Fertilizer Subsidy DBT से किसानों को मिलेगा असली फायदा, जानें पूरा प्लान
PM Kisan Yojana की 22वीं किस्त से पहले किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुझाव दिया है कि 1.7 लाख करोड़ रुपए की खाद सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाए।

कृषि मंत्रालय और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त से पहले मंत्री ने सुझाव दिया है कि 1.7 लाख करोड़ रुपए की खाद सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाए। इससे किसानों को खाद खरीदने में ज्यादा आजादी और पारदर्शिता मिलेगी।
खाद सब्सिडी सीधे खाते में जाने का संकेत
कृषि मंत्री ने दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के पूसा कृषि विज्ञान मेले में कहा कि यूरिया की एक बोरी की असली कीमत लगभग 2,400 रुपए है। सरकार की सब्सिडी के कारण किसान इसे केवल 265-270 रुपए में खरीद पाते हैं। मंत्री का मानना है कि यदि सब्सिडी DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में भेजी जाए किसान खुद तय कर सकेंगे कि कौन-सी खाद और कितनी मात्रा में खरीदनी है।
कंपनियों को सब्सिडी खाद
वर्तमान में सब्सिडी सीधे किसानों को नहीं जाती बल्कि खाद कंपनियों को दी जाती है। 2018 में DBT लागू हुआ था, लेकिन कंपनियों को सब्सिडी केवल तभी मिलती है जब किसानों को बिक्री का सत्यापन हो जाता है। सीधे भुगतान से यह सुनिश्चित होगा कि सब्सिडी का असली फायदा उसी किसान को पहुंचे जो खेत में खाद डाल रहा है।
किसानों के लिए उपलब्ध फंड और शिकायतें
किसानों को सस्ती खाद मिलती रहे इसके लिए सरकार ने 1.7 लाख करोड़ रुपए की सब्सिडी उपलब्ध कराई है। बावजूद इसके कई जगह शिकायतें आती रही हैं कि फील्ड में किसानों को खाद समय पर नहीं मिली। इस नए प्रस्ताव से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
किसान क्रेडिट कार्ड और आधुनिक खेती पर जोर
कृषि मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देश के 75% छोटे किसानों को अब 4% ब्याज दर पर लोन मिल रहा है। मंत्री ने कहा कि लक्ष्य सिर्फ कर्ज बांटना नहीं बल्कि समय पर और बिना देरी के ऋण उपलब्ध कराना होना चाहिए। उन्होंने मशीनीकरण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों जैसे ड्रिप, स्प्रिंकलर, पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस पर भी जोर दिया।
किसानों का 'राष्ट्रीय महाकुंभ'
मंत्री ने पूसा कृषि विज्ञान मेले को किसानों का ‘राष्ट्रीय महाकुंभ’ बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि अगले साल इसे और बड़े स्तर पर किया जाए ताकि लैब की तकनीक सीधे खेत तक पहुंचे। सरकार का फोकस सिर्फ अनाज उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि पोषणयुक्त भोजन, फल-सब्जी उत्पादन और एकीकृत खेती के जरिए किसानों की आय बढ़ाना है।
किसानों के लिए फायदा
PM Kisan की 22वीं किस्त आने वाली है और मंत्री की नई घोषणा से यह साफ है कि किसानों को अब आर्थिक आजादी और पारदर्शिता मिलेगी। सीधे खाते में सब्सिडी मिलने से किसान खुद तय कर सकेंगे कि कौन-सी खाद खरीदनी है और कितनी मात्रा में। इस कदम से कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
कृषि मंत्रालय और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त से पहले मंत्री ने सुझाव दिया है कि 1.7 लाख करोड़ रुपए की खाद सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाए। इससे किसानों को खाद खरीदने में ज्यादा आजादी और पारदर्शिता मिलेगी।
खाद सब्सिडी सीधे खाते में जाने का संकेत
कृषि मंत्री ने दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के पूसा कृषि विज्ञान मेले में कहा कि यूरिया की एक बोरी की असली कीमत लगभग 2,400 रुपए है। सरकार की सब्सिडी के कारण किसान इसे केवल 265-270 रुपए में खरीद पाते हैं। मंत्री का मानना है कि यदि सब्सिडी DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में भेजी जाए किसान खुद तय कर सकेंगे कि कौन-सी खाद और कितनी मात्रा में खरीदनी है।
कंपनियों को सब्सिडी खाद
वर्तमान में सब्सिडी सीधे किसानों को नहीं जाती बल्कि खाद कंपनियों को दी जाती है। 2018 में DBT लागू हुआ था, लेकिन कंपनियों को सब्सिडी केवल तभी मिलती है जब किसानों को बिक्री का सत्यापन हो जाता है। सीधे भुगतान से यह सुनिश्चित होगा कि सब्सिडी का असली फायदा उसी किसान को पहुंचे जो खेत में खाद डाल रहा है।
किसानों के लिए उपलब्ध फंड और शिकायतें
किसानों को सस्ती खाद मिलती रहे इसके लिए सरकार ने 1.7 लाख करोड़ रुपए की सब्सिडी उपलब्ध कराई है। बावजूद इसके कई जगह शिकायतें आती रही हैं कि फील्ड में किसानों को खाद समय पर नहीं मिली। इस नए प्रस्ताव से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
किसान क्रेडिट कार्ड और आधुनिक खेती पर जोर
कृषि मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देश के 75% छोटे किसानों को अब 4% ब्याज दर पर लोन मिल रहा है। मंत्री ने कहा कि लक्ष्य सिर्फ कर्ज बांटना नहीं बल्कि समय पर और बिना देरी के ऋण उपलब्ध कराना होना चाहिए। उन्होंने मशीनीकरण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों जैसे ड्रिप, स्प्रिंकलर, पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस पर भी जोर दिया।
किसानों का 'राष्ट्रीय महाकुंभ'
मंत्री ने पूसा कृषि विज्ञान मेले को किसानों का ‘राष्ट्रीय महाकुंभ’ बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि अगले साल इसे और बड़े स्तर पर किया जाए ताकि लैब की तकनीक सीधे खेत तक पहुंचे। सरकार का फोकस सिर्फ अनाज उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि पोषणयुक्त भोजन, फल-सब्जी उत्पादन और एकीकृत खेती के जरिए किसानों की आय बढ़ाना है।
किसानों के लिए फायदा
PM Kisan की 22वीं किस्त आने वाली है और मंत्री की नई घोषणा से यह साफ है कि किसानों को अब आर्थिक आजादी और पारदर्शिता मिलेगी। सीधे खाते में सब्सिडी मिलने से किसान खुद तय कर सकेंगे कि कौन-सी खाद खरीदनी है और कितनी मात्रा में। इस कदम से कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।












