उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गरीबी मिटाने के लिए “जीरो पावर्टी अभियान” की शुरुआत की है। इस अभियान में ऐसे पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा जो अब तक वंचित रह गए हैं। अगर आप भी यूपी सरकार की किसी योजना से वंचित हैं, तो यह आपके लिए आखिरी मौका हो सकता है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है ताकि कोई भी गरीब परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य में एक महीने तक “जीरो पावर्टी स्पेशल ड्राइव” चलाया जाए। योगी सरकार की इस अभियान का मकसद उन पात्र लोगों को खोज निकालना है जिन्हें अब तक सरकार की किसी भी योजना का फायदा नहीं मिल पाया है। मुख्यमंत्री योगी ने साफ कहा है कि, “सरकार की मंशा साफ है हर गरीब तक योजना का सीधा लाभ पहुंचे, कोई भी पात्र परिवार पीछे न रह जाए।”
पहले चरण में 7 प्रमुख योजनाओं पर फोकस रहेगा जैसे-राशन कार्ड, दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत (जन आरोग्य योजना)। इन योजनाओं का लाभ 15 नवंबर तक सभी पात्र लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।
इसके बाद दूसरे चरण में बाकी योजनाओं की सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाएगी जिसकी अंतिम तारीख 30 नवंबर तय की गई है। अधिकारी हर जिले में इस पर नजर रखेंगे कि कोई भी परिवार छूट न जाए।
सीएम योगी ने कहा कि इस अभियान का असली मकसद गरीबी को खत्म करना और हर पात्र परिवार को सरकारी मदद दिलाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन परिवारों के पास घर नहीं है उन्हें प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर मिले। साथ ही यह भी देखा जाए कि परिवार के सभी सदस्यों के नाम राशन कार्ड में दर्ज हों।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। ताकि किसी स्तर पर लापरवाही न हो और जीरो पावर्टी मिशन सही मायने में सफल हो सके। उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम उत्तर प्रदेश के गरीब और वंचित परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है। अगर यह अभियान सही दिशा में चला तो वाकई में उत्तर प्रदेश “जीरो पावर्टी” की ओर बढ़ता हुआ नजर आएगा।