उत्तर प्रदेश में चल रही बड़ी स्वास्थ्य योजनाएं लाखों परिवारों के लिए जिंदगी बदलने वाली साबित हो रही हैं। इनमें आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, मुफ्त Dialysis–CT Scan सेवा, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पोषण अभियान, मातृत्व योजनाएं और महिलाओं के लिए खास हेल्थ कैंप जैसी बड़ी योजनाएं शामिल है।

उत्तर प्रदेश में 2025–26 का समय हेल्थ सेक्टर के लिए किसी बड़े बदलाव से कम नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार लगातार ऐसी योजनाएं चला रही है जिनका सीधा फायदा गरीब, मजदूर, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों सबको मिल रहा है। इलाज से लेकर चेकअप तक और पोषण से लेकर बीमा तक लगभग हर जरूरत को कवर करने की कोशिश की जा रही है। अगर आप UP में रहते हैं तो ये 10 बड़ी हेल्थ योजनाएं आपके परिवार की सेहत और जेब दोनों के लिए बेहद काम की हैं। चलिए जानते हैं उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाएं के बारे में।
UP में आयुष्मान भारत एक तरह से हेल्थ कवच बन चुका है। 5 लाख तक का कैशलेस इलाज, 6,000 से ज्यादा अस्पतालों में सुविधा और करोड़ों कार्ड इस स्कीम ने राज्य को पूरे देश में नंबर 1 बनाया है। सितंबर 2025 तक 5.3 करोड़ से ज्यादा लोगों के कार्ड बन चुके हैं और लाखों मरीज बिना पैसे खर्च किए बड़े से बड़े अस्पताल में इलाज करा चुके हैं। सरकार ने 2025–26 के बजट में भी इसे और मजबूत करने के संकेत दिए हैं। यह योजना उन परिवारों के लिए है जो आयुष्मान डेटाबेस में शामिल हैं और आर्थिक रूप से कमजोर माने जाते हैं।
UP-MJAY यानी मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना उन लोगों के लिए है जो आयुष्मान की सूची में नहीं आते लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इस योजना में भी पूरा परिवार 5 लाख तक का कैशलेस इलाज करा सकता है। हार्ट सर्जरी, कैंसर ट्रीटमेंट, किडनी ट्रांसप्लांट करीब 2,500 से ज्यादा बीमारियां कवर हैं। रजिस्ट्रेशन और स्टेटस चेक करना भी आसान है क्योंकि सबकुछ ऑनलाइन ayushmanup.in पर उपलब्ध है।
UP सरकार ने लाखों लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए 22,000+ हेल्थ यूनिट्स को “आयुष्मान आरोग्य मंदिर” में बदल दिया है। यहां OPD, बेसिक जांच, मुफ्त दवाइयां, स्क्रीनिंग और टेलीमेडिसिन सब फ्री मिलता है। 2025 में सरकार शहरों में भी 564 नए आरोग्य मंदिर खोलने की तैयारी कर चुकी है। इसका मतलब है कि अब गांव हो या शहर हेल्थ सेवाएं लोगों के घर के पास पहुंच रही हैं।
कई लोगों के लिए डायलिसिस या CT स्कैन का खर्च सबसे भारी पड़ता है। लेकिन UP में NHM के जरिए जिला अस्पतालों में ये दोनों सेवाएं मुफ्त मिल रही हैं। ये सुविधा 2025–26 के बजट में भी जारी रहेगी ताकि गरीब मरीजों को प्राइवेट में महंगी जांच कराने के लिए मजबूर न होना पड़े।
जब किसी परिवार के पास न बीमा हो, न पैसा और बीमारी बेहद गंभीर हो तब मुख्यमंत्री राहत कोष बड़ा सहारा बनता है। कैंसर, बड़े ऑपरेशन, ट्रांसप्लांट ऐसे मामलों में सरकार सीधे आर्थिक सहायता देती है। 2025 की एक रिपोर्ट के मुताबिक केवल प्रयागराज के 141 मरीजों को ₹2 करोड़ से ज्यादा की मदद मिली। आवेदन जिला प्रशासन या जनप्रतिनिधि के माध्यम से CM ऑफिस में भेजा जाता है।
जो मजदूर रजिस्टर्ड हैं लेकिन आयुष्मान या CMJAY का लाभ नहीं ले रहे उनके लिए ये योजना काम आती है। श्रमिक, उनकी पत्नी, माता–पिता, बेटियां, बेटे सबका इलाज मेडिकल बिल के आधार पर कवर होता है। सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मजदूर सिर्फ पैसे की वजह से इलाज से वंचित न रह जाए।
महिलाओं और किशोरियों की सेहत को मजबूत करने के लिए 2025 में लखनऊ से इस अभियान की शुरुआत हुई। दो हफ्तों तक पूरे UP में बड़े पैमाने पर हेल्थ कैंप लगे। BP, शुगर, एनीमिया, कैंसर स्क्रीनिंग, आंखों की जांच, ENT जांच, टीकाकरण, काउंसलिंग सबकुछ मुफ्त। यह अभियान Mission Shakti 5.0 का हिस्सा है और इसे लगातार बढ़ाया जा रहा है।
हर साल बरसात और गर्मी के मौसम में डेंगू, मलेरिया, जापानी बुखार, पानी से फैलने वाले रोग बढ़ जाते हैं। UP सरकार 2025 में भी इन बीमारियों से बचाने के लिए “विशेष संचारि रोग नियंत्रण अभियान” और “दस्तक अभियान” चला रही है। आशा वर्कर घर-घर जाकर बच्चों का हाल पूछती हैं, टीकाकरण चेक करती हैं और साफ-सफाई पर भी ध्यान दिलाती हैं। यह UP की पब्लिक हेल्थ स्ट्रेटजी का मजबूत हिस्सा बन चुका है।
UP में कुपोषण को कम करने के लिए 2025 में बड़े स्तर पर कार्यक्रम चलाए गए। Sambhav Abhiyan के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर विजिट कर बच्चों की पोषण स्थिति सुधारी। मिशन खिलखिलाहट में अधिकारी बच्चे गोद लेते हैं उन्हें पौष्टिक भोजन और आवश्यक सप्लीमेंट्स देते हैं। इससे कई जिलों में SAM बच्चों की संख्या में 40% तक कमी दर्ज हुई जो बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
गर्भवती महिलाओं को पोषण और देखभाल मिले इस उद्देश्य से PMMVY के तहत ₹5,000 से ₹6,000 तक की राशि दी जाती है।
UP में 2025 में इस योजना का बड़ा अभियान चलाया गया गोदभराई कार्यक्रम, पोषाहार वितरण, रजिस्ट्रेशन कैंप, मोबाइल ऐप अपडेट और आंगनवाड़ी वर्करों की सुविधाएं बढ़ाई गईं। यह स्कीम महिलाओं की सेहत और बच्चे के पोषण दोनों पर सीधा सकारात्मक असर डालती है।