महिलाओं के लिए बिहार सरकार की बड़ी योजना, सिर्फ 3,000 में मिलेगी सभी सुविधाएं
बिहार सरकार ने कामकाजी महिलाओं के लिए ‘आकांक्षा’ छात्रावास शुरू किया है। यह छात्रावास पटना के IAS कॉलोनी (रूपसपुर) में स्थित है। यहां महिलाओं के लिए सुरक्षित और सस्ती रहने-खाने की सुविधा उपलब्ध है। छात्रावास में कुल 50 बेड होंगे और इसमें अधीक्षक, सहायक अधीक्षक और रसोइया सहित अन्य कर्मचारी भी रहेंगे।

बिहार में कामकाजी महिलाओं के लिए अब सुरक्षित और सस्ती रहने की सुविधा उपलब्ध हो गई है। पटना के IAS कॉलोनी (रूपसपुर) में महिलाओं के लिए नए छात्रावास ‘आकांक्षा’ का शुभारंभ किया गया है। यह छात्रावास खासतौर पर उन महिलाओं के लिए बनाया गया है जो दूसरे शहर में नौकरी करती हैं और घर से दूर रहती हैं। मुजफ्फरपुर और पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे ही छात्रावास खोलने की योजना है। इसका संचालन महिला बाल विकास निगम के तहत किया जाएगा।
महिलाओं के रहने की होगी व्यवस्था
छात्रावास में कुल 50 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। यहां अधीक्षक, सहायक अधीक्षक और रसोइया समेत सभी आवश्यक कर्मचारी मौजूद रहेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी के अनुसार यह पहल मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। सुरक्षित आवास मिलने से महिलाएं बिना किसी भय के नौकरी कर सकेंगी और उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
केवल खाने के लिए देना होगा पैसा
छात्रावास में रहने वाली महिलाएं केवल भोजन का खर्च ₹3,000 प्रति माह देंगी। अन्य सभी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध होंगी जिसमें बेड, लॉकर, टेबल, कुर्सी, 24 घंटे CCTV निगरानी, शुद्ध पीने का पानी (RO), मनोरंजन के लिए टीवी और मुफ्त WIFI शामिल हैं। चार मंजिला इस छात्रावास में प्रत्येक तल पर दो किचन भी मौजूद हैं जिन्हें महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकती हैं।
कैसे करें आवेदन?
छात्रावास में प्रवेश पाने के लिए इच्छुक महिलाओं को महिला एवं बाल विकास निगम के अधिकारिक पोर्टल https://wcdc.bihar.gov.in/ पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी और इसके बाद काउंसलिंग के आधार पर चयन किया जाएगा। आवेदन में फोटो, डिजिटल सिग्नेचर और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा।
कौन है पात्र महिलाएं?
छात्रावास के लिए पात्र महिलाएं जिनकी सैलरी अधिकतम ₹75,000 प्रति माह है, आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र, पे-स्लिप, स्थानीय अभिभावक का विवरण और दिव्यांगता की स्थिति होने पर संबंधित प्रमाणपत्र भी जमा करना होगा। इस पहल से न केवल राजधानी पटना बल्कि अन्य जिलों में भी महिला सुरक्षा और सामाजिक भरोसा मजबूत होगा। आकांक्षा छात्रावास महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती ठिकाना साबित होगा जिससे उनका जीवन और नौकरी करना दोनों आसान होगा।
बिहार में कामकाजी महिलाओं के लिए अब सुरक्षित और सस्ती रहने की सुविधा उपलब्ध हो गई है। पटना के IAS कॉलोनी (रूपसपुर) में महिलाओं के लिए नए छात्रावास ‘आकांक्षा’ का शुभारंभ किया गया है। यह छात्रावास खासतौर पर उन महिलाओं के लिए बनाया गया है जो दूसरे शहर में नौकरी करती हैं और घर से दूर रहती हैं। मुजफ्फरपुर और पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे ही छात्रावास खोलने की योजना है। इसका संचालन महिला बाल विकास निगम के तहत किया जाएगा।
महिलाओं के रहने की होगी व्यवस्था
छात्रावास में कुल 50 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। यहां अधीक्षक, सहायक अधीक्षक और रसोइया समेत सभी आवश्यक कर्मचारी मौजूद रहेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी के अनुसार यह पहल मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। सुरक्षित आवास मिलने से महिलाएं बिना किसी भय के नौकरी कर सकेंगी और उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
केवल खाने के लिए देना होगा पैसा
छात्रावास में रहने वाली महिलाएं केवल भोजन का खर्च ₹3,000 प्रति माह देंगी। अन्य सभी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध होंगी जिसमें बेड, लॉकर, टेबल, कुर्सी, 24 घंटे CCTV निगरानी, शुद्ध पीने का पानी (RO), मनोरंजन के लिए टीवी और मुफ्त WIFI शामिल हैं। चार मंजिला इस छात्रावास में प्रत्येक तल पर दो किचन भी मौजूद हैं जिन्हें महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकती हैं।
कैसे करें आवेदन?
छात्रावास में प्रवेश पाने के लिए इच्छुक महिलाओं को महिला एवं बाल विकास निगम के अधिकारिक पोर्टल https://wcdc.bihar.gov.in/ पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी और इसके बाद काउंसलिंग के आधार पर चयन किया जाएगा। आवेदन में फोटो, डिजिटल सिग्नेचर और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा।
कौन है पात्र महिलाएं?
छात्रावास के लिए पात्र महिलाएं जिनकी सैलरी अधिकतम ₹75,000 प्रति माह है, आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र, पे-स्लिप, स्थानीय अभिभावक का विवरण और दिव्यांगता की स्थिति होने पर संबंधित प्रमाणपत्र भी जमा करना होगा। इस पहल से न केवल राजधानी पटना बल्कि अन्य जिलों में भी महिला सुरक्षा और सामाजिक भरोसा मजबूत होगा। आकांक्षा छात्रावास महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती ठिकाना साबित होगा जिससे उनका जीवन और नौकरी करना दोनों आसान होगा।












