मेडिकल साइंस में बड़ी छलांग, वैज्ञानिकों ने बनाई यूनिवर्सल किडनी
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:43 AM
किडनी ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे लाखों मरीजों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। कनाडा और चीन के वैज्ञानिकों ने मिलकर “यूनिवर्सल किडनी” विकसित की है, जो किसी भी ब्लड ग्रुप वाले मरीज के शरीर में सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट की जा सकती है। यह वैज्ञानिक उपलब्धि ट्रांसप्लांटेशन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मोड़ मानी जा रही है। — scientific survey
वैज्ञानिकों ने A ब्लड ग्रुप की किडनी को खास एंजाइम्स की मदद से O टाइप में बदल दिया, जो सभी ब्लड ग्रुप्स (A, B, AB, O) के मरीजों को दी जा सकती है। इसे O टाइप किडनी जैसी "यूनिवर्सल" माना जा रहा है। यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया (UBC) के वैज्ञानिक स्टीफन विथर्स के मुताबिक, "हमने पहली बार इंसानी शरीर में इस बदली हुई किडनी का सफल परीक्षण किया है। यह कई दिनों तक शरीर में काम करती रही और इसे रिजेक्शन का सामना नहीं करना पड़ा।"
आम तौर पर किडनी की सतह पर ब्लड टाइप आधारित एंटीजेंस (शुगर मॉलेक्यूल) होते हैं, जो शरीर को बताते हैं कि अंग “अपना” है या “विदेशी”। वैज्ञानिकों ने विशेष एंजाइम्स का उपयोग करके A टाइप के एंटीजेंस हटा दिए, जिससे किडनी O टाइप जैसी बन गई। अब इम्यून सिस्टम उस किडनी को "विदेशी" नहीं मानता, जिससे ट्रांसप्लांट सफल होता है।
बता दे कि पहले चरण में एक ब्रेन-डेड डोनर के शरीर में इस बदली गई किडनी को ट्रांसप्लांट किया गया। दूसरे चरण में किडनी ने सामान्य रूप से ब्लड फिल्टर किया और वेस्ट निकाला गया और उसके तीसरे दिन हल्का इम्यून रिस्पॉन्स दिखा, लेकिन शरीर उसे सहन कर रहा था– यह संकेत है कि ट्रांसप्लांट मुमकिन है। बता दे कि यह तकनीक अभी ''प्रारंभिक चरण'' में है। लिविंग पेशेंट्स पर ट्रायल अभी बाकी हैं। रिसर्च अभी नेचर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग जर्नल में प्रकाशित हुई है।
जाने, क्यों है ये ब्रेकथ्रू बेहद अहम?
बता दे कि सिर्फ अमेरिका में हर दिन 11 मरीज किडनी न मिलने से मर जाते हैं। भारत में 2 लाख से अधिक लोग डायलिसिस पर हैं। O टाइप किडनी की मांग बहुत ज्यादा है, लेकिन डोनर कम हैं। यूनिवर्सल किडनी के आने से वेटिंग टाइम घटेगा, और डोनर पूल दोगुना हो सकता है।
बता दे कि वैज्ञानिक सूअर (पिग्स) की किडनी, कृत्रिम एंटीबॉडी और 3D बायोप्रिंटिंग जैसे विकल्पों पर भी काम कर रहे हैं, लेकिन यूनिवर्सल किडनी **फिलहाल सबसे व्यावहारिक और उन्नत समाधान** के रूप में उभर रही है। यूनिवर्सल किडनी की सफलता से न सिर्फ ट्रांसप्लांटेशन की दुनिया बदल सकती है, बल्कि यह लाखों परिवारों के लिए 'नई उम्मीद की किरण' बन सकती है। अब जरूरत है इस तकनीक को इंसानी ट्रायल्स में लाकर 'व्यवहारिक स्तर पर लागू करने की'।