उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए कई बड़ी योजनाएं शुरू की हैं जिनमें UP-एग्रीज परियोजना, किसान क्रेडिट कार्ड विस्तार, कृषक समृद्धि योजना, कृषि मशीनरी सब्सिडी, फार्म स्टे पहल, रबी मिनी किट वितरण और खेत तालाब योजना जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए साल 2025 कई नई उम्मीदें लेकर आया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस साल ऐसी योजनाएं शुरू की हैं जिनका सीधा असर खेत, फसल और किसान की जेब पर पड़ेगा। इन योजनाओं का मकसद साफ है खेती को आधुनिक बनाना, किसानों को सस्ता कर्ज देना, तकनीक से जोड़ना और उनकी आय में असली बढ़ोतरी करना। उत्तर प्रदेश सरकार का फोकस इस बार सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है बल्कि पशुपालन, कृषि पर्यटन और जल संरक्षण को भी मजबूत दिशा देने पर है। आइए समझते हैं कि 2025 में ऐसी कौन-सी योजनाएं हैं जिन्होंने किसानों को एक नया भरोसा दिया है।
उत्तर प्रदेश ने 29 जनवरी 2025 को विश्व बैंक की साझेदारी में UP-AGREES प्रोजेक्ट शुरू किया। इसका लक्ष्य खेत की पैदावार बढ़ाना, किसानों को आधुनिक तरीकों से जोड़ना और गांवों में कृषि-आधारित रोजगार के नए रास्ते खोलना है। सरकार के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से प्रमुख फसलों की उपज 10 कुंतल से बढ़कर 14–15 कुंतल प्रति एकड़ तक पहुंच सकती है। इसका सीधा फायदा लाखों छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा। किसान इस योजना में शामिल होने के लिए कृषि विभाग के दफ्तर या प्रोजेक्ट टीम से संपर्क कर सकते हैं।
19 मई 2025 को लागू की गई इस योजना का मकसद छोटे किसानों को सस्ती ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराना है। इससे वे महंगे साहूकारों के चक्कर से बचकर अपनी खेती में खुद निवेश कर पाएंगे। किसान सहकारी बैंक या कृषि विभाग से बहुत ही आसान प्रक्रिया के जरिए आवेदन कर सकते हैं। सरकार का दावा है कि इस योजना से किसानों की आय में सीधा सुधार होगा और वे ज्यादा आत्मनिर्भर बनेंगे।
UP सरकार ने 2025 में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का दायरा और बड़ा कर दिया है। इस साल 25 लाख नए किसानों को KCC देने का लक्ष्य तय किया गया है। पहले ही 71 लाख से ज्यादा किसानों को इसका फायदा मिल चुका है। अब और अधिक किसान समय पर खेती के लिए ऋण ले सकेंगे और मौसम पर निर्भर खर्चों को आसानी से संभाल पाएंगे। आवेदन बैंक शाखा या कृषि विभाग की वेबसाइट से किया जा सकता है।
30 जून 2025 को सरकार ने आधुनिक कृषि उपकरणों पर भारी सब्सिडी देने की घोषणा की। कई मशीनों जैसे ड्रोन, पावर टिलर, थ्रेसर और रोटावेटर पर 80% तक की आर्थिक मदद दी जा रही है। इससे खेती की लागत काफी कम होगी और किसान आधुनिक तकनीक अपनाने में पीछे नहीं रहेंगे। आवेदन agridarshan.up.gov.in पर “किसान कॉर्नर” में किया जाता है।
6–8 अगस्त 2025 तक पूरे प्रदेश में कृषि उपकरणों की ई-लॉटरी निकाली गई। इसमें किसानों को मिनी ऑयल मिल, प्लास्टिक शीट और कई मशीनों का मौका लॉटरी के माध्यम से मिला। जिसने पहले बुकिंग कर ली थी वही ड्रा में शामिल हुआ। इस प्रक्रिया को इसलिए लाया गया ताकि वितरण पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रहे।
15 से 29 अक्टूबर 2025 तक सरकार ने 50% सब्सिडी वाली मशीनरी योजना चलाई। इससे ट्रैक्टर, कटाई मशीन, ड्रोन और फसल अवशेष प्रबंधन उपकरण आधी कीमत में उपलब्ध कराए गए। जिन किसानों के पास ऑनलाइन आवेदन की सुविधा नहीं थी वे CSC केंद्र से भी आवेदन कर सकते थे। इस योजना से खेती की लागत आधी रह जाती है और मेहनत भी कम होती है।
रबी सीजन 2025-26 के लिए सरकार ने 92,000 से अधिक किसानों को मिनी किट देने की घोषणा की। इन किटों में उच्च गुणवत्ता वाले बीज और खाद शामिल हैं, जिससे पैदावार बढ़ाने में मदद मिलती है। किसान कृषि विभाग के दफ्तर या वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
16 सितंबर 2025 से चल रहे इस अभियान का लक्ष्य प्रदेश के 100% किसानों को पंजीकृत करना है। इससे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं की राशि सही किसानों तक पहुंचेगी। अब तक 1.45 करोड़ किसानों का पंजीकरण हो चुका है। किसान को सिर्फ आधार और खसरा की जानकारी लेकर शिविर में जाना होता है।
पानी की बचत और सिंचाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार 2025-26 में 8,499 नए खेत तालाब बना रही है। प्रत्येक तालाब की लागत पर 50% तक सब्सिडी यानी ₹52,500 तक की मदद दी जा रही है। इससे बारिश का पानी खेत में जमा रहेगा और सिंचाई की दिक्कत काफी कम होगी।