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लाडकी बहीण योजना के तहत सरकार ने लाभार्थियों की जांच के लिए e-KYC प्रक्रिया अनिवार्य की थी। इसके लिए 30 अप्रैल तक का समय दिया गया था। कई महिलाओं ने समय पर अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली थी लेकिन इसके बावजूद उनके खाते में मार्च और अप्रैल की किस्त नहीं पहुंची।

महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना लाखों महिलाओं के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत हर महीने महिलाओं को 1500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है लेकिन पिछले कुछ महीनों से कई महिलाओं के खाते में पैसा नहीं पहुंच रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन महिलाओं को हो रही है जिनका e-KYC पूरा हो चुका है फिर भी किस्त अटकी हुई है। ऐसे में लाभार्थियों के मन में लगातार यही सवाल उठ रहा है कि आखिर पैसा कब मिलेगा और इसके पीछे वजह क्या है।
लाडकी बहीण योजना के तहत सरकार ने लाभार्थियों की जांच के लिए e-KYC प्रक्रिया अनिवार्य की थी। इसके लिए 30 अप्रैल तक का समय दिया गया था। कई महिलाओं ने समय पर अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली थी लेकिन इसके बावजूद उनके खाते में मार्च और अप्रैल की किस्त नहीं पहुंची। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक केवल e-KYC पूरा करना ही काफी नहीं है। इसके साथ पात्रता की भी जांच की जा रही है। अगर कोई महिला योजना की शर्तों पर खरी नहीं उतरती है तो उसका नाम सूची से हटाया जा सकता है।
महिला एवं बाल विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभी सरकारी स्तर पर कुछ जरूरी तकनीकी प्रक्रियाएं चल रही हैं। इसी वजह से कई पात्र महिलाओं के खाते में पैसा पहुंचने में देरी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिन महिलाओं का रिकॉर्ड सही पाया जाएगा और जो पात्रता की सभी शर्तें पूरी करती हैं उनके खाते में जल्द ही पैसा ट्रांसफर किया जाएगा। माना जा रहा है कि जून के आखिरी सप्ताह या जुलाई की शुरुआत तक रुकी हुई किस्तें मिलना शुरू हो सकती हैं।
योजना से जुड़ी कई महिलाएं ऐसी हैं जिनका पैसा पिछले कई महीनों से नहीं आया है। कुछ मामलों में तो छह महीने तक की देरी भी सामने आई है। ऐसे मामलों में विभाग की ओर से कहा गया है कि अगर महिला खुद को पात्र मानती है तो वह अपने नजदीकी महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में जाकर शिकायत कर सकती है। वहां जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद मामले का समाधान किया जाएगा।
बहुत सी महिलाओं को लगता है कि e-KYC पूरा होते ही पैसा मिलना शुरू हो जाएगा लेकिन विभाग का कहना है कि ऐसा जरूरी नहीं है। योजना का लाभ पाने के लिए पात्रता की शर्तों को पूरा करना भी जरूरी है। अगर जांच के दौरान किसी महिला की आय सीमा या अन्य जानकारी सही नहीं पाई जाती है तो उसका नाम हटाया जा सकता है। यही वजह है कि कुछ महिलाओं का e-KYC पूरा होने के बाद भी पैसा नहीं आया।
लाडकी बहीण योजना का लाभ केवल महाराष्ट्र की स्थायी निवासी महिलाओं को दिया जाता है। महिला की उम्र 21 से 65 साल के बीच होनी चाहिए। परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। योजना के तहत विवाहित, तलाकशुदा, विधवा, बेसहारा और पति द्वारा छोड़ी गई महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। अगर परिवार में अकेली अविवाहित महिला है तो उसे भी योजना का लाभ मिल सकता है।
जानकारी के मुताबिक, अप्रैल की किस्त कुछ महिलाओं के खाते में पहुंचनी शुरू हो गई है। कई लाभार्थियों के मोबाइल पर पैसे आने के मैसेज भी मिलने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बाकी पात्र महिलाओं के खाते में भी जल्द ही 1500 रुपये की किस्त ट्रांसफर कर दी जाएगी। ऐसे में जिन महिलाओं का पैसा अभी तक नहीं आया है उन्हें थोड़े समय का इंतजार करना पड़ सकता है।
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