इसमें मिलने वाली इनकम बाजार के उतार-चढ़ाव पर सीधे निर्भर नहीं होती। अगर आप भी भविष्य के लिए ऐसी योजना तलाश रहे हैं जिसमें कुछ साल तक प्रीमियम भरने के बाद नियमित इनकम मिलती रहे तो Jeevan Utsav आपके लिए जानने लायक प्लान है।

LIC की ओर से लोगों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं। इन्हीं में से एक है LIC Jeevan Utsav जिसे लाइफटाइम इनकम प्लान के तौर पर पेश किया गया है। इस योजना में प्रीमियम की अवधि पूरी होने के बाद नियमित इनकम का विकल्प मिलता है। खास बात यह है कि इसमें मिलने वाली इनकम बाजार के उतार-चढ़ाव पर सीधे निर्भर नहीं होती। अगर आप भी भविष्य के लिए ऐसी योजना तलाश रहे हैं जिसमें कुछ साल तक प्रीमियम भरने के बाद नियमित इनकम मिलती रहे तो Jeevan Utsav आपके लिए जानने लायक प्लान है। आइए समझते हैं कि इस योजना में कौन निवेश कर सकता है, कितने समय तक प्रीमियम देना होता है और ₹1 लाख सालाना इनकम का पूरा गणित क्या है।
LIC Jeevan Utsav में कम उम्र से ही पॉलिसी शुरू करने का विकल्प दिया गया है। इस योजना में 30 दिन के नवजात शिशु से लेकर 65 साल की उम्र तक के व्यक्ति के लिए पॉलिसी ली जा सकती है। उम्र के हिसाब से प्रीमियम भुगतान की अवधि अलग होती है। 1 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए 16 साल तक प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है जबकि 65 साल की उम्र में पॉलिसी लेने वाले व्यक्ति के लिए प्रीमियम भुगतान की अवधि 5 से 10 साल तक हो सकती है। इस पॉलिसी के तहत कम से कम ₹5 लाख का सम एश्योर्ड लेना होता है। वहीं अधिकतम सम एश्योर्ड की कोई सीमा नहीं बताई गई है।
Jeevan Utsav में प्रीमियम भुगतान की अवधि आपकी उम्र और चुने गए विकल्प के हिसाब से तय होती है। कम उम्र में पॉलिसी लेने पर प्रीमियम भुगतान का समय ज्यादा हो सकता है जबकि अधिक उम्र में यह अवधि कम रहती है। 1 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए अधिकतम 16 साल तक प्रीमियम भुगतान करना पड़ सकता है। वहीं 65 साल की उम्र में पॉलिसी लेने पर 5 से 10 साल तक प्रीमियम भुगतान की अवधि हो सकती है। यानी पॉलिसी लेने से पहले अपनी उम्र के हिसाब से प्रीमियम अवधि और बाकी शर्तों को समझना जरूरी है।
इस योजना की सबसे खास बात इसका नियमित इनकम वाला विकल्प है। प्रीमियम भुगतान की अवधि पूरी होने के बाद रेगुलर इनकम प्लान के तहत हर साल Basic Sum Assured का 10 फीसदी इनकम बेनिफिट के तौर पर मिल सकता है। दिए गए प्लान के मुताबिक यह इनकम पॉलिसी की शर्तों के अनुसार लंबे समय तक जारी रह सकती है। 100 साल की उम्र तक भुगतान का भी उल्लेख किया गया है। इसके बाद पॉलिसी बंद होने पर जो मैच्योरिटी वैल्यू बनती है वह पॉलिसीहोल्डर को दी जाती है।
पॉलिसीधारक की मृत्यु होने की स्थिति में नॉमिनी को पॉलिसी से जुड़े डेथ बेनिफिट का लाभ मिलता है। इसमें सम एश्योर्ड और गारंटीड एडिशन से जुड़ी राशि शामिल हो सकती है। इसके अलावा इस योजना में Accidental Death and Disability Benefit Rider (ADDB) का विकल्प भी मौजूद है। दुर्घटना के कारण मृत्यु होने पर अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। वहीं दुर्घटना के कारण स्थायी विकलांगता होने की स्थिति में राइडर की शर्तों के मुताबिक प्रीमियम माफ होने का लाभ भी मिल सकता है।
अब आते हैं उस गणित पर, जिसकी वजह से यह योजना चर्चा में रहती है। अगर 36 साल की उम्र का व्यक्ति 10 लाख रुपये का सम एश्योर्ड लेकर 15 साल की पॉलिसी चुनता है तो उसे 15 साल तक प्रीमियम भरना होगा। प्रीमियम भुगतान के लिए अलग-अलग विकल्प दिए गए हैं।
सालाना प्रीमियम: ₹66,150
छह महीने का प्रीमियम: ₹33,653
तीन महीने का प्रीमियम: ₹16,950
मासिक प्रीमियम: ₹5,691
अगर 15 साल तक लगातार प्रीमियम भरा जाता है तो इसके बाद दो साल के अंतर के बाद यानी 53 साल की उम्र से सालाना ₹1 लाख की इनकम मिल सकती है। यह राशि ₹10 लाख के सम एश्योर्ड का 10 फीसदी है। यानी हर महीने ₹5,691 के हिसाब से प्रीमियम भरने पर 15 साल की अवधि पूरी करने के बाद इस इनकम विकल्प के तहत सालाना ₹1 लाख मिलने की व्यवस्था बताई गई है।
सम एश्योर्ड: ₹10 लाख
सालाना इनकम: ₹1 लाख
इनकम: सम एश्योर्ड का 10 फीसदी
उम्र: 36 साल
प्रीमियम अवधि: 15 साल
मासिक प्रीमियम: ₹5,691
इस तरह LIC Jeevan Utsav उन लोगों के लिए एक विकल्प है जो लंबे समय के लिए नियमित इनकम की योजना बनाना चाहते हैं। हालांकि, पॉलिसी लेने से पहले प्रीमियम, इनकम बेनिफिट, राइडर और मैच्योरिटी से जुड़ी सभी शर्तों को अच्छी तरह पढ़ना जरूरी है।
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