झारखंड बजट 2026-27 में महिलाओं, किसानों और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 2,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। राज्य सरकार ने सर्वजन पेंशन योजना और दिव्यांग/विधवा पेंशन योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया है।

झारखंड सरकार ने 2026-27 का बजट पेश कर दिया है। वित्त और संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इसे सदन में पेश किया। इस बजट में महिलाओं, किसानों और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। सबसे बड़ा ध्यान मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना और महिला कल्याण पर रहा।
मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना के तहत राज्य सरकार महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद देती है। बजट में इस योजना को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। यह योजना विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण है।
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के लिए 3,517 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसके अलावा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा और दिव्यांग पेंशन योजना के लिए 1,463 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को नियमित वित्तीय सहायता देना है।
बजट में महिला किसान खुशहाली योजना का भी ऐलान किया गया। इसके तहत महिला किसानों को इंटीग्रेटेड फार्मिंग और तकनीक से जोड़ा जाएगा। इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इससे महिला किसानों की आय और उत्पादन में वृद्धि होगी।
पशुपालन से जुड़े विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत 481.35 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस योजना से पशुपालन क्षेत्र में स्वरोजगार और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा।
अबुआ आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। साल 2024-25 में 6,50,000 मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से 6,33,106 आवासों को मंजूरी मिल गई है और 1,88,849 मकान बन चुके हैं। बाकी मकानों को पूरा करने के लिए 4,100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।