PM Svanidhi Yojna के तहत छोटे व्यापारियों को बिना गारंटी 90,000 रुपये तक का लोन मिल रहा है। जिसे आसान आवेदन प्रक्रिया और सिर्फ आधार कार्ड से हासिल किया जा सकता है। चलिए जानते हैं इस योजना के बारे में सबकुछ।

अगर आप अपना छोटा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन पैसे की कमी की वजह से रोक रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है। सरकार ने PM Svanidhi Scheme के तहत छोटे व्यापारियों को 90,000 रुपये तक का लोन देना शुरू किया है और खास बात ये है कि इसके लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं है। सिर्फ एक डॉक्यूमेंट यानी आपका आधार कार्ड चाहिए और बाकी प्रोसेस बहुत आसान है।
कोरोना महामारी के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान छोटे व्यापारियों को हुआ था। खासकर रेहड़ी-पटरी वालों का कारोबार ठप हो गया था। ऐसे लोगों को फिर से अपने बिजनेस को खड़ा करने के लिए सरकार ने PM Svanidhi Yojna की शुरुआत की। पहले इसमें 80,000 रुपये तक का लोन मिलता था जिसे अब बढ़ाकर 90,000 रुपये कर दिया गया है।
सरकार ने इस योजना में सिर्फ लोन की रकम ही नहीं, बल्कि इसकी लिमिट और डेडलाइन भी बढ़ाई है। अब ये योजना 31 मार्च 2030 तक जारी रहेगी। लोन तीन चरणों में दिया जाता है और इसके लिए किसी तरह की गारंटी की जरूरत नहीं है।
इस योजना के तहत लोन की राशि तीन किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त के रूप में 15,000 रुपये, दूसरी 25,000 रुपये और तीसरी किस्त 50,000 रुपये दी जाती है। पहली किस्त मिलने के बाद तय समय पर भुगतान करने पर ही अगली किस्त मिलती है। इसे EMI Payment के जरिए भी चुकाया जा सकता है।
90,000 रुपये का लोन पाने के लिए आपको सिर्फ आधार कार्ड चाहिए। इसके अलावा किसी गारंटी या अन्य कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं है। बैंक आपका आवेदन चेक करने के बाद लोन अप्रूवल देता है और रकम सीधे आपके अकाउंट में ट्रांसफर हो जाती है।
आप इस योजना के लिए किसी भी सरकारी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया बहुत आसान है: फॉर्म भरें, आधार कार्ड की कॉपी अटैच करें और बैंक में जमा करें। बैंक आपकी जानकारी चेक करने के बाद लोन अप्रूवल देगा और तीन किस्तों में रकम आपको मिलना शुरू हो जाएगी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जुलाई 2025 तक 68 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को इस योजना के तहत कुल 13,797 करोड़ रुपये से ज्यादा लोन दिया गया है। डिजिटल रूप से सक्रिय लाभार्थियों की संख्या 47 लाख है। योजना का विस्तार 1.15 करोड़ रेहड़ी-पटरी वालों तक मदद पहुंचाने की उम्मीद है।