PM E-DRIVE Scheme: PM E-DRIVE योजना की पूरी अवधि सरकार ने 31 मार्च 2028 तक बढ़ाई है लेकिन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए अलग अंतिम तारीख तय की गई थी। इसलिए 14 अगस्त 2026 तक नई e-2W खरीद पर इस योजना के तहत टू-व्हीलर प्रोत्साहन की समयसीमा समाप्त हो चुकी है।

इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए PM E-DRIVE योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर मिलने वाले प्रोत्साहन को पहले के मुकाबले आधा कर दिया है। अब इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए ₹5,000 प्रति किलोवाट-घंटा की जगह ₹2,500 प्रति किलोवाट-घंटा का प्रोत्साहन तय किया गया था। हालांकि, यहां एक जरूरी बात यह है कि यह दर 1 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2026 तक पात्र इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर लागू थी। PM E-DRIVE योजना की पूरी अवधि सरकार ने 31 मार्च 2028 तक बढ़ाई है लेकिन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए अलग अंतिम तारीख तय की गई थी। इसलिए 14 अगस्त 2026 तक नई e-2W खरीद पर इस योजना के तहत टू-व्हीलर प्रोत्साहन की समयसीमा समाप्त हो चुकी है।
PM E-DRIVE योजना के शुरुआती प्रावधानों में वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान पात्र इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर ₹5,000 प्रति kWh की दर से प्रोत्साहन दिया गया था। इसकी अधिकतम सीमा ₹10,000 प्रति वाहन थी। इसके बाद वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दर को घटाकर ₹2,500 प्रति kWh कर दिया गया। इस अवधि में अधिकतम प्रोत्साहन ₹5,000 प्रति इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रखा गया। साथ ही प्रोत्साहन वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के 15 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता था।
PM E-DRIVE के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए एक कीमत सीमा भी तय की गई थी। पात्र वाहन की अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत ₹1.5 लाख रखी गई थी। इसके अलावा प्रोत्साहन की अधिकतम सीमा वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के 15 प्रतिशत से भी जुड़ी थी। अगर 15 प्रतिशत की रकम तय अधिकतम प्रोत्साहन से कम होती, तो कम वाली सीमा ही लागू होती। सरकार ने मार्च 2026 में PM E-DRIVE में बदलाव करते हुए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए प्रोत्साहन की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 कर दी थी। वहीं पूरी PM E-DRIVE योजना को 31 मार्च 2028 तक जारी रखा गया है।
PM Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement (PM E-DRIVE) योजना का मुख्य उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना और इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की व्यवस्था को मजबूत करना है। सरकार ने इस योजना के लिए कुल ₹10,900 करोड़ का परिव्यय रखा है। योजना में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर के अलावा ई-बस, ई-ट्रक, ई-एम्बुलेंस और सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं।
PM E-DRIVE की पूरी अवधि मार्च 2028 तक है लेकिन अलग-अलग वाहन श्रेणियों की समयसीमा अलग है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए प्रोत्साहन की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 थी। वहीं रजिस्टर्ड ई-रिक्शा और ई-कार्ट के लिए प्रोत्साहन की समयसीमा 31 मार्च 2028 तक बढ़ाई गई है। इसलिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को केवल योजना की कुल अंतिम तारीख देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। यह देखना जरूरी है कि जिस वाहन को खरीदा जा रहा है उसके लिए PM E-DRIVE के तहत प्रोत्साहन की अलग समयसीमा क्या है।
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