PM Mudra Yojana: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत राजस्थान में अब तक 2 करोड़ 55 लाख 91 हजार 381 लाभार्थियों को लोन मंजूर किया जा चुका है। इन लाभार्थियों को कुल 2 लाख 18 हजार 423 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण उपलब्ध कराया गया है।

छोटे कारोबार शुरू करने का सपना देखने वाले लोगों के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM Mudra Yojana) एक बड़ी मदद साबित हो रही है। राजस्थान में इस योजना के जरिए अब तक ढाई करोड़ से ज्यादा लोगों को अपना काम शुरू करने या बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता मिली है। छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों, लघु उद्योगों और छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी लोन उपलब्ध कराकर यह योजना लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और राजस्थान सरकार के प्रयासों के तहत प्रदेश में मुद्रा योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को संस्थागत वित्त की सुविधा मिली है। इस योजना का उद्देश्य ऐसे छोटे उद्यमियों को आर्थिक मदद देना है जो पैसों की कमी के कारण अपना कारोबार आगे नहीं बढ़ा पाते।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत राजस्थान में अब तक 2 करोड़ 55 लाख 91 हजार 381 लाभार्थियों को लोन मंजूर किया जा चुका है। इन लाभार्थियों को कुल 2 लाख 18 हजार 423 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इस योजना में महिलाओं की भागीदारी भी काफी ज्यादा रही है। आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में 1 करोड़ 54 लाख से अधिक महिलाओं को मुद्रा योजना के तहत लोन मिला है। महिलाओं को करीब 67 हजार 982 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण दिया गया है। यानी योजना का बड़ा हिस्सा महिला उद्यमियों तक पहुंचा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भी राजस्थान में लाखों लोगों को इस योजना का फायदा मिला है। इस दौरान 23 लाख से अधिक लाभार्थियों को करीब 31 हजार 460 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत साल 2015 में छोटे और गैर-कॉरपोरेट कारोबारियों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत छोटे व्यापार और व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने के लिए बिना किसी गारंटी के लोन उपलब्ध कराया जाता है। मुद्रा योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है जो अपना छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं लेकिन बैंक से लोन लेने में परेशानी का सामना करते हैं। इसके जरिए दुकानदार, कारीगर, छोटे व्यापारी, फूड सर्विस संचालक, मशीन ऑपरेटर, ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग और रेहड़ी-पटरी वाले अपना काम बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद ले सकते हैं।
मुद्रा योजना के तहत जरूरत के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में लोन दिया जाता है। इसमें शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस जैसी कैटेगरी शामिल हैं। छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने वाले लोगों के लिए शिशु श्रेणी मददगार होती है जबकि कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए किशोर और तरुण श्रेणी के तहत अधिक राशि का ऋण लिया जा सकता है। वहीं, तरुण प्लस के जरिए पात्र लाभार्थियों को बड़े स्तर पर कारोबार विस्तार के लिए सहायता मिल सकती है।
मुद्रा योजना में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। राजस्थान में भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस योजना के जरिए अपना छोटा व्यवसाय शुरू किया है। महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, दुकान, छोटे उद्योग, खाद्य कारोबार, घरेलू उत्पाद और अन्य व्यवसायों के लिए मुद्रा लोन का इस्तेमाल कर रही हैं। इससे उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने और परिवार की आय बढ़ाने में मदद मिली है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि देशभर में भी मुद्रा योजना का विस्तार तेजी से हुआ है। जून 2026 तक इस योजना के तहत देश में 59 करोड़ 14 लाख से ज्यादा लोगों को लोन स्वीकृत किया गया है। इस दौरान कुल 41 लाख 71 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण मंजूर किया गया। इससे साफ है कि मुद्रा योजना छोटे कारोबारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए देश की प्रमुख आर्थिक सहायता योजनाओं में शामिल हो चुकी है।
भारत में बड़ी संख्या में लोग छोटे कारोबार और स्वरोजगार से जुड़े हुए हैं। पहले ऐसे लोगों को पैसों की जरूरत पड़ने पर साहूकारों या निजी उधारदाताओं पर निर्भर रहना पड़ता था, जहां ब्याज दरें ज्यादा होती थीं। मुद्रा योजना ने ऐसे लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का काम किया है। अब छोटे कारोबारी संस्थागत माध्यम से लोन लेकर अपने व्यवसाय को बढ़ा सकते हैं। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं और लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।
मुद्रा योजना का लाभ छोटे कारोबार करने वाले लोग उठा सकते हैं। इसमें दुकानदार, छोटे उद्योग चलाने वाले लोग, फल-सब्जी विक्रेता, टैक्सी और ट्रक ऑपरेटर, कारीगर, खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कारोबारी और अन्य छोटे उद्यमी शामिल हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों को आर्थिक सहायता देना है जो अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
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