Uttarakhand Sports Scholarship Scheme: उत्तराखंड सरकार ने ऐसे ही उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन छात्रवृत्ति योजना शुरू की है।

हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा जीवन में कुछ बड़ा हासिल करे। अगर किसी बच्चे में खेल के प्रति जुनून और प्रतिभा है तो अब आर्थिक स्थिति उसके रास्ते में बाधा नहीं बनेगी। उत्तराखंड सरकार ने ऐसे ही उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन छात्रवृत्ति योजना शुरू की है। इस योजना के तहत राज्य के 8 से 14 वर्ष की आयु वाले प्रतिभाशाली बालक और बालिकाओं को चयनित कर हर महीने 1500 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है।
उत्तराखंड सरकार की मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन छात्रवृत्ति योजना राज्य के होनहार युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है। इस योजना में 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों का चयन किया जाता है जिनमें खेल प्रतिभा और शारीरिक दक्षता बेहतर होती है। चयनित खिलाड़ियों को सरकार की ओर से हर महीने 1500 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। यह आर्थिक सहायता बच्चों को खेल से जुड़े खर्चों, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाओं में मदद करती है।
चमोली जिले में इस योजना के तहत प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के चयन के लिए जिलास्तरीय शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन स्पोर्ट्स स्टेडियम गोपेश्वर में किया गया। चयन प्रक्रिया का शुभारंभ अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस योजना के तहत प्रत्येक आयु वर्ग में 25 बालक और 25 बालिकाओं का चयन किया जाएगा। इस तरह चमोली जिले से कुल 150 बालक और 150 बालिका खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति के लिए चुना जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को हर महीने 1500 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
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चयन प्रक्रिया के पहले दिन 8 से 9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की गई। इसमें 53 बालक और 49 बालिकाओं समेत कुल 102 खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। पूरी परीक्षा निर्धारित मानकों के अनुसार निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई। बच्चों ने चयनित होने के लिए दौड़, शारीरिक क्षमता और अन्य निर्धारित परीक्षणों में अपना प्रदर्शन किया। खेल प्रशिक्षकों ने बताया कि इस योजना के माध्यम से कम उम्र में बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचाना जा रहा है और उन्हें आगे बढ़ने का बेहतर मंच दिया जा रहा है।
योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। कई बार प्रतिभाशाली बच्चे आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपनी प्रतिभा को आगे नहीं ले जा पाते। ऐसे में सरकार की यह छात्रवृत्ति योजना उनके लिए मददगार साबित हो सकती है। छात्रवृत्ति मिलने से बच्चों को खेल सामग्री, प्रशिक्षण और अन्य जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी। इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
चयन प्रक्रिया में शामिल अभिभावकों ने भी सरकार की इस पहल की सराहना की। उनका कहना है कि ऐसी योजनाओं से बच्चों में प्रतियोगिता की भावना बढ़ती है और उन्हें अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिलता है। अभिभावकों के अनुसार खेलों में आगे बढ़ने के साथ-साथ बच्चों के आत्मविश्वास और अनुशासन में भी सुधार आता है। इसका सकारात्मक प्रभाव उनकी पढ़ाई और व्यक्तिगत विकास पर भी पड़ता है।
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