Rani Laxmibai Scooty Yojana: योजना का मकसद कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली मेधावी छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत प्रदेश की करीब 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने का लक्ष्य रखा गया है।

उत्तर प्रदेश में छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना शुरू करने की तैयारी है। योजना का मकसद कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली मेधावी छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत प्रदेश की करीब 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने का लक्ष्य रखा गया है। योजना में सामान्य मेरिट के अलावा कुछ खास श्रेणी की छात्राओं के लिए अलग राहत का प्रावधान भी बताया गया है। शहीद परिवार की बेटी, दिव्यांग और निराश्रित छात्राओं को सामान्य मेरिट से 10 फीसदी तक कम अंक होने पर भी लाभ मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए संबंधित श्रेणी की दूसरी शर्तें पूरी करना जरूरी होगा।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत 2025-26 में कॉलेज या यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन करने वाली मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की बात कही गई है। सामान्य श्रेणी में मेरिट के आधार पर छात्राओं का चयन किया जाएगा। वहीं, शहीद परिवार की बेटियों, दिव्यांग और निराश्रित छात्राओं के लिए मेरिट में 10 फीसदी तक की छूट का प्रावधान बताया गया है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई छात्रा सामान्य चयन के लिए तय अंक से 10 फीसदी तक कम अंक लाती है फिर भी वह अपनी श्रेणी की शर्तें पूरी करने पर योजना के लिए पात्र हो सकती है।
योजना में शहीद परिवार से जुड़ी छात्राओं को विशेष लाभ देने की बात कही गई है। इसमें तीनों सेनाओं और अर्द्धसैनिक बलों से जुड़े शहीद परिवारों को शामिल किया गया है। इसके अलावा अविवाहित शहीद सैनिक की मां और अविवाहित बहन को भी योजना के तहत स्कूटी के लिए पात्र माना गया है। यह सुविधा निर्धारित नियमों और पात्रता पूरी करने पर ही मिलेगी।
दिव्यांग श्रेणी में भी योजना के तहत खास प्रावधान रखा गया है। उपलब्ध दिशानिर्देशों के अनुसार ऐसी छात्राएं पात्र होंगी जिनकी 80 फीसदी दिव्यांगता का प्रमाण पत्र हो और जो स्कूटी चलाने में सक्षम हों। इसके लिए जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र जरूरी होगा। यानी सिर्फ दिव्यांग प्रमाण पत्र होना ही पर्याप्त नहीं होगा बल्कि योजना में बताई गई बाकी शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
निराश्रित श्रेणी में उन छात्राओं को शामिल किया गया है जिनके माता-पिता का निधन हो चुका है और उनके भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने वाला कोई दूसरा सदस्य नहीं है। ऐसी छात्राओं को भी योजना की निर्धारित पात्रता पूरी करने पर लाभ दिया जाएगा। उनके लिए भी सामान्य मेरिट की तुलना में 10 फीसदी तक कम अंक की छूट का प्रावधान बताया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की आय भी एक जरूरी शर्त है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार छात्रा के परिवार की सालाना आय 12 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर परिवार की सालाना आय निर्धारित सीमा से अधिक है तो छात्रा योजना के लिए पात्र नहीं होगी।
इस योजना का दायरा केवल सामान्य डिग्री कॉलेजों तक सीमित नहीं बताया गया है। उच्च शिक्षा, मेडिकल, टेक्निकल और एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली छात्राओं को भी योजना में शामिल किया गया है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में ग्रेजुएशन कर रही छात्राओं को योजना का लाभ मिलने का रास्ता खुलता है।
सरकार की इस योजना के तहत करीब 50,000 छात्राओं तक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। 2025-26 में ग्रेजुएशन करने वाली मेधावी छात्राओं को मेरिट के आधार पर चुने जाने की बात कही गई है। पोर्टल शुरू होने के बाद यूनिवर्सिटी को निर्धारित समय में पात्र छात्राओं की सूची तैयार करके संबंधित अधिकारियों को भेजनी होगी। इसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और पात्र छात्राओं को स्कूटी आवंटित की जाएगी।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना में सिर्फ स्कूटी देने की बात नहीं है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक स्कूटी के साथ रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस भी शामिल होगा। इसके अलावा छात्राओं को ISI मार्क हेलमेट और 4 लीटर पेट्रोल देने का भी प्रावधान बताया गया है। इससे छात्राओं को स्कूटी मिलने के बाद शुरुआती खर्च में भी राहत मिल सकती है। योजना के लिए पोर्टल शुरू होने के बाद यूनिवर्सिटी की ओर से पात्र छात्राओं की सूची तैयार की जाएगी। यह सूची जिलाधिकारी और उच्च शिक्षा निदेशक को भेजी जाएगी। इसके बाद छात्राओं के दस्तावेज और पात्रता की जांच होगी। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र छात्राओं को स्कूटी आवंटित की जाएगी और इससे जुड़े प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को लेकर छात्राओं में काफी उत्सुकता है लेकिन आवेदन से पहले योजना की अंतिम गाइडलाइन और आधिकारिक पोर्टल पर जारी जानकारी देखना जरूरी होगा। खास तौर पर अंक, आय, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, शहीद परिवार की श्रेणी और कॉलेज से जुड़ी पात्रता की शर्तों को ध्यान से पढ़ें। किसी सोशल मीडिया पोस्ट या अधूरी जानकारी के आधार पर आवेदन न करें।
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