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समीक्षा बैठक में सिर्फ पेंशन योजनाओं पर ही नहीं बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। सरकार ने माना कि बच्चों में कुपोषण और शारीरिक विकास से जुड़ी चुनौतियों पर लगातार काम करने की जरूरत है।

हर महीने पेंशन का इंतजार करने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अक्सर बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को पेंशन की राशि आने में देरी का सामना करना पड़ता है जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन अब सरकार ने ऐसी व्यवस्था बनाने की तैयारी कर ली है जिससे लाभार्थियों को हर महीने तय तारीख पर पेंशन की राशि मिल सकेगी। सरकार का कहना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को समय पर आर्थिक सहारा देना है। ऐसे में पेंशन भुगतान में देरी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी पात्र लाभार्थियों के खातों में समय पर राशि पहुंचनी चाहिए।
हाल ही में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि हर महीने की 10 तारीख तक लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेंशन पाने वाले लोग इस राशि पर निर्भर रहते हैं इसलिए भुगतान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि पेंशन वितरण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
समीक्षा बैठक में सिर्फ पेंशन योजनाओं पर ही नहीं बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। सरकार ने माना कि बच्चों में कुपोषण और शारीरिक विकास से जुड़ी चुनौतियों पर लगातार काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों में दी जा रही सेवाओं की निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग कर यह सुनिश्चित किया जाए कि बच्चों को समय पर पोषण सामग्री और जरूरी सुविधाएं मिलती रहें। साथ ही सेविकाओं और सहायिकाओं की नियमित उपस्थिति पर भी जोर दिया गया।
सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की वित्तीय सहायता राशि की समीक्षा की जाएगी। उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके अलावा विभाग में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने और आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। सरकार चाहती है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में बुजुर्ग, विधवाएं और दिवयांगजन हर महीने आर्थिक सहायता प्राप्त करते हैं। सरकार का मानना है कि समय पर पेंशन मिलने से इन वर्गों को दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है और उनका जीवन थोड़ा आसान बनता है। इसी वजह से पेंशन भुगतान की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि लाभार्थियों को हर महीने निर्धारित समय पर राशि मिल सके।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि हर महीने की 10 तारीख तक लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच जानी चाहिए। राज्य में मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, इंदिरा गांधी वृद्धजन पेंशन योजना, इंदिरा गांधी विधवा पेंशन, लक्ष्मी बाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, बिहार दिव्यांग पेंशन योजना और इंदिरा गांधी दिव्यांग पेंशन योजना समेत कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत पात्र लोगों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है और पिछले वर्ष पेंशन राशि बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई थी।
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