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पिछले 8 से 10 महीनों से जिले में e-KYC और दस्तावेजों के सत्यापन का अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान लाभार्थियों की पात्रता की दोबारा जांच की गई। जांच में ऐसे कई मामले सामने आए जिनमें नियमों के अनुरूप पात्रता नहीं होने के बावजूद योजना का लाभ लिया जा रहा था।

महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना में लाभार्थियों की जांच का काम लगातार जारी है। योजना के तहत e-KYC की समयसीमा पूरी होने के बाद अब प्रशासन ने अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में अमरावती जिले से बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम योजना से हटाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, अमरावती जिले में 33 हजार से अधिक महिला लाभार्थियों को स्थायी रूप से अयोग्य घोषित किया गया है। इसके बाद अब उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
बताया जा रहा है कि, पिछले 8 से 10 महीनों से जिले में e-KYC और दस्तावेजों के सत्यापन का अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान लाभार्थियों की पात्रता की दोबारा जांच की गई। जांच में ऐसे कई मामले सामने आए जिनमें नियमों के अनुरूप पात्रता नहीं होने के बावजूद योजना का लाभ लिया जा रहा था। जांच के दौरान कुछ ऐसे नाम भी सामने आए जो योजना के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते थे। प्रशासन का कहना है कि ऐसे लाभार्थी कई महीनों से हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहे थे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, योजना से नाम हटाने के पीछे कई वजहें सामने आई हैं। जांच में कुछ लाभार्थियों द्वारा गलत जानकारी देने, फर्जी आय प्रमाण पत्र जमा करने और पात्रता से जुड़ी शर्तों का पालन न करने के मामले मिले हैं। इसके अलावा आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले कुछ लाभार्थियों और घर में कार होने जैसी परिस्थितियों को भी जांच के दौरान ध्यान में रखा गया। इन कारणों के आधार पर संबंधित लाभार्थियों को योजना के लिए अयोग्य माना गया।
प्रशासन का कहना है कि कुछ लोग लंबे समय से गलत तरीके से योजना का लाभ ले रहे थे। इसी वजह से अब पात्र और अपात्र लाभार्थियों की पहचान करने का काम तेज किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं लोगों तक पहुंचना चाहिए जो वास्तव में इसके पात्र हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ लाभार्थी बैंक जाकर e-KYC की प्रक्रिया पूरी नहीं कर रहे थे। ऐसे मामलों की भी अलग से समीक्षा की जा रही है।
योजना में अनियमितता पाए जाने के बाद सरकार ने राशि की वसूली की प्रक्रिया पर भी काम शुरू कर दिया है। जिन लोगों ने नियमों के विपरीत योजना का लाभ लिया है उनसे प्राप्त राशि वापस लेने की तैयारी की जा रही है। अमरावती जिले में 33,304 लाभार्थियों को स्थायी रूप से अयोग्य घोषित किए जाने के बाद यह कार्रवाई और तेज हो सकती है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सहायता केवल पात्र लोगों तक ही पहुंचे और किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
लाडकी बहिण योजना से जुड़े लाभार्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। यदि किसी लाभार्थी की जानकारी, दस्तावेज या पात्रता से जुड़ी जानकारी गलत पाई जाती है तो उसका नाम योजना से हटाया जा सकता है। इसलिए सभी लाभार्थियों को समय पर e-KYC और दस्तावेजों का सत्यापन कराना चाहिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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