10वीं-12वीं में टॉप करने वाली बेटियों के लिए सरकार ने खोला खजाना

इस योजना का उद्देश्य परिवारों को बेटियों की शिक्षा के लिए प्रेरित करना है। अगर किसी परिवार में केवल एक बेटी या दो बेटियां हैं और उन्होंने राजस्थान बोर्ड की 10वीं या 12वीं परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए हैं तो उन्हें सरकार की ओर से एकमुश्त राशि दी जाती है।

RBSE10th Result 2026
Ekal Putri Yojana Rajasthan
locationभारत
userअसमीना
calendar26 Mar 2026 03:19 PM
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राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं के परिणाम का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। इस बार अच्छे अंक लाने वाली बेटियों के लिए राज्य सरकार ने खास योजना तैयार की है। अगर छात्राएं बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करती हैं तो उन्हें 31,000 रुपये से लेकर 51,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह योजना बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ सिर्फ टॉपर छात्राओं को ही नहीं बल्कि जिला स्तर की मेरिट में आने वाली बेटियों को भी मिलेगा। ऐसे में राजस्थान बोर्ड के परिणाम से पहले यह खबर हजारों परिवारों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है।

बेटियों के लिए खास प्रोत्साहन योजना

राजस्थान सरकार की एकल पुत्री/द्विपुत्री पुरस्कार योजना के तहत बेटियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य परिवारों को बेटियों की शिक्षा के लिए प्रेरित करना है। अगर किसी परिवार में केवल एक बेटी या दो बेटियां हैं और उन्होंने राजस्थान बोर्ड की 10वीं या 12वीं परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए हैं तो उन्हें सरकार की ओर से एकमुश्त राशि दी जाती है। यहां तक कि जुड़वा बेटियों के मामले में तीन बेटियों तक को भी इस योजना का लाभ दिया जा सकता है।

कितनी मिलती है छात्राओं को राशि

इस योजना के तहत छात्राओं को दो स्तर पर आर्थिक सहायता दी जाती है राज्य स्तर और जिला स्तर।

राज्य स्तर पर मिलने वाली राशि

10वीं में स्टेट कट ऑफ में आने पर: 31,000 रुपये

12वीं में स्टेट कट ऑफ में आने पर: 51,000 रुपये

जिला स्तर पर मिलने वाली राशि

10वीं में जिला कट ऑफ में आने पर: 11,000 रुपये

12वीं में जिला कट ऑफ में आने पर: 11,000 रुपये

यह राशि छात्राओं के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है।

कौन-कौन छात्राएं कर सकती हैं आवेदन?

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें निर्धारित की गई हैं-

  • छात्रा ने राजस्थान बोर्ड से 10वीं या 12वीं पास की हो
  • छात्रा ने तय कट ऑफ या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों
  • परिवार में एक या दो बेटियां हों
  • जुड़वा बेटियों के मामले में तीन बेटियों तक पात्रता

इन शर्तों को पूरा करने वाली छात्राएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।

आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?

इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया काफी आसान है। छात्राओं को कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे-

  • बोर्ड की वेबसाइट से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें
  • फॉर्म को सही तरीके से भरें
  • स्कूल प्रिंसिपल से सत्यापित कराएं
  • जरूरी दस्तावेज संलग्न करें
  • निर्धारित समय सीमा से पहले डाक के माध्यम से भेजें
  • आवेदन की सूचना अखबार, सोशल मीडिया और बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए जारी की जाती है।

बैंक खाते में सीधे आएगा पैसा

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि छात्राओं को मिलने वाली राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इसलिए आवेदन करते समय बैंक से जुड़ी जानकारी सही देना जरूरी है। छात्राओं को आवेदन करते समय निम्न जानकारी जरूर भरनी होगी-

  • बैंक अकाउंट नंबर
  • IFSC कोड
  • ब्रांच का नाम
  • खाताधारक का नाम
  • मोबाइल नंबर
  • आधार लिंक बैंक खाता

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

इस योजना के लिए आवेदन करते समय छात्राओं को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे-

  • आवेदन फॉर्म
  • माता-पिता का शपथ पत्र
  • स्कूल प्रिंसिपल का अनुशंसा पत्र
  • राशन कार्ड या जन आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक की कॉपी
  • आधार कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • 10वीं या 12वीं की मार्कशीट

बेटियों की शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

राजस्थान सरकार की यह योजना बेटियों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे न सिर्फ छात्राओं का उत्साह बढ़ेगा बल्कि परिवार भी बेटियों की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देंगे। अगर आपकी बेटी भी राजस्थान बोर्ड की परीक्षा में अच्छे अंक लाती है तो यह योजना उसके लिए सुनहरा मौका साबित हो सकती है।

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यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है जिससे ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह भुगतान ऐसे समय पर हुआ है जब हाल ही में किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त मिली थी।

Bhumihin Majdur Yojana
भूमिहीन मजदूर योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar26 Mar 2026 02:28 PM
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छत्तीसगढ़ सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए एक बड़ी राहत भरी घोषणा को जमीन पर उतार दिया है। राज्य के लाखों परिवारों के लिए यह आर्थिक मदद किसी संजीवनी से कम नहीं है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 4.95 लाख से अधिक भूमिहीन मजदूरों के खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है जिससे ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह भुगतान ऐसे समय पर हुआ है जब हाल ही में किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त मिली थी। अब भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी आर्थिक सहायता देकर सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री ने बलौदाबाजार से किया राशि का ट्रांसफर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को बलौदाबाजार से इस योजना के तहत राशि जारी की। इस दौरान उन्होंने 4.95 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में सीधे 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत खेतों में काम करने वाले मजदूरों को हर साल आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य उन परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, जिनके पास अपनी खेती की जमीन नहीं है और जो दूसरों के खेतों में मजदूरी कर अपनी आजीविका चलाते हैं।

योजना का उद्देश्य और लाभ

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना के तहत पंजीकृत मजदूरों को साल में एक बार 10,000 रुपये की सहायता दी जाती है। पहले इस योजना के लिए 562 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था लेकिन इस साल इसे बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह योजना उन मजदूरों के लिए है, जिनके पास खुद की जमीन नहीं है और जो दूसरों की जमीन पर काम करके जीवन यापन करते हैं।

ऐसे करें अपने भुगतान का स्टेटस चेक

अगर आपके खाते में अभी तक राशि नहीं आई है तो आप ऑनलाइन स्टेटस भी चेक कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें-

  • सबसे पहले ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं
  • revenue.cg.nic.in/ddubkmky/info.aspx वेबसाइट खोलें
  • 'पंजीयन विवरण' पर क्लिक करें
  • ग्रामीण या शहरी क्षेत्र का चयन करें
  • पंजीयन नंबर, नाम, मोबाइल या आधार नंबर से सर्च करें
  • नाम से सर्च करने पर जिला, तहसील और गांव चुनें
  • इसके बाद आपकी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी

इस प्रक्रिया के जरिए लाभार्थी आसानी से अपने भुगतान की स्थिति जान सकते हैं।

इन जिलों के मजदूरों को मिला सबसे ज्यादा लाभ

इस योजना के तहत सबसे अधिक लाभार्थी रायपुर जिले से हैं। रायपुर के 53,388 भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में राशि भेजी गई है। इसके बाद बिलासपुर जिले के 39,401 मजदूरों को इस योजना का लाभ मिला है। सरकार ने इस योजना में सिर्फ खेत मजदूरों को ही नहीं बल्कि ग्रामीण पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े परिवारों को भी शामिल किया है।

इन वर्गों को भी मिल रहा योजना का लाभ

इस योजना का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। इसमें शामिल लाभार्थियों में शामिल हैं-

  • भूमिहीन कृषि मजदूर
  • जंगलों में काम करने वाले परिवार
  • चरवाहे
  • बढ़ई
  • लोहार
  • मोची
  • नाई
  • धोबी
  • पुजारी
  • बैगा
  • गुनिया
  • मांझी परिवार

इन सभी वर्गों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस योजना को लागू किया गया है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देती हैं। जब बड़ी संख्या में लोगों के खातों में पैसा पहुंचता है तो इससे स्थानीय बाजारों में खरीदारी बढ़ती है और आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न सिर्फ भूमिहीन मजदूरों के लिए राहत भरी है बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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82 लाख किसानों के लिए बड़ी खबर, चेक करें अपना खाता

हर किसान को 2-2 हजार रुपये मिले लेकिन उसी समय मध्य प्रदेश के किसानों का ध्यान मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना (CM-Kisan Kalyan Yojana) पर टिक गया। इस योजना की 14वीं और 15वीं किस्त अब तक किसानों के खाते में नहीं आई है। इस वजह से किसानों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब उन्हें 4,000 रुपये मिलेंगे।

CM Kisan Yojana
किसानों के लिए बड़ी खबर
locationभारत
userअसमीना
calendar17 Mar 2026 01:37 PM
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मध्य प्रदेश में किसानों के लिए साल 2026 की शुरुआत उम्मीदों के साथ हुई थी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की 22वीं किस्त 13 मार्च को प्रदेश के 82 लाख किसानों के खाते में पहुंच गई। हर किसान को 2-2 हजार रुपये मिले लेकिन उसी समय मध्य प्रदेश के किसानों का ध्यान मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना (CM-Kisan Kalyan Yojana) पर टिक गया। इस योजना की 14वीं और 15वीं किस्त अब तक किसानों के खाते में नहीं आई है। इस वजह से किसानों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब उन्हें 4,000 रुपये मिलेंगे।

पीएम किसान सम्मान निधि की राहत

पीएम किसान योजना के तहत हर किसान को साल में तीन किस्तों में 6,000 रुपये दिए जाते हैं। 13 मार्च को आई 22वीं किस्त से किसानों को थोड़ी राहत मिली है। इस योजना की समय पर किश्तें आने से किसानों को खेती में इस्तेमाल होने वाले खर्चों को आसानी से पूरा करने का मौका मिलता है।

सीएम किसान कल्याण योजना में देरी

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 13वीं किस्त अगस्त 2025 में जारी हुई थी। इसके बाद नवंबर में पीएम किसान की 21वीं किस्त आई लेकिन सीएम किसान योजना का पैसा अभी तक किसानों के खातों में नहीं पहुंचा। प्रदेश के किसान इस देरी से निराश हैं खासकर तब जब साल 2026 को राज्य सरकार ने किसान वर्ष घोषित किया है।

अटकने का कारण और संभावित तारीख

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीएम किसान कल्याण योजना की अटकी हुई किस्त अभी तक कई तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से जारी नहीं की गई। माना जा रहा है कि नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होने पर किसानों के खाते में यह पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है। ऐसे में अगले कुछ हफ्तों में किसानों की प्रतीक्षा खत्म हो सकती है।

अन्य योजनाओं की नियमित भुगतान

किसानों की नाराजगी का एक कारण यह भी है कि अन्य योजनाएं जैसे “लाडली बहना योजना” का पैसा हर महीने नियमित रूप से ट्रांसफर किया जा रहा है। नवंबर 2025 में इसका मासिक भुगतान बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दिया गया था। जबकि सीएम किसान कल्याण योजना का पैसा अभी तक अटका हुआ है जिससे किसानों को असंतोष है।

किसानों की उम्मीदें और सरकार की जिम्मेदारी

प्रदेश के किसान यह उम्मीद कर रहे हैं कि जैसे ही नया वित्त वर्ष शुरू होगा उनके खातों में अटकी हुई किस्तें ट्रांसफर की जाएंगी। इस योजना के समय पर भुगतान से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे अपने कृषि कार्यों को आसानी से चला पाएंगे।

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