ममता बनर्जी ने महिलाओं-युवाओं के लिए खोला खजाना, हर महीने मिलेंगे पैसे

पश्चिम बंगाल बजट 2026-27 में ममता बनर्जी सरकार ने चुनाव से पहले महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े ऐलान किए हैं। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत अब SC/ST महिलाओं को 1700 रुपये और सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये हर महीने मिलेंगे।

Laxmi Bhandar Scheme
लक्ष्मी भंडार योजना
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userअसमीना
calendar06 Feb 2026 01:56 PM
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चुनावी माहौल के बीच पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने जनता को बड़ी राहत दी है। गुरुवार को पेश किए गए 2026-27 के अंतरिम बजट में महिलाओं, युवाओं और श्रमिक वर्ग के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। कुल 4.06 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को चुनाव से पहले सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस बजट में सीधे आम लोगों की जेब से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया गया है जिससे इसका असर हर घर तक पहुंचने की उम्मीद है।

लक्ष्मी भंडार योजना में बड़ा इजाफा

महिलाओं के लिए चलाई जा रही लोकप्रिय लक्ष्मी भंडार योजना में ममता सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब तक इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1000 से 1200 रुपये प्रति माह मिलते थे लेकिन बजट 2026-27 में इसमें 500 रुपये महीने की बढ़ोतरी की घोषणा कर दी गई है। अब SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपये प्रति माह और सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह योजना 25 से 60 वर्ष की उन महिलाओं के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) में आती हैं। इस फैसले से लाखों महिलाओं को सीधी आर्थिक राहत मिलने वाली है।

बेरोजगार युवाओं को भी मिलेगा लाभ

महिलाओं के साथ-साथ सरकार ने बेरोजगार युवाओं पर भी बड़ा दांव खेला है। बजट में ‘युवा साथी योजना’ का ऐलान किया गया है जिसके तहत 21 से 40 वर्ष तक के बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह बेरोजगारी भत्ता युवाओं को तब तक मिलेगा जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिल जाती या फिर अधिकतम 5 साल तक। सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और नौकरी की तलाश के दौरान आर्थिक सहारा देना है।

आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में भी बढ़ोतरी

बजट 2026-27 में स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़ी जमीनी कार्यकर्ताओं को भी राहत दी गई है। आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में 1000 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। इससे इन कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को काफी हद तक पूरा किया गया है।

कुल बजट और सरकार की रणनीति

वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य द्वारा पेश किए गए इस अंतरिम बजट का कुल आकार 4.06 लाख करोड़ रुपये है। बजट से साफ है कि ममता बनर्जी सरकार का फोकस इस बार महिलाओं, युवाओं और निम्न-आय वर्ग पर है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये घोषणाएं आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर की गई हैं।

पश्चिम बंगाल में चुनाव कब होंगे?

पश्चिम बंगाल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में मार्च-अप्रैल 2026 के बीच विधानसभा चुनाव होने की पूरी संभावना है। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं जिन पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। चुनाव से पहले राज्य का राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया है। SIR मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव चल रहा है। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के निर्वाचन आयोग से 9 फरवरी तक जवाब मांगा है।

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बोर्ड स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खुशखबरी, मिलेगा फ्री लैपटॉप

मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना के तहत दिल्ली सरकार CBSE बोर्ड की 10वीं परीक्षा में टॉप-1200 छात्रों को 60 हजार रुपये से ज्यादा कीमत का फ्री लैपटॉप दे रही है। इस योजना का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उनकी पढ़ाई को ऑनलाइन माध्यम से मजबूत बनाना है।

Free Laptop Scheme
मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना क्या है
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userअसमीना
calendar06 Feb 2026 12:40 PM
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CBSE की 10वीं बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं और लाखों छात्र पूरे मन से अपनी तैयारी में जुटे हुए हैं। अगर आप भी दिल्ली से हैं और इस साल 10वीं बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं तो आपके लिए एक शानदार खुशखबरी है। दिल्ली सरकार ने मेधावी छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत 10वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाले छात्रों को 60 हजार रुपये से ज्यादा कीमत का हाई-क्वालिटी लैपटॉप बिल्कुल मुफ्त दिया जाएगा। यह योजना न केवल छात्रों को मेहनत के लिए प्रेरित करती है बल्कि उनके भविष्य को भी तकनीक से जोड़ने का एक मजबूत कदम है।

क्या है मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना?

मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना दिल्ली सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई को डिजिटल प्लेटफॉर्म से मजबूत बनाना है। सरकार ने इस योजना के लिए 7.5 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इसके अंतर्गत CBSE बोर्ड की 10वीं परीक्षा में टॉप-1200 रैंक हासिल करने वाले छात्रों को अत्याधुनिक लैपटॉप दिए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, हर लैपटॉप की कीमत 60 हजार रुपये से अधिक होगी और इसमें पढ़ाई से जुड़ी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

छात्रों को लैपटॉप देने का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य मकसद छात्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है। आज के समय में ऑनलाइन पढ़ाई, ई-लर्निंग, प्रोजेक्ट वर्क, रिसर्च और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लैपटॉप बेहद जरूरी हो गया है। मुफ्त लैपटॉप मिलने से छात्र डिजिटल कंटेंट तक आसानी से पहुंच बना सकेंगे, नए स्किल्स सीख सकेंगे और टेक्नोलॉजी के साथ कदम से कदम मिलाकर चल पाएंगे। इससे न केवल उनकी पढ़ाई बेहतर होगी बल्कि भविष्य में करियर के नए अवसर भी खुलेंगे।

फ्री लैपटॉप योजना के लिए कौन होगा पात्र?

मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की गई हैं। इस योजना में केवल दिल्ली के CBSE बोर्ड से 10वीं परीक्षा देने वाले छात्र ही शामिल होंगे। वे छात्र जो CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा की टॉप-1200 मेरिट लिस्ट में जगह बनाएंगे वही इस योजना के पात्र होंगे। इसके साथ ही छात्र का रेगुलर स्कूल से पढ़ाई करना अनिवार्य है यानी ओपन स्कूल या पत्राचार से पढ़ने वाले छात्र इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे। इसके अलावा, 10वीं पास करने के बाद 11वीं कक्षा में दाखिला लेना भी जरूरी होगा।

फ्री लैपटॉप के लिए आवेदन कैसे होगा?

फिलहाल इस योजना की आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। शिक्षा विभाग जल्द ही इससे जुड़ी पूरी जानकारी आधिकारिक रूप से जारी करेगा। माना जा रहा है कि छात्रों को अपने स्कूल के माध्यम से मार्कशीट, आधार कार्ड और दिल्ली निवास प्रमाण पत्र जमा करना पड़ सकता है। हालांकि यह भी संभव है कि दिल्ली सरकार खुद ही टॉप-1200 छात्रों की सूची तैयार कर उन्हें सीधे सूचित करे। इसके बाद किसी विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा छात्रों को लैपटॉप वितरित किए जा सकते हैं।

कौन-सा लैपटॉप मिलेगा छात्रों को?

जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत छात्रों को हाई-क्वालिटी i7 प्रोसेसर वाला लैपटॉप दिया जा सकता है जिसकी कीमत 60 हजार रुपये से ज्यादा होगी। यह लैपटॉप पढ़ाई, ऑनलाइन क्लास, कोडिंग, रिसर्च और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह उपयुक्त होगा। इससे छात्रों को अलग से महंगे डिजिटल उपकरण खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको किसी फॉर्म या आवेदन की चिंता करने की जरूरत नहीं है। आपका सबसे बड़ा काम है पूरी मेहनत से पढ़ाई करना। CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप-1200 में जगह बनाते ही आप स्वतः इस योजना के दायरे में आ जाएंगे। यह योजना मेहनती छात्रों के लिए एक बड़ा मोटिवेशन है जो उनकी काबिलियत को पहचान देने का काम करती है।

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बेटियों के लिए पंजाब सरकार का बड़ा तोहफा, कैसे करें आवेदन?

Ashirwad Scheme: पंजाब सरकार की आशीर्वाद योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 51,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का लाभ SC, BC, EWS और विधवा महिलाओं की बेटियों को मिलता है। पात्र परिवार शादी से पहले या शादी के 30 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

Girl Child Marriage Scheme
पंजाब आशीर्वाद योजना
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userअसमीना
calendar05 Feb 2026 11:43 AM
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बेटी की शादी हर माता-पिता के जीवन का सबसे भावुक और खुशियों भरा पल होता है लेकिन जब परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो तो यही खुशी चिंता में बदल जाती है। शादी के खर्च, रस्में और सामाजिक दबाव कई बार परिवारों को कर्ज तक लेने पर मजबूर कर देते हैं। इसी समस्या को समझते हुए पंजाब सरकार ने आशीर्वाद योजना शुरू की है जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 51,000 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बेटी की शादी सिर्फ पैसों की कमी की वजह से न रुके।

क्या है पंजाब आशीर्वाद योजना?

पंजाब आशीर्वाद योजना राज्य सरकार की एक सामाजिक कल्याण योजना है जिसका मकसद गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को शादी के समय आर्थिक सहारा देना है। इस योजना के तहत सरकार 51,000 रुपये की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर करती है ताकि पैसे का सही और पारदर्शी इस्तेमाल हो सके। यह योजना बेटियों को बोझ नहीं बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक मानने की सोच को मजबूत करती है।

किन परिवारों को मिलता है इस योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ राज्य के कई वर्गों की बेटियों को दिया जाता है। इसमें अनुसूचित जाति (SC), पिछड़ा वर्ग (BC), अन्य पिछड़ी जातियां, ईसाई समुदाय की लड़कियां और किसी भी जाति की आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) लड़कियां शामिल हैं। इसके अलावा किसी भी जाति की विधवा महिला की बेटी भी इस योजना के लिए पात्र होती है। इतना ही नहीं अनुसूचित जाति की विधवा या तलाकशुदा महिला यदि दोबारा शादी करती है तो उसे भी आशीर्वाद योजना का लाभ मिलता है।

आशीर्वाद योजना की जरूरी शर्तें क्या हैं?

आशीर्वाद योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना होता है। लड़की की उम्र शादी की तारीख पर कम से कम 18 साल होनी चाहिए। परिवार की कुल सालाना आय 32,790 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। माता-पिता या अभिभावक का पंजाब का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इस योजना के तहत एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों की शादी के लिए ही आर्थिक सहायता दी जाती है। तीसरी बेटी की शादी के लिए इस योजना का लाभ नहीं मिलता।

कब किया जा सकता है आवेदन?

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आवेदन का समय काफी लचीला रखा गया है। परिवार चाहे तो शादी की तय तारीख से पहले आवेदन कर सकता है। अगर किसी कारणवश पहले आवेदन नहीं हो पाया तो शादी के 30 दिनों के अंदर भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। हालांकि, 30 दिन से ज्यादा देरी होने पर आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।

घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

आशीर्वाद योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है जिससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इसके लिए सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट ashirwad.punjab.gov.in/ashirwad/ पर जाना होगा। होमपेज पर मौजूद Applicant Registration विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फॉर्म में मांगी गई सभी जरूरी जानकारी सावधानी से भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें।

आवेदन के बाद क्या होगा?

फॉर्म सबमिट होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा आवेदन की जांच की जाती है। सभी जानकारी और दस्तावेज सही पाए जाने पर 51,000 रुपये की सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। इस तरह सरकार यह सुनिश्चित करती है कि मदद सही व्यक्ति तक पहुंचे।