Fertilizer Subsidy DBT से किसानों को मिलेगा असली फायदा, जानें पूरा प्लान

PM Kisan Yojana की 22वीं किस्त से पहले किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुझाव दिया है कि 1.7 लाख करोड़ रुपए की खाद सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाए।

Kisan Kist Update
PM Kisan 22nd Installment Date
locationभारत
userअसमीना
calendar26 Feb 2026 06:19 AM
bookmark

कृषि मंत्रालय और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त से पहले मंत्री ने सुझाव दिया है कि 1.7 लाख करोड़ रुपए की खाद सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाए। इससे किसानों को खाद खरीदने में ज्यादा आजादी और पारदर्शिता मिलेगी।

खाद सब्सिडी सीधे खाते में जाने का संकेत

कृषि मंत्री ने दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के पूसा कृषि विज्ञान मेले में कहा कि यूरिया की एक बोरी की असली कीमत लगभग 2,400 रुपए है। सरकार की सब्सिडी के कारण किसान इसे केवल 265-270 रुपए में खरीद पाते हैं। मंत्री का मानना है कि यदि सब्सिडी DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में भेजी जाए किसान खुद तय कर सकेंगे कि कौन-सी खाद और कितनी मात्रा में खरीदनी है।

कंपनियों को सब्सिडी खाद

वर्तमान में सब्सिडी सीधे किसानों को नहीं जाती बल्कि खाद कंपनियों को दी जाती है। 2018 में DBT लागू हुआ था, लेकिन कंपनियों को सब्सिडी केवल तभी मिलती है जब किसानों को बिक्री का सत्यापन हो जाता है। सीधे भुगतान से यह सुनिश्चित होगा कि सब्सिडी का असली फायदा उसी किसान को पहुंचे जो खेत में खाद डाल रहा है।

किसानों के लिए उपलब्ध फंड और शिकायतें

किसानों को सस्ती खाद मिलती रहे इसके लिए सरकार ने 1.7 लाख करोड़ रुपए की सब्सिडी उपलब्ध कराई है। बावजूद इसके कई जगह शिकायतें आती रही हैं कि फील्ड में किसानों को खाद समय पर नहीं मिली। इस नए प्रस्ताव से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।

किसान क्रेडिट कार्ड और आधुनिक खेती पर जोर

कृषि मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देश के 75% छोटे किसानों को अब 4% ब्याज दर पर लोन मिल रहा है। मंत्री ने कहा कि लक्ष्य सिर्फ कर्ज बांटना नहीं बल्कि समय पर और बिना देरी के ऋण उपलब्ध कराना होना चाहिए। उन्होंने मशीनीकरण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों जैसे ड्रिप, स्प्रिंकलर, पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस पर भी जोर दिया।

किसानों का 'राष्ट्रीय महाकुंभ'

मंत्री ने पूसा कृषि विज्ञान मेले को किसानों का ‘राष्ट्रीय महाकुंभ’ बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि अगले साल इसे और बड़े स्तर पर किया जाए ताकि लैब की तकनीक सीधे खेत तक पहुंचे। सरकार का फोकस सिर्फ अनाज उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि पोषणयुक्त भोजन, फल-सब्जी उत्पादन और एकीकृत खेती के जरिए किसानों की आय बढ़ाना है।

किसानों के लिए फायदा

PM Kisan की 22वीं किस्त आने वाली है और मंत्री की नई घोषणा से यह साफ है कि किसानों को अब आर्थिक आजादी और पारदर्शिता मिलेगी। सीधे खाते में सब्सिडी मिलने से किसान खुद तय कर सकेंगे कि कौन-सी खाद खरीदनी है और कितनी मात्रा में। इस कदम से कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

मईंया सम्मान योजना के लिए बड़ा ऐलान, क्या है पात्रता और लाभ?

झारखंड बजट 2026-27 में महिलाओं, किसानों और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 2,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। राज्य सरकार ने सर्वजन पेंशन योजना और दिव्यांग/विधवा पेंशन योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया है।

Maiya Samman Yojana
मंईयां सम्मान योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar24 Feb 2026 02:42 PM
bookmark

झारखंड सरकार ने 2026-27 का बजट पेश कर दिया है। वित्त और संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इसे सदन में पेश किया। इस बजट में महिलाओं, किसानों और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। सबसे बड़ा ध्यान मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना और महिला कल्याण पर रहा।

मईंया सम्मान योजना

मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना के तहत राज्य सरकार महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद देती है। बजट में इस योजना को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। यह योजना विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन और दिव्यांग योजनाएं

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के लिए 3,517 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसके अलावा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा और दिव्यांग पेंशन योजना के लिए 1,463 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को नियमित वित्तीय सहायता देना है।

महिला किसान खुशहाली योजना

बजट में महिला किसान खुशहाली योजना का भी ऐलान किया गया। इसके तहत महिला किसानों को इंटीग्रेटेड फार्मिंग और तकनीक से जोड़ा जाएगा। इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इससे महिला किसानों की आय और उत्पादन में वृद्धि होगी।

किसान और कृषि योजनाओं के लिए बजट

  • बिरसा बीज उत्पादन, विनिमय वितरण और फसल विस्तार योजना का बजट बढ़ाकर 145 करोड़ कर दिया गया है।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • कृषि सिंचाई योजना के लिए 75 करोड़ रुपये और कृषि यंत्र वितरण योजना के लिए 80 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
  • राज्य मिलेट मिशन और नकदी फसल विकास एवं विस्तार योजना के लिए क्रमशः 25 और 19.88 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
  • राज्य उद्यान विकास योजनाओं के लिए 245.80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना

पशुपालन से जुड़े विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत 481.35 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस योजना से पशुपालन क्षेत्र में स्वरोजगार और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा।

अबुआ आवास योजना

अबुआ आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। साल 2024-25 में 6,50,000 मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से 6,33,106 आवासों को मंजूरी मिल गई है और 1,88,849 मकान बन चुके हैं। बाकी मकानों को पूरा करने के लिए 4,100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

राजस्थान के युवाओं के लिए सुनहरा मौका, जानिए पूरी डिटेल

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना राजस्थान के युवाओं के लिए एक शानदार अवसर है। इस योजना के तहत 8वीं पास से लेकर ग्रेजुएट तक के युवा बिना ब्याज के लोन लेकर अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं। सेवा और व्यापार क्षेत्र में 8वीं से 12वीं पास आवेदकों को 3.5 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा।

युवा स्वरोजगार योजना
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का उद्देश्य
locationभारत
userअसमीना
calendar24 Feb 2026 01:42 PM
bookmark

राजस्थान के युवा अब अपनी खुद की पहचान बनाने के लिए आर्थिक मदद पा सकते हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 8वीं पास से लेकर ग्रेजुएट तक के युवा अपने खुद के व्यवसाय या रोजगार के लिए बिना ब्याज के लोन ले सकते हैं। यह योजना छोटे व्यवसाय शुरू करने और स्वरोजगार बढ़ाने के लिए खास है।

योजना में बढ़ता उत्साह

22 जनवरी 2026 से इस योजना के लिए आवेदन शुरू हुए। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए शुरू में 10,000 युवाओं को लाभ देने का लक्ष्य था लेकिन महज एक महीने में 21,500 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अनुसार अब तक करीब 1,500 आवेदन बैंकों को आगे भेजे जा चुके हैं। सरकार इस योजना के माध्यम से प्रदेश में एक मजबूत स्वरोजगार ईकोसिस्टम तैयार करना चाहती है।

8वीं पास को कितना लोन मिलेगा?

  • इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बड़ी डिग्री की जरूरत नहीं।
  • 8वीं से 12वीं पास आवेदकों को सेवा और व्यापार क्षेत्र के लिए 3.5 लाख रुपये और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 7.5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज लोन मिलेगा।
  • इसके अलावा सरकार की ओर से 35,000 रुपये तक की मार्जिन मनी भी दी जाती है, जिसे वापस नहीं करना है।
  • अगर आवेदक ग्रेजुएट या ITI हो तो सेवा और व्यापार क्षेत्र के लिए 5 लाख और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा। मार्जिन मनी भी इस केस में 50,000 रुपये तक दी जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

युवाओं को आवेदन करने के लिए SSO ID और ई-मित्र का इस्तेमाल करना होगा। यहां है आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज।

  • आधार कार्ड और मूल निवास प्रमाण पत्र
  • आवेदक की फोटो
  • शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता के प्रमाण पत्र
  • संस्थागत आवेदन में 51 प्रतिशत से अधिक स्वामित्व का दस्तावेज

सबसे ज्यादा आवेदन कौन से जिले से आए?

इस योजना में राज्य के कई जिलों से आवेदन आए हैं। टॉप 5 जिले हैं-

जयपुर- 1,358 आवेदन

चूरू- 1,172 आवेदन

बीकानेर- 1,028 आवेदन

झालावाड़- 897 आवेदन

हनुमानगढ़- 891 आवेदन

बाकी जिलों में भी हजारों आवेदन जमा हुए हैं।

संबंधित खबरें