PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। इस योजना के तहत देश के पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।

किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana) को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। अब यह योजना वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रहेगी। इस विस्तार के लिए सरकार ने कुल 3,15,614 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि पीएम किसान योजना के जरिए किसानों को मिलने वाली आर्थिक मदद से उन्हें खेती से जुड़े जरूरी खर्चों को पूरा करने में सहायता मिलती है। योजना के विस्तार से देशभर के पात्र किसानों को आगे भी इसका लाभ मिलता रहेगा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। इस योजना के तहत देश के पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है। किसानों को यह पैसा 2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में मिलता है। अब तक इस योजना के तहत करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रिमंडल ने पीएम किसान योजना को पांच साल और बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि योजना के विस्तार के दौरान कुल 3,15,614 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के अनुसार, इस फैसले से किसानों की खेती में निवेश करने की क्षमता बढ़ेगी। किसान बीज, खाद, सिंचाई, कृषि उपकरण और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में इस आर्थिक सहायता का इस्तेमाल कर सकेंगे।
सरकार के मुताबिक पीएम किसान योजना के तहत अब तक 23 किस्तों के जरिए किसानों को 4.47 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। योजना की 23वीं किस्त में 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला था। इस दौरान 18,984 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जारी की गई थी। सरकार ने बताया कि पीएम किसान योजना का लाभ महिला किसानों को भी मिला है। अब तक महिला किसानों को इस योजना के तहत 1.06 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी जा चुकी है। योजना के लाभार्थियों में करीब हर चार में से एक महिला किसान शामिल है।
केंद्र सरकार का कहना है कि पीएम किसान योजना से किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिलती है जिससे वे खेती से जुड़े जरूरी काम आसानी से कर पाते हैं। सरकार के अनुसार, इस योजना की मदद से किसानों को बीज, उर्वरक, सिंचाई और कृषि मशीनरी खरीदने में सहायता मिली है। इससे उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिली है।
सरकार ने बताया कि कई स्वतंत्र संस्थानों ने पीएम किसान योजना के प्रभाव का मूल्यांकन किया है। नीति आयोग के विकास निगरानी और मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की रिपोर्ट के अनुसार, 92 प्रतिशत से ज्यादा लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने इस राशि का इस्तेमाल खेती और कृषि से जुड़े कामों में किया। वहीं, करीब 85 प्रतिशत लाभार्थियों ने कृषि आय में सुधार और अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम होने की बात कही।
पीएम किसान योजना के विस्तार के बाद अब पात्र किसानों को अगले पांच वर्षों तक आर्थिक सहायता मिलती रहेगी। सरकार का कहना है कि किसानों की आर्थिक मजबूती से कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा। केंद्र सरकार ने इस फैसले को किसानों के हित में बड़ा कदम बताया है और कहा है कि किसान देश की आर्थिक प्रगति की अहम कड़ी हैं।
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