‘एनपीएस स्वास्थ्य’ एक बहु-भागीदार योजना है जिसे व्यापक वित्तीय और स्वास्थ्य सुरक्षा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस योजना के तहत मेडि असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज डिजिटल ढांचा उपलब्ध कराएगी जबकि कैम्स केआरए पंजीकरण और केवाईसी प्रक्रिया में सहयोग करेगी।

सरकारी कर्मचारियों के लिए आने वाले समय में एक और बड़ी राहत मिल सकती है। आठवें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने एक नई पहल पर काम तेज कर दिया है। इस पहल का नाम ‘एनपीएस स्वास्थ्य’ (NPS Health) है जिसका मकसद रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को सिर्फ पेंशन ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य खर्चों में भी मदद देना है। इस योजना के तहत रिटायरमेंट फंड, पेंशन और अस्पताल के खर्चों को एक साथ जोड़ने की तैयारी की जा रही है जिससे कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
पीएफआरडीए के अनुसार, ‘एनपीएस स्वास्थ्य’ एक बहु-भागीदार योजना है जिसे व्यापक वित्तीय और स्वास्थ्य सुरक्षा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस योजना के तहत मेडि असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज डिजिटल ढांचा उपलब्ध कराएगी जबकि कैम्स केआरए पंजीकरण और केवाईसी प्रक्रिया में सहयोग करेगी। वहीं टाटा पेंशन फंड और एक्सिस पेंशन फंड को पेंशन फंड मैनेजर के तौर पर नामित किया गया है। इस तरह कई संस्थाओं की भागीदारी से इस योजना को मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है।
इस योजना को एनपीएस खाते से जोड़ा जाएगा। अगर खाताधारक बीमार होता है और उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, तो इलाज का खर्च इस फंड से किया जा सकता है। इससे लोगों को अचानक आने वाले बड़े मेडिकल खर्च से राहत मिलेगी और उन्हें कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि इस सुविधा का इस्तेमाल करने पर रिटायरमेंट के समय मिलने वाली कुल राशि में थोड़ी कमी आ सकती है और पेंशन भी कुछ कम हो सकती है। फिर भी महंगे इलाज से बचाव के लिए यह विकल्प काफी उपयोगी माना जा रहा है।
इस योजना को लेकर यह भी चर्चा है कि भविष्य में इसमें कैशलेस इलाज की सुविधा भी जोड़ी जा सकती है। फिलहाल कुछ मामलों में पहले अस्पताल का खर्च खुद देना पड़ सकता है और बाद में क्लेम के जरिए राशि वापस मिल सकती है लेकिन अगर कैशलेस सुविधा लागू होती है तो कर्मचारियों को और भी ज्यादा राहत मिलेगी।
कौन उठा सकेगा इस योजना का लाभ?
पीएफआरडीए के मुताबिक, इस योजना का लाभ 18 साल से अधिक उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक ले सकता है जिसके पास एनपीएस का टियर-1 खाता हो। फिलहाल सबसे ज्यादा एनपीएस खाते सरकारी कर्मचारियों के हैं लेकिन अब निजी क्षेत्र के कर्मचारी और आम नागरिक भी इस योजना का फायदा उठा सकेंगे। इस पहल से साफ है कि सरकार और संबंधित संस्थाएं रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों की आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। अगर यह योजना पूरी तरह लागू होती है तो यह नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।