Delhi Lakshmi Yojana: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में बताया कि सरकार का मकसद ज्यादा से ज्यादा ऐसी महिलाओं को योजना से जोड़ना है जो इसकी शर्तों को पूरा करती हैं।

दिल्ली की महिलाओं के लिए शुरू की गई दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। योजना में रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि सरकार फिलहाल योजना का पोर्टल बंद करने के मूड में नहीं है। जब तक सरकार अपने तय लक्ष्य तक नहीं पहुंचती तब तक पात्र महिलाओं के लिए रजिस्ट्रेशन जारी रहेगा।
दिल्ली सरकार ने इस योजना के तहत करीब 17 लाख पात्र महिलाओं को आर्थिक मदद देने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में बताया कि सरकार का मकसद ज्यादा से ज्यादा ऐसी महिलाओं को योजना से जोड़ना है जो इसकी शर्तों को पूरा करती हैं। सीएम के मुताबिक, जब तक 17 लाख पात्र महिलाओं को योजना के दायरे में नहीं लाया जाता तब तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बंद नहीं की जाएगी। इसका मतलब है कि अभी महिलाओं को आवेदन करने के लिए समय मिलेगा।
दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 1 अगस्त से हुई थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, योजना शुरू होने के करीब 10 दिन में ही 5.92 लाख महिलाओं ने अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है। रजिस्ट्रेशन की यह संख्या बताती है कि दिल्ली की महिलाओं में इस योजना को लेकर काफी दिलचस्पी है। सरकार का लक्ष्य अब बाकी पात्र महिलाओं को भी योजना से जोड़ना है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि इस राशि से महिलाओं को अपनी जरूरतों के लिए आर्थिक मदद मिलेगी और साथ ही उनके भविष्य के लिए कुछ बचत भी तैयार होगी। सरकार ने योजना के लिए करीब 5100 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। योजना की पहली किस्त रक्षाबंधन के आसपास जारी किए जाने की संभावना जताई गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, योजना के तहत मिलने वाली 2500 रुपये की राशि का पूरा पैसा सीधे खर्च के लिए उपलब्ध नहीं होगा। इसमें से 1000 रुपये डिजिटल वॉलेट के जरिए दिए जाएंगे जबकि 1500 रुपये एफडी या आरडी के रूप में बचत के लिए रखे जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से महिलाओं को हर महीने कुछ पैसा अपनी जरूरतों के लिए मिलेगा और बाकी राशि भविष्य के लिए बचती रहेगी। तीन साल बाद यह बचत ब्याज के साथ एकमुश्त आर्थिक मदद के तौर पर काम आ सकती है।
योजना का लाभ सभी महिलाओं को नहीं मिलेगा। इसके लिए सरकार ने कुछ शर्तें तय की हैं। 21 से 60 साल की पात्र महिलाएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं। वहीं जिन महिलाओं के तीन से ज्यादा बच्चे हैं या जिनके परिवार की सालाना बिजली खपत 2400 यूनिट से ज्यादा है उन्हें योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। आवेदन करने से पहले महिलाओं को योजना की सभी शर्तों को ध्यान से देखना जरूरी है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इसका पोर्टल कब बंद होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि 17 लाख पात्र महिलाओं का लक्ष्य पूरा होने तक रजिस्ट्रेशन बंद नहीं किया जाएगा। इसलिए अभी रजिस्ट्रेशन की कोई तय अंतिम तारीख सामने नहीं रखी गई है। जिन महिलाओं ने अभी तक आवेदन नहीं किया है और वे योजना की पात्रता पूरी करती हैं उन्हें पोर्टल खुला रहने के दौरान आवेदन करना होगा।
दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर विपक्ष की ओर से आवेदन प्रक्रिया और पात्रता की कुछ शर्तों पर सवाल भी उठाए गए हैं। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने खास तौर पर दिल्ली में 10 साल की निवास अवधि और स्थानीय सांसद या विधायक की सिफारिश जैसी शर्तों पर सवाल उठाया है। वहीं सरकार का कहना है कि योजना का फायदा उन्हीं महिलाओं तक पहुंचना चाहिए जो तय नियमों के तहत वास्तव में पात्र हैं।
विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजना के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की बात भी कही। उन्होंने विधायकों से अपील की कि जब महिलाएं अपने आवेदन से जुड़े काम के लिए आएं तो उनके साथ सम्मान और गरिमा के साथ पेश आया जाए। दिल्ली सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं है बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी काम करना है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार 17 लाख पात्र महिलाओं का अपना लक्ष्य कब तक पूरा करती है।
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