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इस योजना के तहत 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास करने वाले SC-ST वर्ग के छात्र-छात्राओं को एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है। सरकार का मकसद यह है कि छात्र आगे की पढ़ाई बिना आर्थिक चिंता के जारी रख सकें। जो छात्र 10वीं में प्रथम श्रेणी से पास होते हैं उन्हें 10 हजार रुपये की सहायता दी जाती है।

बिहार सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है। खासकर ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए जो आर्थिक परेशानी की वजह से आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते। अब राज्य सरकार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के मेधावी छात्रों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दे रही है ताकि उनका भविष्य बेहतर बन सके। मुख्यमंत्री मेधावृति योजना के जरिए हजारों छात्रों को हर साल मदद मिल रही है और इसका फायदा ग्रामीण इलाकों तक पहुंच रहा है।
इस योजना के तहत 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास करने वाले SC-ST वर्ग के छात्र-छात्राओं को एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है। सरकार का मकसद यह है कि छात्र आगे की पढ़ाई बिना आर्थिक चिंता के जारी रख सकें। जो छात्र 10वीं में प्रथम श्रेणी से पास होते हैं उन्हें 10 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं द्वितीय श्रेणी से पास करने वाले छात्रों को 8 हजार रुपये तक की राशि मिलती है। इसी तरह 12वीं में प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाली छात्राओं को 15 हजार रुपये और द्वितीय श्रेणी पर 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में इस योजना का लाभ करीब 9 लाख 78 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं को मिल चुका है। सरकार का कहना है कि यह योजना छात्रों को उच्च शिक्षा की तरफ आगे बढ़ाने में काफी मददगार साबित हुई है। साल 2025 में करीब 1 लाख 63 हजार से ज्यादा छात्रों ने इसका लाभ उठाया। वहीं 2024 में लगभग 1 लाख 87 हजार छात्रों को सहायता दी गई थी। इससे पहले भी हर साल बड़ी संख्या में छात्र इस योजना से जुड़ते रहे हैं।
सरकार का मानना है कि इस योजना की वजह से ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के छात्रों में पढ़ाई को लेकर उत्साह बढ़ा है। पहले जहां कई छात्र आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ देते थे वहीं अब उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। योजना का असर सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है बल्कि इससे छात्रों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब कई छात्र बिना फीस और खर्च की चिंता किए कॉलेज और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों में बिहार सरकार ने इस योजना के तहत करीब 941 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि वितरित की है। इससे साफ है कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में SC-ST छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार निवेश कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं सिर्फ छात्रों की मदद नहीं करतीं बल्कि समाज में शिक्षा का स्तर भी मजबूत करती हैं। इससे आने वाले समय में ज्यादा युवा उच्च शिक्षा की तरफ बढ़ सकेंगे।
इस साल परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राएं जल्द ही योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की प्रक्रिया आधिकारिक वेबसाइट मेधासॉफ्ट के जरिए पूरी होगी। आवेदन करते समय छात्रों को 10वीं या 12वीं की मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। सरकार ने छात्रों से समय पर आवेदन करने की अपील की है ताकि उन्हें योजना का लाभ आसानी से मिल सके।
मुख्यमंत्री मेधावृति योजना उन परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है जहां आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। अब इस योजना की मदद से हजारों छात्र अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बिहार सरकार की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाली योजनाओं में गिनी जा रही है।
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