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सरकार का कहना है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। इसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये और दलित वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

महंगाई के बढ़ते दौर में घर का बजट संभालना आसान नहीं रह गया है। रसोई से लेकर बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों तक हर चीज का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे समय में लाखों महिलाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार ने एक ऐसी योजना शुरू करने का ऐलान किया है जिसके तहत महिलाओं को हर महीने सीधे आर्थिक सहायता दी जाएगी। खास बात यह है कि यह रकम हर महीने उनके खाते में पहुंचेगी जिससे परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
सरकार का कहना है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। इसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये और दलित वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना से लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार ने इसके लिए जरूरी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। बड़ी संख्या में लाभार्थियों की पहचान की जा चुकी है और उन्हें योजना से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों का दावा है कि पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
इस योजना को सफल बनाने के लिए सरकार ने अपने बजट में हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। प्रशासन का मानना है कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
सरकार के अनुसार योजना के लिए पात्र महिलाओं की पहचान का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है। लाखों महिलाओं को योजना से जुड़े कार्ड भी जारी किए जा चुके हैं। बाकी लाभार्थियों तक भी जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए जिला स्तर पर भी निगरानी की जा रही है।
हालांकि योजना का दायरा काफी बड़ा है लेकिन सरकार ने कुछ श्रेणियों को इससे बाहर रखा है। जिन महिलाओं की आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत मानी जाती है या जो सरकारी सुविधाओं के कुछ विशेष दायरों में आती हैं उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार का उद्देश्य उन महिलाओं तक सहायता पहुंचाना है जिन्हें वास्तव में आर्थिक सहयोग की जरूरत है। इसी वजह से पात्रता को लेकर कुछ शर्तें भी तय की गई हैं।
इस योजना की एक और खास बात यह है कि जो महिलाएं पहले से किसी सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रही हैं उन्हें भी राहत मिलेगी। उनकी पेंशन जारी रहेगी और नई योजना की राशि अलग से मिलेगी। यानी उन्हें किसी एक लाभ को छोड़ने की जरूरत नहीं होगी। इस फैसले से बड़ी संख्या में बुजुर्ग और जरूरतमंद महिलाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी पात्र महिला का कार्ड तय समय तक नहीं बन पाता है तब भी उसे नुकसान नहीं होगा। बाद में कार्ड बनने पर भी उसे योजना शुरू होने की तारीख से मिलने वाली राशि का पूरा भुगतान किया जाएगा। इस घोषणा के बाद उन महिलाओं की चिंता भी दूर हो गई है जो दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने में देरी को लेकर परेशान थीं।
महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने का वादा लंबे समय से चर्चा में था। योजना लागू होने में देरी को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे लेकिन अब सरकार ने इसके क्रियान्वयन की तारीख तय कर दी है। इसके बाद लाखों महिलाओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
बता दें कि यह पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि 1 जुलाई से राज्य की करीब 52 लाख महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये और दलित महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। सरकार का दावा है कि यह योजना राज्य की करीब 51.48 प्रतिशत वयस्क महिला आबादी को कवर करेगी और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
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