PF New Rule 2026: सरकार ने PF वेज लिमिट ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी है। जानिए आपकी इन-हैंड सैलरी, PF कटौती, EPS पेंशन और रिटायरमेंट फंड पर इसका क्या असर पड़ेगा।

सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (PF) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। वित्त मंत्रालय ने PF की वेज लिमिट (Wage Ceiling) को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर लाखों कर्मचारियों की सैलरी, PF कटौती और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन पर पड़ेगा। जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अब तक 15,000 रुपये से अधिक होने के कारण अनिवार्य PF के दायरे से बाहर थी वे अब इस योजना में शामिल हो जाएंगे।
PF वेज लिमिट का मतलब उस अधिकतम बेसिक सैलरी से है जिसके आधार पर कर्मचारी का PF और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) लागू होती है। अब तक यह सीमा 15,000 रुपये थी। यानी यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 15,000 रुपये तक होती थी तो उसके लिए PF कटना अनिवार्य था। अब सरकार ने इस सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 15,001 रुपये से लेकर 25,000 रुपये के बीच है वे भी अब अनिवार्य रूप से PF और EPS के दायरे में आएंगे।
इस फैसले का सबसे पहला असर हर महीने मिलने वाली इन-हैंड सैलरी पर दिखाई देगा क्योंकि अब ज्यादा कर्मचारियों की सैलरी से PF कटेगा इसलिए उनके हाथ में आने वाली रकम पहले के मुकाबले थोड़ी कम हो सकती है। हालांकि यह पैसा कहीं खर्च नहीं होगा बल्कि सीधे आपके PF खाते में जमा होगा। इस पर ब्याज भी मिलेगा और रिटायरमेंट के समय यही रकम एक बड़े फंड के रूप में आपके काम आएगी। इसके अलावा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत भविष्य में मिलने वाली मासिक पेंशन का भी लाभ मिलेगा।
मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 22,000 रुपये है। पहले 15,000 रुपये की वेज लिमिट होने के कारण उसका PF अनिवार्य नहीं था लेकिन अब नई सीमा 25,000 रुपये होने के बाद उसकी बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत यानी 2,640 रुपये हर महीने PF में जमा होंगे। इतनी ही राशि कंपनी भी अपने हिस्से से जमा करेगी यानी हर महीने कर्मचारी के PF खाते में कुल 5,280 रुपये जमा होंगे। ऐसे में कर्मचारी की इन-हैंड सैलरी कुछ कम जरूर होगी लेकिन उसके रिटायरमेंट फंड में हर महीने अच्छी रकम जुड़ती रहेगी।
अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 25,000 रुपये है तो पहले PF की गणना अधिकतम 15,000 रुपये तक ही होती थी। ऐसे में कर्मचारी का PF 1,800 रुपये प्रति माह कटता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद PF पूरे 25,000 रुपये पर कटेगा। यानी कर्मचारी का योगदान बढ़कर 3,000 रुपये प्रति माह हो जाएगा। कंपनी भी अपने हिस्से से उतनी ही अतिरिक्त राशि जमा करेगी। इससे कर्मचारी के PF खाते में पहले की तुलना में ज्यादा पैसा जमा होगा और भविष्य में मिलने वाला रिटायरमेंट फंड भी बड़ा होगा।
सरकार ने लगभग दस साल बाद PF वेज लिमिट में बदलाव किया है। इससे पहले वर्ष 2014 में यह सीमा 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये की गई थी। बीते वर्षों में महंगाई और वेतन दोनों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में नई वेज लिमिट लागू होने से लाखों ऐसे कर्मचारी भी PF और EPS योजना से जुड़ जाएंगे जो अब तक इसके दायरे से बाहर थे। इससे उनके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और मजबूत होगी।
PF नियमों के तहत कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी की सैलरी से कटता है और उतनी ही राशि कंपनी को भी अपने हिस्से से जमा करनी होती है। अब वेज लिमिट बढ़ने के बाद ज्यादा कर्मचारियों के लिए कंपनियों को अतिरिक्त योगदान देना होगा। इससे कंपनियों का खर्च बढ़ेगा। वहीं कर्मचारी पेंशन योजना में सरकार का भी योगदान रहता है इसलिए इस फैसले का असर सरकारी खर्च पर भी दिखाई देगा।
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