42 लाख किसानों के लिए बड़ा अपडेट, फार्मर ID नहीं बनी तो होगा भारी नुकसान
बिहार के 42 लाख से ज्यादा किसानों के लिए यह खबर बेहद जरूरी है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त की तारीख कभी भी घोषित हो सकती है। ऐसे में जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है उनकी 2000 रुपये की किस्त अटक सकती है।

बिहार के किसानों के लिए एक बेहद अहम अपडेट सामने आया है जिसे नजरअंदाज करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त की तारीख का ऐलान कभी भी किया जा सकता है और इसी महीने राज्य के करीब 73 लाख किसानों के खातों में 2-2 हजार रुपये आने की उम्मीद है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि बिहार के 55 फीसदी से ज्यादा किसानों ने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है जिससे उनकी किस्त अटक सकती है।
अगर समय रहते यह जरूरी काम पूरा नहीं किया गया तो किसानों को सिर्फ 2000 रुपये ही नहीं बल्कि कुल 9000 रुपये तक का नुकसान हो सकता है। इसलिए सरकार ने पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर फार्मर आईडी बनवाने की व्यवस्था की है।
फार्मर आईडी क्यों है इतनी जरूरी?
फार्मर आईडी यानी किसान पहचान पत्र जो अब हर किसान के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। बिना फार्मर आईडी के किसान को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा चाहे वह पीएम किसान योजना हो या राज्य सरकार की कोई अन्य योजना। सरकार के अनुसार, पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी होने से पहले फार्मर रजिस्ट्री पूरी करना जरूरी है। अगर रजिस्ट्री अधूरी रही तो किसान का नाम लाभार्थी सूची से हट भी सकता है।
बिहार में फार्मर आईडी की मौजूदा स्थिति
बिहार एग्रीस्टैक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक सिर्फ 30,84,484 किसानों की ही फार्मर आईडी बन पाई है जबकि पीएम किसान योजना के लाभार्थियों की संख्या 73 लाख से ज्यादा है। इसका मतलब यह है कि अभी भी आधे से ज्यादा किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बाकी है। वर्तमान में केवल 43.07 फीसदी पीएम किसान लाभार्थियों की ही फार्मर आईडी बनी है जो सरकार के लिए भी चिंता का विषय है।
ये जिले फार्मर आईडी बनवाने में सबसे पीछे
कुछ जिले ऐसे हैं जहां फार्मर आईडी बनवाने की रफ्तार बेहद धीमी है। इन जिलों के किसानों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि इन्हें पीएम किसान की 22वीं किस्त में दिक्कत आ सकती है। सबसे पीछे रहने वाले जिले मुंगेर, शेखपुरा, शिवहर, अरवल और बेगूसराय हैं। इन जिलों के किसानों को तुरंत शिविर में जाकर अपनी फार्मर आईडी बनवानी चाहिए।
फार्मर आईडी नहीं बनवाई तो 9000 रुपये का नुकसान
अगर किसान सोच रहे हैं कि सिर्फ 2000 रुपये की किस्त ही रुकेगी तो यह सोच गलत है। दरअसल, बिहार सरकार ने पीएम किसान लाभार्थियों के लिए अलग से ‘कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना’ शुरू की है जिसके तहत सालाना 3000 रुपये दिए जाते हैं। इस तरह अगर फार्मर आईडी नहीं बनी तो किसान को पीएम किसान योजना के 6000 रुपये, कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि के 3000 रुपये। यानी कुल 9000 रुपये का सीधा नुकसान हो सकता है।
फार्मर आईडी कहां और कैसे बनवाएं?
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए पूरे बिहार में पंचायत स्तर पर कैंप लगाए हैं। सिर्फ पटना जिले की बात करें तो यहां की सभी 322 पंचायतों में शिविर लगाए गए हैं।
ऑनलाइन फार्मर आईडी कैसे बनाएं?
अगर आप घर बैठे फार्मर आईडी बनाना चाहते हैं तो इसके लिए बिहार एग्रीस्टैक का आधिकारिक पोर्टल http://bhfr.agristack.gov.in/ उपलब्ध है। पोर्टल पर जाकर आप स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया के जरिए आसानी से किसान पहचान पत्र बना सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी तरह सरल रखी गई है ताकि किसी भी किसान को परेशानी न हो।
किसानों से अपील
अगर आप पीएम किसान योजना या किसी भी सरकारी किसान योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आज ही फार्मर आईडी बनवाएं। एक बार 22वीं किस्त की तारीख घोषित हो जाने के बाद, सुधार का मौका मिलना मुश्किल हो जाएगा। शिविर में जाएं, फार्मर आईडी बनवाएं और अपने 9000 रुपये सुरक्षित करें।
बिहार के किसानों के लिए एक बेहद अहम अपडेट सामने आया है जिसे नजरअंदाज करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त की तारीख का ऐलान कभी भी किया जा सकता है और इसी महीने राज्य के करीब 73 लाख किसानों के खातों में 2-2 हजार रुपये आने की उम्मीद है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि बिहार के 55 फीसदी से ज्यादा किसानों ने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है जिससे उनकी किस्त अटक सकती है।
अगर समय रहते यह जरूरी काम पूरा नहीं किया गया तो किसानों को सिर्फ 2000 रुपये ही नहीं बल्कि कुल 9000 रुपये तक का नुकसान हो सकता है। इसलिए सरकार ने पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर फार्मर आईडी बनवाने की व्यवस्था की है।
फार्मर आईडी क्यों है इतनी जरूरी?
फार्मर आईडी यानी किसान पहचान पत्र जो अब हर किसान के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। बिना फार्मर आईडी के किसान को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा चाहे वह पीएम किसान योजना हो या राज्य सरकार की कोई अन्य योजना। सरकार के अनुसार, पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी होने से पहले फार्मर रजिस्ट्री पूरी करना जरूरी है। अगर रजिस्ट्री अधूरी रही तो किसान का नाम लाभार्थी सूची से हट भी सकता है।
बिहार में फार्मर आईडी की मौजूदा स्थिति
बिहार एग्रीस्टैक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक सिर्फ 30,84,484 किसानों की ही फार्मर आईडी बन पाई है जबकि पीएम किसान योजना के लाभार्थियों की संख्या 73 लाख से ज्यादा है। इसका मतलब यह है कि अभी भी आधे से ज्यादा किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बाकी है। वर्तमान में केवल 43.07 फीसदी पीएम किसान लाभार्थियों की ही फार्मर आईडी बनी है जो सरकार के लिए भी चिंता का विषय है।
ये जिले फार्मर आईडी बनवाने में सबसे पीछे
कुछ जिले ऐसे हैं जहां फार्मर आईडी बनवाने की रफ्तार बेहद धीमी है। इन जिलों के किसानों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि इन्हें पीएम किसान की 22वीं किस्त में दिक्कत आ सकती है। सबसे पीछे रहने वाले जिले मुंगेर, शेखपुरा, शिवहर, अरवल और बेगूसराय हैं। इन जिलों के किसानों को तुरंत शिविर में जाकर अपनी फार्मर आईडी बनवानी चाहिए।
फार्मर आईडी नहीं बनवाई तो 9000 रुपये का नुकसान
अगर किसान सोच रहे हैं कि सिर्फ 2000 रुपये की किस्त ही रुकेगी तो यह सोच गलत है। दरअसल, बिहार सरकार ने पीएम किसान लाभार्थियों के लिए अलग से ‘कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना’ शुरू की है जिसके तहत सालाना 3000 रुपये दिए जाते हैं। इस तरह अगर फार्मर आईडी नहीं बनी तो किसान को पीएम किसान योजना के 6000 रुपये, कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि के 3000 रुपये। यानी कुल 9000 रुपये का सीधा नुकसान हो सकता है।
फार्मर आईडी कहां और कैसे बनवाएं?
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए पूरे बिहार में पंचायत स्तर पर कैंप लगाए हैं। सिर्फ पटना जिले की बात करें तो यहां की सभी 322 पंचायतों में शिविर लगाए गए हैं।
ऑनलाइन फार्मर आईडी कैसे बनाएं?
अगर आप घर बैठे फार्मर आईडी बनाना चाहते हैं तो इसके लिए बिहार एग्रीस्टैक का आधिकारिक पोर्टल http://bhfr.agristack.gov.in/ उपलब्ध है। पोर्टल पर जाकर आप स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया के जरिए आसानी से किसान पहचान पत्र बना सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी तरह सरल रखी गई है ताकि किसी भी किसान को परेशानी न हो।
किसानों से अपील
अगर आप पीएम किसान योजना या किसी भी सरकारी किसान योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आज ही फार्मर आईडी बनवाएं। एक बार 22वीं किस्त की तारीख घोषित हो जाने के बाद, सुधार का मौका मिलना मुश्किल हो जाएगा। शिविर में जाएं, फार्मर आईडी बनवाएं और अपने 9000 रुपये सुरक्षित करें।












