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सरकार ने अलग-अलग सीजन के हिसाब से राशि तय की है। खरीफ सीजन के लिए पहले ही बड़ी रकम किसानों को दी जा चुकी है और अब बची हुई राशि जारी की जा रही है। वहीं रबी सीजन के लिए भी कुछ हिस्सा कल ट्रांसफर किया गया।

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से फसल नुकसान की मार झेल रहे किसानों को अब सरकार की तरफ से आर्थिक मदद मिलने जा रही है। Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के तहत किसानों के खातों में 122 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की गई है। इससे हजारों किसानों को सीधा फायदा मिला है।
जानकारी के मुताबिक, इसके लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। जिन किसानों ने इस योजना के तहत फसल खराब होने का क्लेम किया था उन्हें यह राशि भेजी गई है। इस पहल से खास तौर पर उन किसानों को राहत मिली है जिनकी फसल बेमौसम बारिश या अन्य प्राकृतिक कारणों से खराब हुई थी।
यह योजना फिलहाल उत्तर प्रदेश के करीब 60 जिलों में लागू है। इन जिलों के किसान जिन्होंने खरीफ 2025 और रबी 2025-26 सीजन के लिए बीमा कराया था उन्हें इस भुगतान का लाभ मिला। सरकार का मकसद है कि नुकसान झेल रहे किसानों को समय पर मदद मिले ताकि वे अगली फसल की तैयारी बिना किसी परेशानी के कर सकें।
सरकार ने अलग-अलग सीजन के हिसाब से राशि तय की है। खरीफ सीजन के लिए पहले ही बड़ी रकम किसानों को दी जा चुकी है और अब बची हुई राशि जारी की जा रही है। वहीं रबी सीजन के लिए भी कुछ हिस्सा कल ट्रांसफर किया गया। इस तरह कुल मिलाकर 122 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि किसानों के खातों में पहुंचेगी।
इस योजना के तहत मिलने वाली रकम एक तय फॉर्मूले के आधार पर तय की जाती है। इसमें फसल के औसत उत्पादन और वास्तविक नुकसान को ध्यान में रखा जाता है। सरल शब्दों में कहें तो जितना ज्यादा नुकसान होगा उसी हिसाब से क्लेम की राशि भी तय होती है। इससे किसानों को उनके नुकसान के अनुसार सही मुआवजा मिल पाता है।
अगर आपने भी इस योजना में आवेदन किया है तो आप अपना स्टेटस ऑनलाइन आसानी से देख सकते हैं। इसके लिए आपको योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी पॉलिसी आईडी डालनी होती है। कुछ ही सेकंड में आपको यह पता चल जाएगा कि आपका क्लेम पास हुआ है या नहीं और कितनी राशि मिली है।
अगर तय समय के बाद भी आपके खाते में पैसा नहीं आया है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप अपने नजदीकी कृषि केंद्र या बीमा कंपनी के दफ्तर में संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर पर भी जानकारी ली जा सकती है जहां आपकी शिकायत दर्ज की जाएगी और समाधान किया जाएगा।
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