भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे का मानना है कि अभिषेक की टॉप ऑर्डर में आक्रामक मौजूदगी भारत की टी20 वर्ल्ड कप तैयारी को धार दे सकती है, क्योंकि इससे टीम किसी एक ओपनर पर जरूरत से ज्यादा निर्भर नहीं रहती।

Abhishek Sharma : टीम इंडिया के युवा ओपनर अभिषेक शर्मा ने हाल के मैचों में जिस बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी की है, वह टी20 क्रिकेट में किसी भी गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बना सकता है। लेकिन यही स्टाइल कभी-कभी टीम के लिए मुश्किल भी खड़ी कर देता है। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे का मानना है कि अभिषेक की टॉप ऑर्डर में आक्रामक मौजूदगी भारत की टी20 वर्ल्ड कप तैयारी को धार दे सकती है, क्योंकि इससे टीम किसी एक ओपनर पर जरूरत से ज्यादा निर्भर नहीं रहती। उन्होंने यह बात न्यूजीलैंड के खिलाफ विशाखापत्तनम टी20 में भारत की 50 रन की हार के बाद कही हालांकि सीरीज भारत पहले ही अपने नाम कर चुका था।
216 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए। पहली ही गेंद पर उन्होंने मैट हेनरी की गेंद को बाउंड्री के पार भेजने की कोशिश की, लेकिन डीप पॉइंट पर खड़े डेवोन कॉनवे के हाथों कैच दे बैठे। शुरुआती झटके के बाद टॉप ऑर्डर भी दबाव में दिखा और रनचेज की दिशा जल्दी ही बिगड़ती चली गई। सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन समेत अन्य बल्लेबाज भी सस्ते में आउट हुए, जिससे भारत की बल्लेबाजी गहराई और ‘प्लान-बी’ को लेकर सवाल उठने लगे।
क्रिकबज पर चर्चा के दौरान अजिंक्य रहाणे ने साफ कहा कि अभिषेक शर्मा जैसे हाई-इंटेंट बल्लेबाज के साथ यह उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है। उनके मुताबिक अभिषेक का खेल पूरी तरह जोखिम पर टिका है कभी वह पहली ही गेंद पर शून्य पर लौट सकते हैं और बड़े मंच, जैसे वर्ल्ड कप में भी यह संभावना बनी रहती है। लेकिन जब उनका टाइमिंग सेट हो जाए, तो वही बल्लेबाज अकेले दम पर मैच की स्क्रिप्ट बदल देता है। रहाणे ने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय बैटिंग सिर्फ एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं दिखी; सामूहिक रूप से यूनिट का इरादा और गहराई मजबूत रही। साथ ही उन्होंने टीम कॉम्बिनेशन पर अहम संकेत दिया 7 बल्लेबाजों के साथ खेलने और 8 बल्लेबाज रखने में दबाव की घड़ी में बड़ा फर्क पड़ता है।
अभिषेक का अंदाज टीम को तेज शुरुआत दिला सकता है, लेकिन अगर शुरुआत में विकेट गिरता है और साथ-साथ दूसरे टॉप ऑर्डर बल्लेबाज भी नहीं टिकते, तो बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम फंस सकती है। टी20 में यह ऑल-ऑर-नथिंग मॉडल कई बार मैच जिताता है, और कई बार मैच हाथ से निकलवा भी देता है। यही वो कमी है जिसे बड़े टूर्नामेंट में विपक्षी टीम निशाना बना सकती है यानी शुरुआती ओवरों में विकेट गिरने के बाद रनचेज को स्थिर करने वाला भरोसेमंद “सेफ मोड”।
विशाखापत्तनम की नाकामी के बावजूद सीरीज में अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन दमदार रहा। चार मैचों में उन्होंने 152 रन बनाए हैं और वह तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उनका औसत 50.66 और स्ट्राइक रेट 266.66 रहा जो टी20 में किसी भी बल्लेबाज के लिए असाधारण माना जाता है। रायपुर टी20 में 14 गेंदों पर उनकी फिफ्टी ने दिखा दिया कि वह पावरप्ले के अंदर ही मैच का मिजाज बदलने का माद्दा रखते हैं। Abhishek Sharma