यह मदद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत जारी हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि इस भुगतान से एक तरफ फसल नुकसान की भरपाई होगी, तो दूसरी तरफ दुर्घटना की मार झेल चुके परिवारों को वक्त रहते सहारा भी मिलेगा।

UP News : उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए शनिवार का दिन राहत और भरोसे का संदेश लेकर आया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीबीटी के जरिए उत्तर प्रदेश के ढाई लाख से ज्यादा किसानों और उनके परिवारों के खातों में कुल 460 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए। यह मदद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत जारी हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि इस भुगतान से एक तरफ फसल नुकसान की भरपाई होगी, तो दूसरी तरफ दुर्घटना की मार झेल चुके परिवारों को वक्त रहते सहारा भी मिलेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसान की सबसे बड़ी चुनौती अक्सर मौसम की अनिश्चितता बन जाती है। कभी बेमौसम बारिश, तो कभी ओलावृष्टि तो कभी सूखा मेहनत की कमाई पर पानी फेर देता है। इसी नुकसान की भरपाई को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रदेश के 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब व्यवस्था को तकनीक और डीबीटी से जोड़ा गया है, ताकि किसान को मुआवजे के लिए दफ्तरों की लाइन नहीं लगानी पड़े और पैसा सीधे खाते में पहुंचे। इसके साथ ही सीएम योगी ने किसानों की सामाजिक सुरक्षा को भी सरकार की प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत उन 3,500 परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता दी गई, जिन्होंने दुर्घटना में अपने किसान/मुखिया को खो दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और संकट की घड़ी में सरकार उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। सरकार के मुताबिक, इस योजना के तहत प्रति परिवार औसतन करीब 5 लाख रुपये की मदद पहुंचाई जा रही है, ताकि दुख की घड़ी में परिवार का भविष्य डगमगाए नहीं और जीवन की गाड़ी फिर से पटरी पर लौट सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में खेती-किसानी का पूरा ढांचा नई रफ्तार में आया है। उनका दावा है कि सरकार ने किसान को केंद्र में रखकर बीज से लेकर बाजार तक की कई व्यवस्थाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा, ताकि योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव, पारदर्शी तरीके से सही पात्र तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मृदा परीक्षण, किसान जीवन बीमा समेत तमाम किसान हितकारी सुविधाएं सिर्फ कागजों में न रहें, बल्कि समयसीमा के भीतर हर जरूरतमंद किसान तक जमीन पर पहुंचें। UP News