विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड अजीबिका मिशन (ग्रामीण) के तहत चालू वित्त वर्ष में 10.88 करोड़ सक्रिय श्रमिक पंजीकृत हुए हैं।

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2026-27 में विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड अजीबिका मिशन (ग्रामीण), जिसे VB-G RAM G के नाम से जाना जाता है, में 10.88 करोड़ सक्रिय श्रमिक पंजीकृत हुए हैं। VB-G RAM G अधिनियम, 2025 के तहत 1 जुलाई 2026 को शुरू की गई इस योजना ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का स्थान लिया है। यह बदलाव बिना किसी सेवा व्यवधान के किया गया है। इस नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को अब पहले के 100 दिनों के मुकाबले 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी दी गई है। इस मिशन का मुख्य ध्यान जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, आजीविका से संबंधित संपत्तियों और जलवायु लचीलेपन पर केंद्रित है।
योजना के कार्यान्वयन की गति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 1 जुलाई से 24 सितंबर 2026 के बीच इस कार्यक्रम ने 31.69 करोड़ से अधिक कार्य-दिवसों (person-days) का सृजन किया है। इसी अवधि के दौरान लगभग 2.83 लाख संपत्तियां भी तैयार की गई हैं।
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अंतरिम आवंटन के रूप में 93,841 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। इस कुल राशि में से पहली किश्त के रूप में 25,880 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव केवल मजदूरी सहायता के बजाय संपत्ति निर्माण पर अधिक जोर देता है, जो विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप है। पारदर्शिता और कुशल कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल गवर्नेंस और ग्राम-स्तरीय योजनाएं इस मिशन के प्रमुख घटक हैं। अधिकारियों ने बताया कि बढ़ी हुई गारंटी और केंद्रित बुनियादी ढांचा विकास से ग्रामीण आजीविका और आर्थिक लचीलेपन को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा। यह कदम ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों के आधुनिकीकरण के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, ताकि वे केवल अस्थायी राहत के बजाय दीर्घकालिक विकासात्मक लक्ष्यों में योगदान दे सकें।
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