Maiya Samman Yojana: राज्य सरकार अब योजना की राशि भेजने की प्रक्रिया को और व्यवस्थित करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि अक्टूबर से महिलाओं के खाते में पैसा भेजने के लिए हर महीने एक निश्चित तारीख तय की जा सकती है।

झारखंड की मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार अब योजना की राशि भेजने की प्रक्रिया को और व्यवस्थित करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि अक्टूबर से महिलाओं के खाते में पैसा भेजने के लिए हर महीने एक निश्चित तारीख तय की जा सकती है। इससे लाभार्थी महिलाओं को यह पता रहेगा कि उनके खाते में योजना की राशि कब आएगी। अभी तक अलग-अलग जिलों में भुगतान की तारीख अलग-अलग होने की वजह से कई बार महिलाओं को इंतजार करना पड़ता है। उदाहरण के तौर पर रांची की महिलाओं के खाते में अगर 10 तारीख को पैसा पहुंचता है तो संभव है कि पलामू या किसी अन्य जिले की महिलाओं को 15 तारीख तक इंतजार करना पड़े। इसी अंतर को खत्म करने के लिए सरकार एक तय व्यवस्था लागू करने पर विचार कर रही है।
जानकारी के अनुसार, झारखंड सरकार योजना के भुगतान को एक निश्चित तारीख से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके तहत हर महीने एक दिन को 'मंईयां सम्मान दिवस' के रूप में मनाया जा सकता है। इस दिन मुख्यमंत्री या सरकार के किसी मंत्री के माध्यम से राज्य की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए राशि भेजी जा सकती है। अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो सभी जिलों की महिलाओं को एक ही दिन योजना की किस्त मिलने लगेगी।
अभी योजना की राशि जिलों के हिसाब से अलग-अलग समय पर ट्रांसफर होती है। ऐसे में कई बार कुछ जिलों की महिलाओं को पैसा मिल जाता है जबकि दूसरे जिलों की लाभार्थी महिलाएं भुगतान का इंतजार करती रहती हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस तरह की स्थिति में कमी आने की उम्मीद है। महिलाओं को पहले से पता रहेगा कि किस तारीख को उनके खाते में पैसा आएगा और उन्हें बार-बार बैंक या ऑनलाइन माध्यम से भुगतान की स्थिति जांचने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
झारखंड सरकार ने मंईयां सम्मान योजना के तहत अप्रैल, मई और जून महीने की राशि महिलाओं के खातों में ट्रांसफर कर दी है। इस बार लाभार्थी महिलाओं को तीन महीने की एक साथ किस्त के रूप में 7500 रुपये भेजे गए हैं। हाल ही में रांची जिले की महिलाओं के खातों में योजना की राशि पहुंचाई गई है। वहीं जिन जिलों में अभी तक पैसा नहीं पहुंचा है वहां भी जल्द ही राशि ट्रांसफर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
झारखंड सरकार जिस नई व्यवस्था पर विचार कर रही है वह कुछ हद तक मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना जैसी हो सकती है। वहां महिलाओं के खाते में हर महीने एक निश्चित तारीख को योजना की राशि भेजी जाती है। झारखंड में भी अगर 'मंईयां सम्मान दिवस' की व्यवस्था लागू होती है तो लाभार्थी महिलाओं को हर महीने एक तय दिन पर पैसा मिलने लगेगा। इससे योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और भुगतान प्रक्रिया भी आसान होगी।
अगर सरकार की यह योजना लागू होती है तो सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि महिलाओं को किस्त का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्हें पहले से जानकारी होगी कि हर महीने किस तारीख को पैसा मिलेगा। इसके अलावा भुगतान प्रक्रिया में भी सुधार होगा और अलग-अलग जिलों में अलग-अलग तारीखों पर होने वाली देरी की समस्या कम हो सकती है।
फिलहाल सरकार की ओर से इस संबंध में अंतिम घोषणा नहीं की गई है लेकिन योजना से जुड़े बदलावों पर विचार किया जा रहा है। अगर अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू होती है तो झारखंड की लाखों महिलाओं को हर महीने एक निश्चित तारीख पर मंईयां सम्मान योजना की राशि मिल सकेगी। अब सभी की नजर सरकार के अगले फैसले पर है कि 'मंईयां सम्मान दिवस' की शुरुआत कब से होती है और इसके लिए कौन सी तारीख तय की जाती है।
विज्ञापन