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सरकार का कहना है कि इस बदलाव से छात्राओं को अपनी पसंद की स्कूटी खरीदने की आजादी मिलेगी और उन्हें लंबे समय तक इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। यह बदलाव Kali Bai Bheel Medhavi Chhatra Scooty Yojana और Devnarayan Chhatra Scooty Distribution Scheme दोनों योजनाओं में लागू किया जाएगा।

राजस्थान की मेधावी छात्राओं के लिए चलाई जा रही मुफ्त स्कूटी योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक सरकार छात्राओं को सीधे स्कूटी खरीदकर देती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। भजनलाल सरकार ने फैसला लिया है कि स्कूटी की जगह अब पात्र छात्राओं के बैंक खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से छात्राओं को अपनी पसंद की स्कूटी खरीदने की आजादी मिलेगी और उन्हें लंबे समय तक इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। यह बदलाव Kali Bai Bheel Medhavi Chhatra Scooty Yojana और Devnarayan Chhatra Scooty Distribution Scheme दोनों योजनाओं में लागू किया जाएगा।
पहले सरकार खुद स्कूटी खरीदती थी और फिर अलग-अलग जिलों में वितरण कराया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। कई बार छात्राओं को स्कूटी मिलने में दो से तीन साल तक का इंतजार करना पड़ता था। अब सरकार ने इस परेशानी को खत्म करने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT सिस्टम अपनाने का फैसला लिया है। इसके तहत तय रकम सीधे छात्राओं के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके बाद छात्राएं अपनी जरूरत और पसंद के हिसाब से किसी भी कंपनी की स्कूटी खरीद सकेंगी।
स्कूटी वितरण में सबसे बड़ी परेशानी देरी को लेकर सामने आती थी। स्कूटी खरीदने, स्टोर करने, जिलों में भेजने और फिर वितरण कार्यक्रम आयोजित करने में काफी समय लग जाता था। कई छात्राएं कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने तक भी स्कूटी का इंतजार करती रहती थीं। कुछ छात्राओं को तो अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। सरकार का मानना है कि नए सिस्टम से यह पूरी समस्या खत्म हो जाएगी। अब पैसा सीधे खाते में जाएगा जिससे छात्राओं को समय पर लाभ मिल सकेगा।
सरकार के अनुसार पुराने सिस्टम में कई तरह की दिक्कतें सामने आ रही थीं। स्कूटी खरीद और वितरण में खर्च ज्यादा हो रहा था। साथ ही भंडारण और सुरक्षा जैसी समस्याएं भी थीं। अब सीधे बैंक खाते में पैसा भेजने से प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हो जाएगी। छात्राओं को अपनी पसंद की स्कूटी चुनने की आजादी भी मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह फैसला छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
इस बदलाव का फायदा राजस्थान की हजारों छात्राओं को मिलने वाला है। जानकारी के अनुसार पूरे राजस्थान में करीब 25 हजार 977 छात्राओं को अब स्कूटी की जगह बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की जाएगी। वहीं झुंझुनूं जिले में 702 छात्राओं और Sikar जिले में करीब 800 छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि स्कूटी के बदले छात्राओं के खाते में कितनी रकम भेजी जाएगी। हालांकि जल्द ही इसकी घोषणा होने की उम्मीद है।
सरकार ने योजना का लाभ लेने वाली छात्राओं के लिए कुछ जरूरी निर्देश भी जारी किए हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि बैंक खाता छात्रा के नाम पर होना चाहिए। आवेदन में बैंक डिटेल अपडेट करना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही पासबुक या कैंसिल चेक की कॉपी भी अपलोड करनी होगी। जिन छात्राओं को अभी तक स्कूटी नहीं मिली है उन्हें ई-मित्र केंद्र पर जाकर अपनी जानकारी अपडेट करनी होगी।
सरकार की ओर से बैंक डिटेल अपडेट करने की अंतिम तारीख 7 मई 2026 तय की गई है। इसके बाद जिला स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया 8 मई तक चलेगी। हालांकि संभावना जताई जा रही है कि जरूरत पड़ने पर इस तारीख को आगे बढ़ाया जा सकता है लेकिन छात्राओं को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते अपनी जानकारी अपडेट कर लें।
योजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ प्रक्रिया में नहीं बल्कि सोच में भी बदलाव है। झुंझुनूं के जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार के मुताबिक अब छात्राएं सरकारी तय मॉडल तक सीमित नहीं रहेंगी। वे अपनी जरूरत और पसंद के हिसाब से स्कूटी खरीद सकेंगी। उन्होंने कहा कि इससे कॉलेजों को भी स्कूटी स्टोर करने, सुरक्षा और वितरण जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही पूरी योजना पहले के मुकाबले ज्यादा तेज और पारदर्शी बन सकेगी।
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