Ajinkya Rahane Retirement: अजिंक्य रहाणे ने अपने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि जिंदगी में हर चीज की एक शुरुआत होती है और एक समय के बाद उसका अंत भी आता है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें लगता है कि इंटरनेशनल क्रिकेट से हटने का सही समय आ गया है।

भारतीय क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। गुरुवार को रहाणे ने एक वीडियो शेयर कर अपने संन्यास का ऐलान किया। लेकिन इस दौरान वह खुद को भावुक होने से रोक नहीं पाए। अपनी क्रिकेट यात्रा को याद करते हुए रहाणे की आंखों में आंसू आ गए और कई बार वह बोलते-बोलते रुक गए। रहाणे का यह भावुक अंदाज देखकर क्रिकेट फैंस भी भावुक हो गए। करीब दो दशक तक भारतीय क्रिकेट का हिस्सा रहे रहाणे ने अपने सफर, संघर्ष और उन यादों को साझा किया जिन्होंने उन्हें एक सफल क्रिकेटर बनाया।
अजिंक्य रहाणे ने अपने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि जिंदगी में हर चीज की एक शुरुआत होती है और एक समय के बाद उसका अंत भी आता है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें लगता है कि इंटरनेशनल क्रिकेट से हटने का सही समय आ गया है। रहाणे ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी बल्लेबाजी में टाइमिंग को महत्व दिया है और अब उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के लिए भी सही समय को चुना है। उनके मुताबिक, यह फैसला आसान नहीं था लेकिन वह इस पल को सम्मान के साथ स्वीकार करना चाहते हैं।
रहाणे ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि बचपन में क्रिकेट खेलने का सपना उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा लक्ष्य था। उन्होंने बताया कि किस तरह वह शुरुआती दौर में प्रैक्टिस के लिए जाते थे और हर दिन भारतीय टीम की जर्सी पहनने का सपना देखते थे। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के सफर में उन्होंने हमेशा देश को खुद से ऊपर रखा। रहाणे ने कहा, पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ खेल को निभाने की कोशिश की और यही उनके लिए सबसे बड़ी संतुष्टि है।
संन्यास के दौरान रहाणे ने अपने फैंस के लिए खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें कई बार हार का सामना करना सिखाया। एक खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने मैच गंवाए, गलतियां भी कीं लेकिन एक जगह वह कभी नहीं हारे और वह थी फैंस का प्यार। अपनी भावुक बातों के दौरान रहाणे की आवाज भर आई। उन्होंने कहा कि फैंस ने हमेशा उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह स्वीकार किया और इसके लिए वह हमेशा उनके आभारी रहेंगे।
अजिंक्य रहाणे ने भारतीय क्रिकेट में करीब 20 साल का सफर तय किया। उन्होंने कहा कि बतौर खिलाड़ी उनका सफर भले ही खत्म हो रहा है, लेकिन क्रिकेट से उनका रिश्ता हमेशा बना रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में वह युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और अपने अनुभव साझा करने का काम करना चाहते हैं। रहाणे का मानना है कि क्रिकेट ने उन्हें जो सीख दी है, वह उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना चाहते हैं।
अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में शानदार योगदान दिया। उन्होंने 85 टेस्ट मैचों में 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनका शांत स्वभाव और मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने की क्षमता हमेशा उनकी पहचान रही। वनडे क्रिकेट में रहाणे ने 90 मैच खेले और 2962 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 3 शतक और 24 अर्धशतक लगाए। वहीं, टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 20 मुकाबलों में 375 रन बनाए। अजिंक्य रहाणे के करियर का सबसे यादगार पल 2020-21 ऑस्ट्रेलिया दौरा रहा। उस समय उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने में अहम भूमिका निभाई थी। एडिलेड टेस्ट में भारतीय टीम की हार के बाद रहाणे ने जिस तरह टीम को संभाला उसकी काफी तारीफ हुई थी। उनकी कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर टेस्ट सीरीज में हराकर इतिहास रचा था।
रहाणे ने अपने संन्यास के मौके पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA), अपने कोच, साथियों और आईपीएल फ्रेंचाइजियों का धन्यवाद किया। उन्होंने अपनी पत्नी, परिवार और उन सभी लोगों का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उनके पूरे सफर में उनका साथ दिया। परिवार का जिक्र करते समय रहाणे काफी भावुक नजर आए।
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