Mukhyamantri Seekho Kamao Yojana: इस योजना की शुरुआत युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से की थी। योजना के तहत युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से अलग-अलग कोर्स और ट्रेनिंग का विकल्प मिलता है।

अगर आप मध्य प्रदेश के युवा हैं और नौकरी की तलाश कर रहे हैं लेकिन आपके पास जरूरी स्किल या काम का अनुभव नहीं है तो ‘मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना’ आपके लिए काम की हो सकती है। इस योजना में युवाओं को अलग-अलग काम और ट्रेड की ट्रेनिंग दी जाती है। खास बात यह है कि ट्रेनिंग के दौरान युवाओं को हर महीने स्टाइपेंड भी दिया जाता है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना की शुरुआत युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से की थी। योजना के तहत युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से अलग-अलग कोर्स और ट्रेनिंग का विकल्प मिलता है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद युवा नौकरी की तलाश कर सकते हैं या सीखी हुई स्किल के आधार पर अपना काम भी शुरू कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें युवा केवल काम सीखते ही नहीं हैं बल्कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें आर्थिक सहायता भी मिलती है। स्टाइपेंड की राशि युवा की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अलग-अलग तय की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्टाइपेंड इस तरह है-
पढ़ाई की योग्यता बढ़ने के साथ स्टाइपेंड की राशि भी बढ़ती है। हालांकि योजना के नियमों और भुगतान से जुड़ी मौजूदा शर्तों को आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जरूर देखना चाहिए।
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योजना के तहत युवाओं को कई तरह के काम और ट्रेड में प्रशिक्षण लेने का अवसर दिया जाता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यहां 700 से ज्यादा कोर्स के विकल्प हैं। इससे युवाओं को अपनी रुचि और योग्यता के हिसाब से ट्रेनिंग चुनने का मौका मिलता है। ट्रेनिंग का मकसद केवल किसी एक काम की जानकारी देना नहीं है। युवाओं को ऐसा व्यावहारिक अनुभव देने पर जोर है जिससे वे आगे नौकरी या स्वरोजगार के लिए तैयार हो सकें। यही वजह है कि योजना उन युवाओं के लिए उपयोगी हो सकती है जो पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे काम का अनुभव हासिल करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें रखी गई हैं। आपके दिए विवरण के अनुसार, योजना में आवेदन करने वाले युवा के लिए ये शर्तें हैं-
योजना का एक बड़ा फायदा यह है कि ट्रेनिंग के दौरान युवा काम का अनुभव हासिल करते हैं। किसी भी नौकरी के लिए सिर्फ डिग्री ही काफी नहीं होती कई जगह व्यावहारिक अनुभव और स्किल भी जरूरी होती है। ऐसे में यह ट्रेनिंग युवाओं को काम की वास्तविक प्रक्रिया समझने में मदद कर सकती है। ट्रेनिंग के बाद युवा अपनी सीखी हुई स्किल के आधार पर नौकरी की तलाश कर सकते हैं। वहीं अगर किसी युवा के पास अपना काम शुरू करने का आइडिया और जरूरी संसाधन हैं तो वह स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ सकता है।
योजना में आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन है। उम्मीदवारों को MMSKY पोर्टल के जरिए पंजीयन करना होता है। आवेदन शुरू करने से पहले पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
पंजीकरण के लिए सामान्य प्रक्रिया इस तरह है-
आवेदन प्रक्रिया में उम्मीदवार को अपनी पसंद के अनुसार उपलब्ध कोर्स और ट्रेनिंग स्थान चुनने का विकल्प मिलता है। इसलिए आवेदन करते समय केवल स्टाइपेंड को देखकर कोर्स चुनने के बजाय यह भी देखना चाहिए कि वह काम आपकी रुचि और भविष्य की नौकरी के हिसाब से कितना उपयोगी है। योजना का उद्देश्य युवाओं को केवल कुछ महीनों की आर्थिक मदद देना नहीं बल्कि उन्हें काम के लिए तैयार करना है। इसलिए सही कोर्स का चुनाव इस योजना का सबसे अहम हिस्सा हो सकता है।
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