महिलाओं के लिए बिहार सरकार की बड़ी योजना, सिर्फ 3,000 में मिलेगी सभी सुविधाएं

बिहार सरकार ने कामकाजी महिलाओं के लिए ‘आकांक्षा’ छात्रावास शुरू किया है। यह छात्रावास पटना के IAS कॉलोनी (रूपसपुर) में स्थित है। यहां महिलाओं के लिए सुरक्षित और सस्ती रहने-खाने की सुविधा उपलब्ध है। छात्रावास में कुल 50 बेड होंगे और इसमें अधीक्षक, सहायक अधीक्षक और रसोइया सहित अन्य कर्मचारी भी रहेंगे।

Aakanksha Hostel Yojana
आकांक्षा छात्रावास
locationभारत
userअसमीना
calendar21 Feb 2026 01:27 PM
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बिहार में कामकाजी महिलाओं के लिए अब सुरक्षित और सस्ती रहने की सुविधा उपलब्ध हो गई है। पटना के IAS कॉलोनी (रूपसपुर) में महिलाओं के लिए नए छात्रावास ‘आकांक्षा’ का शुभारंभ किया गया है। यह छात्रावास खासतौर पर उन महिलाओं के लिए बनाया गया है जो दूसरे शहर में नौकरी करती हैं और घर से दूर रहती हैं। मुजफ्फरपुर और पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे ही छात्रावास खोलने की योजना है। इसका संचालन महिला बाल विकास निगम के तहत किया जाएगा।

महिलाओं के रहने की होगी व्यवस्था

छात्रावास में कुल 50 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। यहां अधीक्षक, सहायक अधीक्षक और रसोइया समेत सभी आवश्यक कर्मचारी मौजूद रहेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी के अनुसार यह पहल मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। सुरक्षित आवास मिलने से महिलाएं बिना किसी भय के नौकरी कर सकेंगी और उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

केवल खाने के लिए देना होगा पैसा

छात्रावास में रहने वाली महिलाएं केवल भोजन का खर्च ₹3,000 प्रति माह देंगी। अन्य सभी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध होंगी जिसमें बेड, लॉकर, टेबल, कुर्सी, 24 घंटे CCTV निगरानी, शुद्ध पीने का पानी (RO), मनोरंजन के लिए टीवी और मुफ्त WIFI शामिल हैं। चार मंजिला इस छात्रावास में प्रत्येक तल पर दो किचन भी मौजूद हैं जिन्हें महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकती हैं।

कैसे करें आवेदन?

छात्रावास में प्रवेश पाने के लिए इच्छुक महिलाओं को महिला एवं बाल विकास निगम के अधिकारिक पोर्टल https://wcdc.bihar.gov.in/ पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी और इसके बाद काउंसलिंग के आधार पर चयन किया जाएगा। आवेदन में फोटो, डिजिटल सिग्नेचर और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा।

कौन है पात्र महिलाएं?

छात्रावास के लिए पात्र महिलाएं जिनकी सैलरी अधिकतम ₹75,000 प्रति माह है, आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र, पे-स्लिप, स्थानीय अभिभावक का विवरण और दिव्यांगता की स्थिति होने पर संबंधित प्रमाणपत्र भी जमा करना होगा। इस पहल से न केवल राजधानी पटना बल्कि अन्य जिलों में भी महिला सुरक्षा और सामाजिक भरोसा मजबूत होगा। आकांक्षा छात्रावास महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती ठिकाना साबित होगा जिससे उनका जीवन और नौकरी करना दोनों आसान होगा।

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मुख्यमंत्री योगी का किसानो को बड़ा तोहफा, 460 करोड़ खाते में भेजे

यह मदद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत जारी हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि इस भुगतान से एक तरफ फसल नुकसान की भरपाई होगी, तो दूसरी तरफ दुर्घटना की मार झेल चुके परिवारों को वक्त रहते सहारा भी मिलेगा।

वर्चुअल संवाद के दौरान सीएम योगी
वर्चुअल संवाद के दौरान सीएम योगी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar21 Feb 2026 12:38 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए शनिवार का दिन राहत और भरोसे का संदेश लेकर आया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीबीटी के जरिए उत्तर प्रदेश के ढाई लाख से ज्यादा किसानों और उनके परिवारों के खातों में कुल 460 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए। यह मदद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत जारी हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि इस भुगतान से एक तरफ फसल नुकसान की भरपाई होगी, तो दूसरी तरफ दुर्घटना की मार झेल चुके परिवारों को वक्त रहते सहारा भी मिलेगा

फसल बीमा के तहत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसान की सबसे बड़ी चुनौती अक्सर मौसम की अनिश्चितता बन जाती है कभी बेमौसम बारिश, तो कभी ओलावृष्टि तो कभी सूखा मेहनत की कमाई पर पानी फेर देता है। इसी नुकसान की भरपाई को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रदेश के 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब व्यवस्था को तकनीक और डीबीटी से जोड़ा गया है, ताकि किसान को मुआवजे के लिए दफ्तरों की लाइन नहीं लगानी पड़े और पैसा सीधे खाते में पहुंचे। इसके साथ ही सीएम योगी ने किसानों की सामाजिक सुरक्षा को भी सरकार की प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत उन 3,500 परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता दी गई, जिन्होंने दुर्घटना में अपने किसान/मुखिया को खो दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और संकट की घड़ी में सरकार उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। सरकार के मुताबिक, इस योजना के तहत प्रति परिवार औसतन करीब 5 लाख रुपये की मदद पहुंचाई जा रही है, ताकि दुख की घड़ी में परिवार का भविष्य डगमगाए नहीं और जीवन की गाड़ी फिर से पटरी पर लौट सके।

“2017 के बाद खेती की व्यवस्था बदली”-सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में खेती-किसानी का पूरा ढांचा नई रफ्तार में आया है। उनका दावा है कि सरकार ने किसान को केंद्र में रखकर बीज से लेकर बाजार तक की कई व्यवस्थाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा, ताकि योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव, पारदर्शी तरीके से सही पात्र तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मृदा परीक्षण, किसान जीवन बीमा समेत तमाम किसान हितकारी सुविधाएं सिर्फ कागजों में न रहें, बल्कि समयसीमा के भीतर हर जरूरतमंद किसान तक जमीन पर पहुंचें UP News

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ओ तेरी! 41.17 लाख किसानों को इतना बड़ा फायदा!

PM Kisan Yojana: पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त फरवरी में किसानों के खाते में पहुंचेगी। बिहार के लगभग 41.17 लाख किसान सीधे इस योजना का फायदा उठाएंगे। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन और डिजिटल कृषि के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

PM Kisan Yojana
पीएम किसान 22वीं किस्त पर बड़ा अपडेट
locationभारत
userअसमीना
calendar19 Feb 2026 11:39 AM
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फरवरी किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। बिहार सरकार ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की 22वीं किस्त अब उन किसानों के खातों में भी पहुंचेगी जिनकी फार्मर आईडी (Farmer ID) अभी तक नहीं बनी है। यह फैसला करीब 41.17 लाख किसानों के लिए राहत का कारण है। अब कोई भी किसान फार्मर रजिस्ट्री की बाधा के कारण 2000 रुपये की सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहेगा।

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि सरकार किसानों की फार्मर आईडी बनाने में 100% प्रयास कर रही है। लेकिन तब तक किसी किसान को योजना का लाभ लेने से रोका नहीं जाएगा। यानी फरवरी 2026 में आने वाली पीएम किसान की 22वीं किस्त बिना आईडी के भी सीधे खातों में ट्रांसफर हो जाएगी।

फार्मर आईडी बनवाने के लिए सुविधा

जिन किसानों के पास अभी तक फार्मर आईडी नहीं है वे पंचायत स्तर पर लग रहे विशेष कैंप, सीएससी (Common Service Center) या नजदीकी सुविधा केंद्र में जाकर फार्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और जमीन की जमाबंदी के कागज जरूरी होंगे। मोबाइल से भी स्टेप-बाय-स्टेप फार्मर आईडी बनाई जा सकती है जिससे समय और यात्रा की बचत होती है।

पीएम किसान की 22वीं किस्त कब आएगी?

पिछली 21वीं किस्त नवंबर 2025 में किसानों के खातों में पहुंची थी। इस बार उम्मीद है कि फरवरी के आखिरी हफ्ते या होली के आसपास किसानों को 2000 रुपये की राशि मिलेगी। सरकार ने इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया है।

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और डिजिटल कृषि

जिन किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन भी मिलेगा। बिहार सरकार डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने में लगी है ताकि बीचौलियों का प्रभाव खत्म हो और योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। कृषि विभाग छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने और जोखिम कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

कृषि बाजार का विकास

सरकार ने बताया कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए क्लस्टर आधारित खेती, कृषि स्टार्टअप और कोल्ड चेन सिस्टम विकसित किया जा रहा है। राज्य के 54 में से 22 कृषि बाजारों को अपग्रेड किया गया है और ग्रामीण हाटों का भी विकास किया जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और उत्पादन के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।

फसल उत्पादन और उर्वरक सुविधा

अधिकारियों के अनुसार, बीते 20 वर्षों में धान, गेहूं और मक्का का उत्पादन तेजी से बढ़ा है। अब दलहन और तिलहन का उत्पादन भी बढ़ाने की योजना है। उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है और उर्वरक संबंधी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। कृषि यंत्रीकरण के लिए आधुनिक मशीनों को अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

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