2026 की टॉप सरकारी योजनाएं, हर युवा को होनी चाहिए पता

Government Scheme: जानिए 2026 में युवाओं के लिए कौन‑कौन सी सरकारी योजनाएं आपके करियर को नया मुकाम दे सकती हैं और कैसे आप अपने अवसरों को बढ़ा सकते हैं। क्लिक करें और पूरी जानकारी पाएं।

Sarkari Yojana For Youth
युवाओं के लिए सरकारी योजनाएं
locationभारत
userअसमीना
calendar13 Jan 2026 04:24 PM
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आज के समय में युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती सही शिक्षा, व्यावहारिक अनुभव और रोजगार पाना है। केंद्र सरकार ने 2026 के अवसर पर ऐसे कई कदम उठाए हैं जो सीधे युवाओं को सक्षम, आत्मनिर्भर और रोजगार-प्रवण बनाने में मदद करते हैं। इन योजनाओं के जरिए युवा न केवल अपने करियर को मजबूत कर सकते हैं बल्कि आर्थिक सहायता और कौशल भी प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं 6 प्रमुख सरकारी योजनाओं के बारे में जो 2026 में हर युवा के लिए अवसर लेकर आई हैं।

1. प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना

यह योजना युवाओं को सरकारी और निजी संस्थानों में व्यावहारिक अनुभव देती है। इसमें इंटर्नशिप ज्वाइनिंग पर ₹6000 एकमुश्त और हर महीने ₹5000 स्टाइपेंड (₹4500 सरकार + ₹500 कंपनी) दिया जाता है। इंटर्नशिप पूरी होने पर प्रमाण पत्र और नौकरी के अवसर भी मिलते हैं। यह उन छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए बेहतरीन है जो अपने कौशल को वास्तविक कार्य अनुभव से जोड़ना चाहते हैं।

2. डिजिटल इंडिया इंटर्नशिप योजना

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली इस योजना में छात्रों को टेक्निकल, मैनेजमेंट, लीगल और फाइनेंस क्षेत्रों में इंटर्नशिप का मौका मिलता है। परियोजनाओं पर काम करने वाले छात्रों को महीने का ₹10,000 स्टाइपेंड और सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह योजना डिजिटल करियर बनाने वाले युवाओं के लिए सबसे उपयुक्त है।

3. अग्निपथ योजना

भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना में भर्ती के लिए बनाई गई यह योजना युवाओं को चार साल की सेवा और अग्निवीर बनने का अवसर देती है। सेवा के दौरान मासिक वेतन ₹30,000–₹40,000, ₹11.71 लाख सेवा निधि (टैक्स मुक्त) और ₹48 लाख जीवन बीमा मिलता है। इसके अलावा सेवा पूरी होने पर 25% अग्निवीरों को स्थायी नौकरी का मौका भी मिलता है। यह योजना अनुशासन, नेतृत्व और करियर विकास में मदद करती है।

4. पीएम यशस्वी योजना

यह योजना OBC, EBC और DNT वर्ग के मेधावी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराती है। इसमें प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप, टॉप क्लास स्कूल और कॉलेज एजुकेशन स्कीम, हॉस्टल जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम के तहत छात्र ₹1,25,000 तक की सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना छात्रों को शिक्षा और करियर के हर स्तर पर समर्थन देती है।

5. प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM VBRY)

यह योजना युवाओं को पहली नौकरी मिलने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देती है। योजना के तहत पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15,000 प्रोत्साहन राशि दी जाती है। 4.1 करोड़ युवाओं को रोजगार, कौशल और अवसर प्रदान करने के लक्ष्य वाली यह योजना करियर की शुरुआत मजबूत करने में मदद करती है।

6. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

युवाओं को आवश्यक कौशल, ट्रेनिंग और रोजगार-संबंधी अनुभव देने के लिए बनाई गई यह योजना 2–3 महीने की ट्रेनिंग और कुछ कोर्स पर ₹10,000 स्टाइपेंड प्रदान करती है। इसमें सॉफ्ट स्किल्स, डिजिटल साक्षरता और वित्तीय जागरूकता की ट्रेनिंग भी शामिल है। प्रशिक्षण पूरा होने पर सरकारी मान्यता वाला सर्टिफिकेट मिलता है और स्वरोजगार या नौकरी के अवसर भी उपलब्ध होते हैं।

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प्राइवेट कर्मचारी ध्यान दें! आपके काम की है खबर

EPFO: अगर EPFO की वेज लिमिट बढ़कर 30,000 हो जाए तो प्राइवेट कर्मचारियों की पेंशन में बड़ा बदलाव आएगा। जानिए न्यूनतम और अधिकतम पेंशन कितनी हो सकती है साथ ही EPS पेंशन कैलकुलेशन का असर और भविष्य के फायदे भी देखें।

EPFO
EPFO
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userअसमीना
calendar13 Jan 2026 02:48 PM
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प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए EPFO की पेंशन योजना रिटायरमेंट के समय बहुत अहम होती है। यह योजना कर्मचारियों को मासिक पेंशन देती है जो उनकी सैलरी और सेवा अवधि पर निर्भर करती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी पेंशन सीधे वेज़ लिमिट पर निर्भर करती है? अभी EPFO की वेज लिमिट 15,000 रुपये है।

एक फॉर्मूले से होता है पेंशन का कैलकुलेशन

वर्तमान में EPFO के तहत प्राइवेट कर्मचारियों को न्यूनतम 1,000 रुपये और अधिकतम 7,500 रुपये की मासिक पेंशन मिलती है। पेंशन का कैलकुलेशन एक फॉर्मूले से होता है जिसमें पेंशन योग्य सैलरी और सेवा वर्षों को ध्यान में रखा जाता है। यहां पेंशन योग्य सैलरी पिछले 60 महीनों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का औसत होती है जबकि पेंशन योग्य सर्विस आपके कुल सेवा साल हैं। अभी यह कैलकुलेशन 15,000 रुपये की सैलरी तक ही मान्य है और अधिकतम सेवा 35 साल मानी जाती है।

दोगुनी हो जाएगी पेंशन

अगर नई वेज लिमिट 30,000 रुपये कर दी जाती है तो इसका सीधा फायदा कर्मचारियों की पेंशन पर पड़ेगा। अब EPFO में योगदान अधिकतम 30,000 रुपये की सैलरी पर होगा जिससे पेंशन राशि बढ़ जाएगी। इस बदलाव के बाद, अधिकतम पेंशन 15,000 रुपये प्रति माह और न्यूनतम पेंशन 4,285 रुपये प्रति माह हो सकती है। यानी पहले की तुलना में पेंशन लगभग दोगुनी हो जाएगी जो रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों के लिए वित्तीय सुरक्षा को मजबूत बनाएगी।

बदलाव क्यों है जरूरी?

यह बदलाव इसलिए जरूरी है क्योंकि पिछले 15,000 रुपये की वेज लिमिट अब पर्याप्त नहीं रही। महंगाई और बढ़ती सैलरी को देखते हुए पेंशन को भी अपडेट करना जरूरी हो गया है। इससे उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारियों को भी सही पेंशन मिलेगी और रिटायरमेंट के समय उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

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किसान ध्यान दें! KCC ब्याज दर में आया बड़ा बदलाव, जल्दी जान लें

KCC: बिहार के किसानों के लिए खुशखबरी है। अब Kisan Credit Card (KCC) लोन पर अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी मिलेगी। केंद्र सरकार की 3% ब्याज छूट के अलावा राज्य सरकार 1% अतिरिक्त छूट देगी। यह लाभ 3 लाख तक के फसल ऋण पर मिलेगा।

KCC
किसान क्रेडिट कार्ड
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userअसमीना
calendar10 Jan 2026 02:52 PM
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बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार की किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना अब और भी लाभकारी हो गई है। इस योजना के तहत किसानों को खेती और घर की जरूरतों के लिए आसान ऋण मिलता है जिससे वे सूदखोरों के जाल में फंसने से बच सकते हैं। अब बिहार सरकार ने इस योजना में अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी देने का फैसला किया है जिससे किसानों का आर्थिक बोझ और कम होगा।

बिहार में KCC योजना के तहत अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी

बिहार सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत ऋण पर अतिरिक्त 1% ब्याज सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इसके लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव की मौजूदगी में यह समझौता सम्पन्न हुआ। केंद्र सरकार पहले से ही किसान क्रेडिट कार्ड पर 3% ब्याज सब्सिडी देती है। अब राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त 1% की सब्सिडी मिलने से कुल 4% की ब्याज छूट किसानों को मिलेगी।

कौन-कौन से किसान लाभान्वित होंगे?

यह लाभ उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या सहकारी बैंक से तीन लाख रुपये तक का फसल उत्पादन ऋण लिया है। ध्यान रहे कि यह प्रोत्साहन केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो निर्धारित समय पर ऋण का भुगतान करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से संस्थागत ऋण प्रवाह बढ़ेगा, कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, उत्पादकता और किसानों की आय में सुधार होगा। बिहार सरकार ने इस योजना के लिए पांच करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

किसान क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाएं?

किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना अब आसान है। इसके लिए आपको अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां से KCC का आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें, इसे सही तरीके से भरें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ बैंक में जमा कर दें। KCC बनने के बाद आप किसी भी बैंक के ATM या माइक्रो ATM से ऋण राशि निकाल सकते हैं।

किसान क्रेडिट कार्ड के लिए जरूरी दस्तावेज

KCC के लिए आवेदन करने के लिए निम्न दस्तावेज आवश्यक हैं:

  • भरा हुआ आवेदन फॉर्म
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • पहचान पत्र (Aadhar Card, Voter ID आदि)
  • निवास प्रमाण पत्र
  • रेवेन्यू प्रशासन द्वारा प्रमाणित जमीन के कागज
  • फसल का ब्यौरा

बिहार सरकार की यह पहल किसानों के लिए एक सपनों जैसी राहत है। अब किसान आसानी से ऋण ले सकते हैं और अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी का लाभ उठाकर कृषि निवेश और उत्पादन बढ़ा सकते हैं। KCC योजना से किसानों को आर्थिक सुरक्षा और खेती में उन्नति के नए अवसर मिलेंगे।