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कई लोगों के घरों में वर्षों पुरानी तस्वीरें, सिक्के, किताबें, मूर्तियां और ऐतिहासिक सामान रखे होते हैं। पहले ये चीजें सिर्फ यादों तक सीमित रहती थीं लेकिन अब इन्हीं धरोहरों से अच्छी कमाई भी की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश अब सिर्फ धार्मिक और ऐतिहासिक जगहों के लिए ही नहीं बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने के लिए भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार लगातार पर्यटन और विरासत को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में एक नई योजना शुरू की गई है जो उन लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है जिनके पास पुरानी तस्वीरें, ऐतिहासिक चीजें, दुर्लभ कलाकृतियां या पांडुलिपियां मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश सरकार चाहती है कि लोग अपनी निजी धरोहर को सिर्फ घरों तक सीमित न रखें बल्कि उसे दुनिया के सामने लाएं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में अब पब्लिक म्यूजियम खोलने के लिए खास सब्सिडी दी जा रही है। उत्तर प्रदेश की यह योजना विरासत को बचाने के साथ-साथ लोगों के लिए कमाई का नया रास्ता भी खोल सकती है।
कई लोगों के घरों में वर्षों पुरानी तस्वीरें, सिक्के, किताबें, मूर्तियां और ऐतिहासिक सामान रखे होते हैं। पहले ये चीजें सिर्फ यादों तक सीमित रहती थीं लेकिन अब इन्हीं धरोहरों से अच्छी कमाई भी की जा सकती है। योगी सरकार की नई योजना के तहत लोग अपनी जमीन या लीज पर ली गई जगह पर निजी संग्रहालय यानी पब्लिक म्यूजियम खोल सकते हैं। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को रोजगार के नए मौके भी मिलेंगे। खास बात यह है कि म्यूजियम चलाने वाले लोग टिकट का रेट भी खुद तय कर सकेंगे।
इस योजना में सरकार निवेश के हिसाब से आर्थिक मदद दे रही है। अगर कोई व्यक्ति 10 लाख रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये तक का निवेश करता है तो उसे 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिल सकती है। यह सब्सिडी अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक दी जाएगी। महिला उद्यमियों और एससी-एसटी वर्ग के लोगों के लिए अतिरिक्त फायदा भी रखा गया है। उन्हें 5 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान मिलेगा। इसके अलावा स्टांप ड्यूटी और जमीन से जुड़ी कुछ फीस में भी राहत दी जाएगी जिससे लोगों का खर्च काफी कम हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में पहले से ही बड़ी संख्या में देश और विदेश से पर्यटक आते हैं। वाराणसी, अयोध्या, मथुरा, आगरा और लखनऊ जैसे शहर पर्यटन के बड़े केंद्र माने जाते हैं। अब निजी म्यूजियम खुलने से पर्यटकों को नई चीजें देखने का मौका मिलेगा। पर्यटन विभाग का मानना है कि इससे प्रदेश की लोक कला, इतिहास और पुरानी विरासत को नई पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
आज के समय में युवा नए बिजनेस आइडिया की तलाश में रहते हैं। ऐसे में पब्लिक म्यूजियम एक अलग और यूनिक बिजनेस मॉडल बन सकता है। अगर किसी के पास ऐतिहासिक चीजों का अच्छा संग्रह है तो वह इसे एक आकर्षक पर्यटन स्थल में बदल सकता है। इसके जरिए लोग टिकट, गाइड सेवा, कैफे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भी कमाई कर सकते हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल प्रमोशन की मदद से ऐसे म्यूजियम जल्दी लोकप्रिय हो सकते हैं।
योगी सरकार की यह योजना सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं है। इसका एक बड़ा उद्देश्य पुरानी धरोहरों और संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना भी है। कई बार घरों में रखी ऐतिहासिक चीजें समय के साथ खराब हो जाती हैं लेकिन म्यूजियम बनने से उन्हें सुरक्षित रखा जा सकेगा। यह योजना उन लोगों के लिए एक शानदार मौका बन सकती है जो अपनी विरासत को पहचान दिलाने के साथ-साथ उससे अच्छी कमाई भी करना चाहते हैं।
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