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Ayush शब्द पांच अलग-अलग इलाज पद्धतियों को मिलाकर बना है। इसमें Ayurveda, Yoga & Naturopathy, Unani, Siddha और Homeopathy शामिल हैं। हालांकि हेल्थ इंश्योरेंस में मुख्य रूप से आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी इलाज को कवर किया जाता है।

आज के समय में लोग सिर्फ एलोपैथी ही नहीं बल्कि आयुर्वेद, होम्योपैथी और दूसरे प्राकृतिक इलाज की तरफ भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कई लोग मानते हैं कि आयुर्वेदिक और नेचुरल ट्रीटमेंट लंबे समय तक बेहतर असर देते हैं और इनके साइड इफेक्ट्स भी कम होते हैं। यही वजह है कि अब हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां भी इस जरूरत को समझ रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए IRDAI यानी Insurance Regulatory and Development Authority of India ने सभी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों में Ayush Treatment को शामिल करना जरूरी कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अब अगर आप आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा या होम्योपैथी से इलाज कराते हैं तो कई मामलों में उसका खर्च भी आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कवर कर सकती है लेकिन हर इलाज इस सुविधा में शामिल नहीं होता। इसके लिए कुछ शर्तें और नियम तय किए गए हैं जिन्हें समझना बहुत जरूरी है।
Ayush शब्द पांच अलग-अलग इलाज पद्धतियों को मिलाकर बना है। इसमें Ayurveda, Yoga & Naturopathy, Unani, Siddha और Homeopathy शामिल हैं। हालांकि हेल्थ इंश्योरेंस में मुख्य रूप से आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी इलाज को कवर किया जाता है। अगर कोई व्यक्ति इन पद्धतियों के जरिए अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करवाता है तो उसका मेडिकल खर्च इंश्योरेंस कंपनी द्वारा कवर किया जा सकता है। यह उन लोगों के लिए खास राहत है जो प्राकृतिक और पारंपरिक इलाज पर भरोसा करते हैं।
Ayush Treatment का क्लेम हर कोई नहीं ले सकता। इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं। सबसे पहली बात यह है कि मरीज को कम से कम 24 घंटे के लिए अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है। सिर्फ डॉक्टर से सलाह लेने या ओपीडी विजिट पर यह सुविधा नहीं मिलती। इसके अलावा इलाज ऐसे अस्पताल में होना चाहिए जो सरकारी हो या सरकार से मान्यता प्राप्त हो। अगर अस्पताल Quality Council of India के अंतर्गत आता है तो भी क्लेम मिल सकता है। साथ ही CCIM और CCH के अंतर्गत आने वाले आयुष कॉलेजों में भर्ती होने पर भी यह सुविधा लागू होती है।
Ayush Treatment के तहत सिर्फ दवा ही नहीं बल्कि इलाज से जुड़े कई दूसरे खर्च भी कवर किए जाते हैं। इसमें आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी से जुड़ी दवाइयों का खर्च शामिल होता है। इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाले उपकरण, उनके रखरखाव का खर्च, अस्पताल में भर्ती रहने की लागत, कमरे का किराया और इलाज से पहले व बाद की कुछ मेडिकल प्रक्रियाओं का खर्च भी पॉलिसी में शामिल हो सकता है यानी अगर सही अस्पताल और सही प्रक्रिया के तहत इलाज कराया जाए तो मरीज को अच्छी आर्थिक राहत मिल सकती है।
हर आयुष इलाज पर इंश्योरेंस क्लेम नहीं मिलता। अगर इलाज किसी प्राइवेट अस्पताल में हो रहा है जो मान्यता प्राप्त नहीं है तो उसका खर्च कवर नहीं होगा। इसी तरह डे-केयर ट्रीटमेंट यानी बिना भर्ती हुए इलाज, अस्पताल में मरीज से मिलने आने वाले लोगों का खर्च, सिर्फ चेकअप के लिए अस्पताल जाना और भर्ती न होना इन सभी पर क्लेम नहीं मिलेगा। इसके अलावा आयुर्वेद से जुड़े ब्यूटी ट्रीटमेंट या कॉस्मेटिक प्रक्रियाएं भी इस पॉलिसी के दायरे में नहीं आतीं। इसलिए इलाज शुरू करने से पहले अपनी पॉलिसी की शर्तें अच्छी तरह पढ़ लेना जरूरी है।
आज कई लोग अपनी बीमारी के लिए नेचुरल और पारंपरिक इलाज को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। खासकर लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों में लोग आयुर्वेद और होम्योपैथी की तरफ ज्यादा झुकाव दिखाते हैं। ऐसे में अगर हेल्थ इंश्योरेंस इस इलाज का खर्च उठाता है तो मरीज को आर्थिक बोझ कम महसूस होता है। यह सुविधा उन परिवारों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है जो नियमित रूप से आयुष पद्धति से इलाज करवाते हैं।
अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस खरीद रहे हैं तो यह जरूर जांच लें कि उसमें Ayush Treatment कवर है या नहीं। कई बार लोग पॉलिसी ले लेते हैं लेकिन बाद में पता चलता है कि उनकी जरूरत वाला इलाज उसमें शामिल ही नहीं है। अस्पताल की मान्यता, क्लेम की सीमा, रूम रेंट और प्री-पोस्ट हॉस्पिटल खर्च जैसी बातों को पहले समझना जरूरी है। सही जानकारी के साथ लिया गया इंश्योरेंस भविष्य में बड़ी राहत दे सकता है।
अब हेल्थ इंश्योरेंस सिर्फ एलोपैथी तक सीमित नहीं रहा। लोगों की बदलती जरूरतों और आयुष इलाज की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए बीमा कंपनियां भी अपने नियम बदल रही हैं। Ayush Treatment का कवर इसी बदलाव का हिस्सा है। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी सुविधा है जो इलाज के लिए प्राकृतिक और पारंपरिक रास्ता चुनते हैं। सही जानकारी और सही पॉलिसी के साथ यह सुविधा मुश्किल समय में बहुत काम आ सकती है
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