रांची जिले में योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं के खातों में राशि भेजी जा चुकी है। जिले की कुल 3 लाख 89 हजार 296 महिलाओं को 2500 रुपये प्रति लाभार्थी के हिसाब से भुगतान किया गया है।

झारखंड की लाखों महिलाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत मार्च महीने की 2500 रुपये की किस्त भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को वित्तीय सहायता देना है ताकि वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें। मार्च महीने की किस्त जारी होने के साथ ही कई महिलाओं के खातों में पैसे पहुंचने लगे हैं जिससे लाभार्थियों में खुशी का माहौल है।
जिला प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, रांची जिले में योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं के खातों में राशि भेजी जा चुकी है। जिले की कुल 3 लाख 89 हजार 296 महिलाओं को 2500 रुपये प्रति लाभार्थी के हिसाब से भुगतान किया गया है। इस तरह कुल 97 करोड़ 32 लाख 40 हजार रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है। यह राशि आधार बेस्ड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से ट्रांसफर की गई है जिससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे।
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी पात्र महिलाओं को समय पर योजना का लाभ मिले। प्रशासन का कहना है कि अगर किसी लाभार्थी को भुगतान में किसी तरह की समस्या आती है तो उसका जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं ताकि किसी भी पात्र महिला को योजना से वंचित न रहना पड़े।
अगर आपके खाते में अभी तक 2500 रुपये की किस्त नहीं आई है तो आप योजना का स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसके लिए लाभार्थियों को ऑफिशियल पोर्टल पर जाना होगा। हालांकि स्टेटस चेक करने के लिए CSC ऑपरेटर की मदद लेनी होगी। ऑपरेटर अपने लॉगिन के जरिए वेबसाइट पर जाकर आधार नंबर के माध्यम से लाभार्थी की जानकारी निकाल सकते हैं। इसके बाद आपको यह पता चल जाएगा कि भुगतान हुआ है या अभी प्रक्रिया में है।
मंईयां सम्मान योजना के लिए फिलहाल ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। नए लाभार्थियों के लिए पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाते हैं। इन कैंपों में जाकर महिलाएं अपना आधार कार्ड देकर आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भी घर-घर जाकर पात्र महिलाओं के फॉर्म भरने में मदद करती हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंच सके।
इस योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं को ही दिया जाता है। जिन परिवारों में आयकर भरा जाता है या जिन महिलाओं का पीएफ कटता है, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा अगर परिवार में किसी को सरकारी नौकरी है, रिटायरमेंट पेंशन मिल रही है या परिवार का कोई सदस्य सांसद या विधायक रहा है तो ऐसी महिलाओं को भी इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल जरूरतमंद महिलाओं तक ही पहुंचे।
मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे महिलाओं को आर्थिक मदद मिलती है जिससे वे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम बनती हैं। योजना के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी यह कदम अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में इस योजना का लाभ और ज्यादा महिलाओं तक पहुंचने की उम्मीद है।