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पात्र परिवारों की पहचान को अधिक पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने नई पहल शुरू की है। राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पहली बार सेल्फ-सर्वे प्रणाली लागू की है, जिससे अब जरूरतमंद लोग स्वयं अपने घर से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

PM Awas Yojana : प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत पात्र परिवारों की पहचान को अधिक पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने नई पहल शुरू की है। राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पहली बार सेल्फ-सर्वे प्रणाली लागू की है, जिससे अब जरूरतमंद लोग स्वयं अपने घर से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता बढ़ाना और राजनीतिक या अन्य प्रकार के हस्तक्षेप की आशंकाओं को कम करना है। PM Awas Yojana
नई व्यवस्था के तहत पात्र आवेदकों को अपने मोबाइल फोन में AwaasPlus 2024 और AadhaarFace RD ऐप डाउनलोड करना होगा। आधार आधारित पहचान सत्यापन के बाद आवेदक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे। आवेदन प्राप्त होने के बाद अधिकृत सर्वेक्षक संबंधित परिवार के घर पहुंचकर दस्तावेजों और पात्रता की जांच करेंगे। इसके बाद ही लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी और फर्जी दावों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। PM Awas Yojana
ग्रामीण क्षेत्रों में कई ऐसे परिवार हैं जिनके पास स्मार्टफोन या डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे लोगों को योजना से वंचित न होना पड़े, इसके लिए सरकार ने घर-घर जाकर सर्वे करने की व्यवस्था भी की है। सर्वे टीम गांवों में पहुंचकर पात्र परिवारों का विवरण एकत्र करेगी और उन्हें आवेदन प्रक्रिया में सहायता प्रदान करेगी। इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी जानकारी या संसाधनों की कमी किसी जरूरतमंद परिवार के लिए बाधा न बने। PM Awas Yojana
लाभार्थियों के चयन को पूरी तरह पारदर्शी और विवादों से मुक्त रखने के लिए राज्य सरकार ने कड़ी निगरानी वाली त्रिस्तरीय सत्यापन व्यवस्था लागू की है। इस प्रणाली के तहत केवल आवेदन प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि हर स्तर पर उसकी गहन जांच भी की जाएगी। सर्वे में शामिल परिवारों के कम से कम 10 फीसदी मामलों का दोबारा सत्यापन कराया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या गलत जानकारी को समय रहते पकड़ा जा सके। इस प्रक्रिया में ब्लॉक और सब-डिवीजन स्तर के अधिकारी चयनित मामलों की विस्तृत जांच करेंगे। वहीं ब्लॉक प्रशासन स्वतंत्र रूप से 5 फीसदी आवेदनों की समीक्षा करेगा, जबकि जिला स्तरीय अधिकारी 2 फीसदी मामलों का प्रत्यक्ष सत्यापन कर पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। सरकार का दावा है कि यह बहुस्तरीय जांच तंत्र फर्जी दावों, पक्षपात और अपात्र लोगों के चयन पर प्रभावी रोक लगाएगा तथा यह सुनिश्चित करेगा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ वास्तव में उन जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे, जो वर्षों से पक्के घर का इंतजार कर रहे हैं। PM Awas Yojana
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में सर्वे टीमों का गठन कर दिया गया है और लाभार्थियों की पहचान का कार्य शुरू हो चुका है। राज्य सरकार ने इस अभियान को 20 जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। PM Awas Yojana
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