है। यदि किसी किसान पर 2 लाख रुपये से ज्यादा का बकाया है तो उसे पहले अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी किसान का कुल बकाया 2.80 लाख रुपये है तो उसे 80 हजार रुपये जमा करने होंगे। इसके बाद शेष 2 लाख रुपये की राशि सरकार माफ कर देगी। इस व्यवस्था को एकमुश्त निपटान (OTS) के नाम से लागू किया जाएगा।
सरकार ने उन किसानों को भी प्रोत्साहित करने का फैसला किया है जो समय पर ऋण चुकाते रहे हैं। वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच तीन वित्तीय वर्षों में से कम से कम दो वर्षों तक निर्धारित समय के भीतर ऋण चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह रकम सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
सरकार ने साफ किया है कि प्रोत्साहन राशि केवल उन्हीं किसानों को मिलेगी जिन पर कोई बकाया ऋण नहीं होगा और जिन्होंने समय पर भुगतान किया होगा। वहीं कर्ज माफी के लिए भी पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा। इसलिए किसानों को अपने ऋण संबंधी दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड सही रखने की सलाह दी जा रही है।
हालांकि यह योजना बड़ी संख्या में किसानों के लिए राहत लेकर आई है लेकिन सभी लोग इसका लाभ नहीं उठा पाएंगे। सरकारी नौकरी करने वाले किसान, राजनीतिक पदों पर बैठे लोग, आयकर देने वाले किसान और सहकारी समितियों में कार्यरत ऐसे कर्मचारी जिनका मासिक वेतन 25 हजार रुपये से अधिक है उन्हें इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन हुआ तो इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कर्ज के दबाव से राहत मिलने पर किसान खेती में नए निवेश कर सकेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। ऐसे में यह योजना महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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